सीकर में साइबर ठगी के दो मामले, बुजुर्ग और महिला से लाखों ऐंठे
Jyoti Mahender Bhardwaj | Sept 19, 2026, 16:30 IST
सीकर साइबर ठगी: बुजुर्ग और महिला से लाखों की ठगी
सीकर में सीनियर सिटीजन कार्ड और क्रिप्टो निवेश के नाम पर दो लोगों से ठगी हुई। बुजुर्ग से 1.07 लाख और महिला से 1.94 लाख रुपए लिए गए। पुलिस जांच कर रही है।
समझें क्या है पूरा मामला
- सीकर जिले में साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं।
- सीनियर सिटीजन कार्ड बनाने का झांसा देकर बुजुर्ग से ठगी हुई।
- बुजुर्ग के बैंक खाते से 1.07 लाख रुपए निकाल लिए गए।
- एक महिला को क्रिप्टो में डबल प्रॉफिट का लालच दिया गया।
- महिला से प्रॉफिट निकालने के नाम पर 1.94 लाख रुपए लिए गए।
पुलिस ने दोनों मामलों में शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ठगी की रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर हुई है। अब पुलिस बैंक अकाउंट की डिटेल के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
सीनियर सिटीजन कार्ड का झांसा
कॉल करने वाले ने बुजुर्ग को सीनियर सिटीजन कार्ड के बारे में जानकारी दी। उसने बताया कि 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के कार्ड बनाए जा रहे हैं। इसके जरिए बैंकिंग से जुड़े कई फायदे मिलने का दावा किया गया।
बातचीत के दौरान आरोपी ने नथमल को अपने विश्वास में लेने की कोशिश की। इसके बाद उनसे ओटीपी की जानकारी पूछी गई। ओटीपी साझा किए जाने के बाद उनके बैंक खाते से 1.07 लाख रुपए निकल गए।
घटना के बाद नथमल ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस अब कॉल करने वाले व्यक्ति और रकम ट्रांसफर होने वाले खातों की जांच कर रही है।
ओटीपी साझा करने से निकले रुपए
ओटीपी बैंकिंग लेनदेन से जुड़ी संवेदनशील जानकारी होती है। इसे किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा करने पर खाते से रकम निकल सकती है। हालांकि, इस मामले में पुलिस की जांच के बाद ही पूरी प्रक्रिया स्पष्ट होगी।
बुजुर्गों को बैंक से जुड़ी किसी भी सुविधा की जानकारी सीधे शाखा या आधिकारिक माध्यम से लेनी चाहिए। फोन पर बैंक कर्मचारी बताने वाले व्यक्ति की पहचान की पुष्टि जरूरी है।
क्रिप्टो में डबल प्रॉफिट का लालच
महिला के अनुसार, साइबर ठगों ने क्रिप्टो में निवेश कराने के लिए उसका वॉलेट बनाया। इसके बाद वॉलेट में प्रॉफिट बढ़ने की जानकारी दिखाई गई। महिला को निवेश पर डबल प्रॉफिट मिलने का लालच दिया गया।
जब महिला ने प्रॉफिट की रकम निकालने की कोशिश की, तो उससे पैसे ट्रांसफर करवाए गए। अलग-अलग चरणों में उससे कुल 1.94 लाख रुपए लिए गए। इसके बावजूद उसे प्रॉफिट की कोई रकम नहीं मिली।
महिला ने इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस अब लेनदेन से जुड़े बैंक खातों और अन्य जानकारी की जांच कर रही है।
प्रॉफिट निकालने के नाम पर रकम ली
साइबर ठगी के मामलों में आरोपी कई बार प्रॉफिट, टैक्स या निकासी शुल्क का हवाला देते हैं। पीड़ित से अतिरिक्त रकम जमा कराने को कहा जा सकता है। इस मामले में भी प्रॉफिट निकालने के नाम पर पैसे लिए जाने की शिकायत है।
हालांकि, आरोपियों ने किस माध्यम से संपर्क किया और रकम कितने लेनदेन में भेजी गई, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस की जांच के बाद इस बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
बैंक खातों से आरोपियों तक पहुंचेगी पुलिस
जांच के दौरान लेनदेन की जानकारी और रकम प्राप्त करने वाले खातों की जांच की जा सकती है। इसके अलावा आरोपियों से जुड़े मोबाइल नंबर और अन्य डिजिटल जानकारी भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
पुलिस का अगला कदम बैंकिंग ट्रांजैक्शन की कड़ियों को जोड़ना होगा। इससे ठगी की रकम कहां गई और किन खातों में पहुंची, इसकी जानकारी मिल सकती है।
साइबर ठगी से बचने के लिए सावधानी
किसी भी व्यक्ति को ओटीपी, एटीएम पिन या बैंकिंग पासवर्ड नहीं बताना चाहिए। बैंक कर्मचारी आमतौर पर फोन पर संवेदनशील जानकारी मांगने की प्रक्रिया नहीं अपनाते।
क्रिप्टो निवेश में डबल प्रॉफिट का दावा भी सावधानी का संकेत हो सकता है। निवेश से पहले प्लेटफॉर्म और उसकी विश्वसनीयता की जांच जरूरी है। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर रकम ट्रांसफर करने से बचना चाहिए।
अगर बैंक खाते से अनधिकृत रकम निकलती है, तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। साइबर ठगी की शिकायत जल्द दर्ज कराने से कार्रवाई में मदद मिल सकती है।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
आरोपियों की पहचान, बैंक खातों और रकम के अंतिम गंतव्य की पुष्टि जांच के बाद होगी। पुलिस की कार्रवाई और आगे की जानकारी के आधार पर मामले में नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
पीड़ितों की शिकायत के बाद अब जांच का मुख्य फोकस डिजिटल लेनदेन पर है। बैंकिंग रिकॉर्ड के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
ये भी पढ़ें:-
भीलवाड़ा नगर निगम: भाजपा की जसवंत कंवर निर्विरोध निर्वाचित, बनीं नई महापौर
निकाय चनाव: विधायकों की मनमर्जी पर कांग्रेस का अंकुश, बदला टिकट वितरण पैटर्न
जयपुर निगम चुनाव, कैंडिडेट की सुविधा के लिए 15 केंद्रों पर खुलेंगे नामांकन ऑफिस
छत्तीसगढ़ में लाइब्रेरी से घर लौट रही युवती पर एसिड अटैक, चेहरे और शरीर का ऊपरी हिस्सा झुलसा, आरोपी फरार
By Umeshwari Baghel
एमपी कृषि विभाग में 3357 कर्मचारियों का प्रमोशन, CM मोहन यादव बोले-अब हर साल होगी DPC
By Sandeep Kumar
राहुल गांधी का अगला पड़ाव भोपाल होगा? वेटिंग शिक्षक के आंदोलन पर चिट्ठी लिखने के बाद दौरे की चर्चा तेज
By Atul Dwivedi
New Update: राजस्थान में CET को लेकर बड़ा बदलाव, लाखों युवाओं पर पड़ेगा सीधा असर
By Jyoti Mahender Bhardwaj
चित्तौड़गढ़: पुलिस की एंटी थेफ्ट टीम से इनामी बदमाश को छुड़ा ले गए साथी, वारदात में दो कांस्टेबल घायल
By Jageshwar prasad
खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय की VC पर सोशल मीडिया पोस्ट से विवाद, यूनिवर्सिटी ने आरोपों को बताया भ्रामक
By Umeshwari Baghel
त्योहार से पहले नहीं हटेंगी स्ट्रीट वेंडर्स की दुकानें, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग बनेगा ढाल, जानें कैसे
By Manya Jain