रिपोर्ट में खुलासा: एसएमएस अस्पताल में गर्भवती महिला की गलत खून चढ़ाने से हुई थी मौत

Ashish Bhardwaj | Jan 18, 2026, 15:40 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में जयपुर के एसएमएस अस्पताल में सात माह पूर्व हुई महिला की मौत की रिपोर्ट आ गई हैं। रिपाेर्ट में खुलासा हुआ हैं कि निवाई (टोंक) की गर्भवती महिला चैना देवी की मौत गलत खुन चढ़ाने से हुई है। जांच कमेटी ने डॉक्टर सहित पांच कर्मचारियों को दोषी माना है।

News In Short

  • जयपुर के एसएमएस अस्पताल में गलत खून चढ़ाने से गर्भवती महिला चैना देवी की मौत की हुई पुष्टि।
  • जांच रिपोर्ट में बताया गया कि एसओपी का पालन नहीं किया गया।
  • महिला को टीबी, निमोनिया और संक्रमण जैसी गंभीर बीमारियां भी थीं।
  • डॉक्टर सहित पांच कर्मचारियों को माना दोषी
  • संघ ने भविष्य में एक विशेषज्ञों से भरी कमेटी से जांच की मांग की है।

News In Detail

राजस्थान के जयपुर में स्थित एसएमएस अस्पताल में निवाई (टोंक) की 23 वर्षीय गर्भवती महिला चैना देवी की मौत गलत खून चढ़ाने के कारण हुई थी। जांच रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) का पालन नहीं किया गया था। इससें यह दुखद घटना हुई। महिला को टीबी, निमोनिया और संक्रमण जैसी गंभीर बीमारियां भी थीं। लेकिन, इन कारणों के बावजूद गलत खून चढ़ाने के कारण उसकी मौत हो गई।



रिपोर्ट में खुलासा

रिपोर्ट में बताया गया कि महिला का ब्लड ग्रुप टेस्ट फॉर्म पर दर्ज नहीं किया गया, और रिवर्स ग्रुपिंग टेस्ट भी नहीं किया गया, जो कि एसओपी का अनिवार्य हिस्सा है। इसके अलावा, क्रॉस मैचिंग टेस्ट भी सही से नहीं किया गया, और बिना पुष्टि किए ही ब्लड बैग जारी कर दिया गया। महिला के इलाज में संलिप्त कर्मचारियों की लापरवाही के कारण यह दुखद घटना घटित हुई।



दोषी पाए गए कर्मचारी

जांच कमेटी ने इस तरह पांच कर्मचारियों को दोषी पाया गया है



  • अली हैदर (ब्लड बैंक टेक्नीशियन) - रिवर्स ग्रुपिंग टेस्ट को नजरअंदाज किया और एसओपी के विपरीत प्रक्रिया की।
  • मो. नाहिद (ब्लड बैंक टेक्नीशियन) - क्रॉस मैचिंग टेस्ट सही से नहीं किया और बिना डॉक्टर के हस्ताक्षर के ब्लड बैग जारी कर दिया।
  • बच्चन यादव (नर्सिंग ऑफिसर) - ब्लड बैग को अपशिष्ट डिब्बे में फेंका, जबकि इसे ब्लड बैंक में परीक्षण के लिए भेजना चाहिए था।
  • डॉ. विवेक (ड्यूटी डॉक्टर) - एसओपी के विपरीत ब्लड बैग को नष्ट करने का आदेश दिया और वरिष्ठ डॉक्टरों को सूचित नहीं किया।
  • डॉ. देवराज आर्य (ब्लड बैंक प्रभारी) - कर्मचारियों की उचित मॉनिटरिंग नहीं की, जो कि उनके कर्तव्य का हिस्सा था।

विशेषज्ञों से हो जांच

अखिल राजस्थान लेबोरेट्री टेक्नीशियन कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह का कहना है कि जांच कमेटी में ब्लड ट्रांसफ्यूजन या संबंधित विशेषज्ञों को शामिल नहीं किया गया। उनका सुझाव है कि भविष्य में एक विशेषज्ञों से भरी कमेटी का गठन किया जाए। जिसमें एक आईएएस अधिकारी की अध्यक्षता हो ताकि इस प्रकार की घटनाओं की जांच सही तरीके से हो सके।



अस्पताल अधीक्षक ने नहीं दी प्रतिक्रिया

एसएमएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी से जब इस मामले पर प्रतिक्रिया लेने के लिए संपर्क किया गया, तो उन्होंने फोन पर कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है, और इस विषय में कोई टिप्पणी नहीं दी।



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