जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026: सुधा मूर्ति ने कहा-किताब इसलिए लिखी कि पोती हमारें संघर्ष को जान सके
Purshottam Kumar Joshi | Jan 17, 2026, 16:59 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026 में प्रसिद्ध साहित्यकार सुधा मूर्ति ने अपनी किताब "द मैजिकल ऑफ द लॉस्ट ईयररिंग्स" को लेकर कहा कि उन्होंने अपनी पोती के लिए लिखी है, ताकि वह अपने परिवार के संघर्ष और विभाजन के दर्द को समझ सके।
News In Short
- सुधा मूर्ति ने JLF 2026 में अपनी किताब "द मैजिकल ऑफ द लॉस्ट ईयररिंग्स" के माध्यम से भारत-पाक विभाजन की पीड़ा पर चर्चा की।
- किताब उन्होंने अपनी पोती नॉनी के लिए लिखी, ताकि वह अपने परिवार के इतिहास और संघर्ष को समझ सके।
- सुधा मूर्ति ने बच्चों को उपदेश के बजाय कहानियों के माध्यम से इतिहास सिखाने की अहमियत पर जोर दिया।
- उन्होंने विभाजन को एक गलत निर्णय बताया, जिसने लाखों जिंदगियों को प्रभावित किया।
- सुधा मूर्ति ने बच्चों को संघर्ष सहने की क्षमता और आत्मविश्वास का संदेश दिया।
News In Detail
सुधा मूर्ति ने कहा कि बच्चों को उपदेश देकर नहीं, बल्कि कहानियों के माध्यम से इतिहास सिखाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि अगर हम इतिहास नहीं जानेंगे तो भविष्य को भी नहीं समझ सकते।
विभाजन को एक गलत निर्णय बताते हुए सुधा ने कहा कि इससे लाखों जिंदगियां प्रभावित हुईं, खासकर सिंधी समुदाय को अपनी भाषा, संस्कृति और ज़मीन से हाथ धोना पड़ा। उन्होंने बच्चों को संघर्ष सहने की क्षमता और आत्मविश्वास का महत्व समझाया।
भारत-पाक विभाजन की पीड़ा
वरिष्ठ पत्रकार मंदिरा नायर ने सुधा मूर्ति से पूछा कि उन्होंने यह किताब अपनी पोती के लिए क्यों लिखी और क्यों इसमें भारत-पाक विभाजन को प्रमुखता दी। सुधा मूर्ति ने इसके पीछे की कहानी साझा करते हुए कहा कि यह किताब उन्होंने अपनी पोती नॉनी के लिए लिखी, जो लंदन में रहती है, ताकि वह अपने परिवार के संघर्ष और भूमि के इतिहास को समझ सके।
When Nooni stumbles upon a pair of old earrings, she unravels a tale of lost treasures, hidden histories, and family secrets. With ‘The Magic of the Lost Earrings,’ Sudha Murty, beloved author and master storyteller, weaves a deceptively simple tale that carries within it the… pic.twitter.com/myTiiuEl8Q
— jaipurlitfest (@JaipurLitFest) January 17, 2026
बच्चों को कहानी के माध्यम से शिक्षा
रिश्तों और संस्कृति की महत्वपूर्ण कहानी
बच्चों को संघर्ष सहने की क्षमता
विभाजन पर आने वाली पीढ़ी को संदेश
मुख्य बिंदू:
- जेएलएफ 2026:सुधा मूर्ति ने यह किताब अपनी पोती के लिए लिखी, ताकि वह अपने परिवार के इतिहास और संघर्ष को समझ सके, विशेष रूप से भारत-पाक विभाजन के बारे में।
- सुधा मूर्ति के अनुसार, बच्चों को इतिहास उपदेश के बजाय कहानियों के माध्यम से समझाया जाना चाहिए ताकि वे इसे महसूस कर सकें और गहराई से जान सकें।
- सुधा मूर्ति ने विभाजन को एक गलत निर्णय बताया, जिसने लाखों जिंदगियों को प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को विभाजन का इतिहास जानना चाहिए ताकि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava