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Photograph: (the sootr)
News In Short
1. राजस्थान के डूंगरगढ़-सरदारशहर-राजगढ़ स्टेट हाईवे पर 25 से अधिक खामियां पाई गईं
2. परिवहन विभाग ने सड़क निर्माण फर्म और टोल कंपनी का चालान किया
3. हाईवे पर सुरक्षा उपकरणों, झाड़ियों, और साइन बोर्ड की कमी थी
4. फर्म को खामियां सुधारने के लिए नोटिस जारी, फर्म है भाजपा विधायक राजेंद्र सिंह भांबू की
5. आरएसआरडीसी से जरूरी दस्तावेज अभी तक प्राप्त नहीं हुए
News In Detail
राजस्थान में 215 करोड़ की लागत से बनाए डूंगरगढ़-सरदारशहर-राजगढ़ स्टेट हाईवे -06 पर निरीक्षण के दौरान कई खामियां पाई गई हैं। इस पर परिवहन विभाग ने संबंधित निर्माण फर्म राजेंद्रसिंह भांबू इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड और टोल कलेक्शन कंपनी केकेसी का चालान किया। इस हाईवे पर 25 से अधिक कमियां मिलीं, जिनमें सड़क इंजीनियरिंग की खामियां, झाड़ियों का उगना, और साइन बोर्ड की कमी शामिल हैं। यह फर्म झुंझुनूं के भाजपा विधायक राजेंद्र सिंह भांबू की है।
हाईवे पर ये मिलीं खामियां
परिवहन निरीक्षक रोबिन सिंह ने बताया कि यह हाईवे 215 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ है। इसका डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड 30 जून 2020 से लेकर 29 जून 2026 तक है। निरीक्षण में यह पाया गया कि हाईवे पर एंबुलेंस, हाइड्रा क्रेन और हाईवे पेट्रोलिंग वाहन की कमी थी। ये किसी आपातकालीन स्थिति में जरूरी होते हैं। इसके घुमावदार रास्तों पर झाड़ियां उगी हुई थीं। यह चालक की दृश्यता को कम कर देती हैं।
सड़क पर सुरक्षा उपकरण नहीं
सड़क के किनारे थर्मो प्लास्ट व्हाइट लाइन, रात्रि रिफ्लेक्टर और राजगढ़ फ्लाइओवर के नीचे कोनवेक्स ग्लास जैसे महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरणों की कमी थी। इसके साथ ही ददरेवा धाम और तारानगर तक के रास्तों पर भी कोई सांकेतिक बोर्ड नहीं लगे थे। इन खामियों को लेकर सड़क निर्माण फर्म, टोल टैक्स कंपनी और आरएसआरडीसी को नोटिस जारी कर दिया गया है।
फर्म को दिया नोटिस
परिवहन अधिकारियों ने कहा कि सड़क निर्माण के लिए निर्धारित नियमों के तहत इन सुविधाओं का होना जरूरी था। हालांकि फर्म और संबंधित कंपनियों ने इन खामियों को दूर करने का आश्वासन दिया है। विशेष रूप से झाड़ियों की समय-समय पर कटाई की जाती है, लेकिन जब तक फर्म से सभी दस्तावेज नहीं मिलते, तब तक यह स्पष्ट नहीं हो सकेगा कि दोषी कौन है। स्टेट हाइवे बनाने वाली फर्म झुंझुनूं के भाजपा विधायक राजेंद्र सिंह भांबू की है।
दस्तावेजों की कमी
परिवहन निरीक्षक ने बताया कि सड़क निर्माण कंपनी और टोल कंपनी के अलावा, राजस्थान राज्य सड़क विकास निगम (आरएसआरडीसी) से अभी तक अनुबंध और शर्तों की कॉपी प्राप्त नहीं हुई है, जिससे यह भी स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि जिम्मेदारी किसकी है।
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