श्रीगंगानगर नाबालिक दुष्कर्म मामला, दरिंदगी से पटरी पर लौटती जिंदगी
समझें क्या है पूरा मामला
- श्रीगंगानगर में दरिंदगी की शिकार 13 वर्षीय मासूम अब धीरे-धीरे सामान्य जीवन में लौट रही है।
- इलाज से शारीरिक घाव भरे, लेकिन मानसिक सदमा अभी भी बरकरार है।
- काउंसलिंग और परिवार के सहारे पीड़िता की पढ़ाई फिर शुरू कराने की कोशिश।
- मामले में अब तक 20 आरोपी गिरफ्तार, तीन होटलों में हुई थी वारदात।
- होटलों पर बुलडोजर कार्रवाई के बाद भी पूरी तरह ध्वस्त नहीं करने पर उठे सवाल।
श्रीगंगानगर में पांच दिन तक अलग-अलग होटलों में दरिंदगी की शिकार हुई 13 वर्षीय बालिका अब धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौट रही है। डॉक्टरों के इलाज से शरीर के घाव भर चुके हैं, लेकिन मानसिक सदमा अभी बाकी है।
परिवार और काउंसलर की मदद से उसे पढ़ाई और सामान्य दिनचर्या में लाने की कोशिश हो रही है। मामले में अब तक 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जिन तीन होटलों में यह घटना हुई, वहां प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं।
श्रीगंगानगर में पांच दिन तक अलग-अलग होटलों में कई लोगों की दरिंदगी का शिकार हुई 13 वर्षीय बालिका अब जिंदगी में फिर से मुस्कुराने की कोशिश कर रही है। डॉक्टरों के इलाज से उसके शरीर के घाव काफी हद तक भर चुके हैं।
लेकिन मन पर लगे जख्म अभी भी ताजा हैं। लगातार काउंसलिंग और परिवार के सहारे उसे सामान्य जीवन की ओर लौटाने का प्रयास किया जा रहा है।
पीड़िता की मौजूदा स्थिति
पीड़िता आज भी किसी अनजान व्यक्ति को देखकर सहम जाती है। किसी बाहरी व्यक्ति की आहट उसे असहज कर देती है। उसकी नाजुक मानसिक स्थिति को देखते हुए उससे घटना के बारे में सीधे बात करना उचित नहीं समझा गया।
परिजनों के अनुसार पहले की तुलना में उसकी हालत अब बेहतर है। लेकिन रात में वह कई बार अचानक उठकर रोने या चीखने लगती है। घर के बाहर किसी की पदचाप सुनते ही वह सतर्क हो जाती है।
किताबों के सहारे लौट रही सामान्य जिंदगी
पीड़िता की मां के अनुसार पहले वह मोबाइल पर सोशल मीडिया देखती थी। घटना के बाद उससे जुड़े कई भ्रामक वीडियो और पोस्ट वायरल होने लगे, जिसके चलते परिवार ने मोबाइल उससे दूर कर दिया।
अब उसका मन किताबों में लगाने की कोशिश की जा रही है। काउंसलर के सामने उसने पढ़ाई जारी रखने की इच्छा जताई। इसके बाद एक सामाजिक कार्यकर्ता की मदद से पास के स्कूल में उसके प्रवेश की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उसे किताबें भी उपलब्ध करा दी गई हैं, ताकि वह धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौट सके।
बुलडोजर चला, लेकिन होटल नहीं टूटे
इस मामले में जिला प्रशासन ने तीन होटलों पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की। लेकिन इन इमारतों को पूरी तरह ध्वस्त नहीं किया गया।
प्रशासन ने इसका कारण आसपास की इमारतों को नुकसान पहुंचने की आशंका बताया। हालांकि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद भवनों के खड़े रहने से कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।
कैसे हुई थी घटना
ग्रामीण क्षेत्र की यह 13 वर्षीय बालिका 18 जून को घर से लापता हो गई थी। 22 जून को वह हाउसिंग बोर्ड चौराहे स्थित एक होटल में गंभीर हालत में मिली।
पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया पर बने एक युवक से मिलने के लिए वह श्रीविजयनगर गई थी। जांच में सामने आया कि वहां युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
इसके बाद उसे श्रीगंगानगर के लिए बस में बैठा दिया गया। देर रात जब वह वहां पहुंची, तो एक रिक्शा चालक ने मदद के बहाने उसे एक होटल ले गया, जहां कई लोगों ने उसका शोषण किया।
जांच में यह भी सामने आया कि शहर के तीन अलग-अलग होटलों में उसका शोषण किया गया था। इस पूरे मामले में अब तक 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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