राजस्थान प्रशासन में अनोखा संयोग, ससुर-दामाद दोनों कलेक्टर, जानिए कौन हैं
Jageshwar prasad | Jul 11, 2026, 12:37 IST
ससुर-दामाद दोनों IAS, दोनों कलेक्टर
राजस्थान में बूंदी कलेक्टर हरफूल सिंह और बालोतरा कलेक्टर सुशील कुमार ससुर-दामाद हैं। दोनों आईएएस अधिकारी अलग-अलग जिलों की कमान संभाल रहे हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान ब्यूरोक्रेसी का दिलचस्प मामला, ससुर-दामाद दोनों IAS, दोनों कलेक्टर।
- बूंदी कलेक्टर हरफूल यादव और बालोतरा कलेक्टर सुशील कुमार हैं ससुर-दामाद।
- 55 साल के हरफूल यादव की 27वीं पोस्टिंग, बूंदी में संभाल रहे कमान।
- 2017 बैच के IAS सुशील कुमार ढाई साल से बालोतरा के कलेक्टर, 9वीं पोस्टिंग।
- ससुर-दामाद दोनों जिला कलेक्टर, राजस्थान प्रशासन में अनोखी मिसाल।
कौन हैं हरफूल सिंह?
इससे पहले हरफूल सिंह कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं। वर्ष 2021 में वे जयपुर विकास प्राधिकरण, यानी जेडीए (Jaipur Development Authority) में एडिशनल कमिश्नर रहे थे। उनकी लंबी सेवा राजस्थान प्रशासनिक तंत्र के कई अहम पदों तक फैली रही है। इतनी पोस्टिंग किसी भी अधिकारी के अनुभव को दर्शाती हैं।
कौन हैं सुशील कुमार?
उन्हें 5 जनवरी 2024 से बालोतरा में कलेक्टर के तौर पर पोस्ट किया गया है। यह उनके करियर की 9वीं पोस्टिंग है। बालोतरा कलेक्टर बनने से पहले सुशील कुमार अजमेर नगर निगम में आयुक्त के पद पर कार्यरत थे। उनका करियर भी विविध प्रशासनिक अनुभवों से भरा रहा है।
एक परिवार, दो जिलों की जिम्मेदारी
राजस्थान जैसे बड़े राज्य में जिलों की संख्या अधिक है, इसलिए आईएएस अधिकारियों की पोस्टिंग अक्सर बदलती रहती है। ससुर और दामाद का एक साथ कलेक्टर बनना प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह इत्तेफाक बताता है कि प्रशासनिक सेवा में पारिवारिक जुड़ाव भी कई बार दिलचस्प मोड़
ले लेता है।
जिलों का संक्षिप्त परिचय
आईएएस अधिकारियों की पोस्टिंग सामान्यतः राज्य सरकार द्वारा प्रशासनिक जरूरतों के आधार पर तय की जाती है। ऐसे में पारिवारिक रिश्तों का पोस्टिंग स्थान चयन से कोई सीधा संबंध नहीं होता। फिर भी यह संयोग आम लोगों और प्रशासनिक हलकों में उत्सुकता का विषय जरूर बना हुआ है।
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