रेगिस्तान में दौड़ी दुनियां की सुपर कार, 'द डेजर्ट स्टॉर्म' में लेम्बोर्गिनी रेवुएल्टो की भी दिखी रफ्तार

राजस्थान में रेगिस्तान के धोरों में 'द डेजर्ट स्टॉर्म' इवेंट का आयोजन हुआ। जैसलमेर के धोरों में दुनियां की महंगी सुपर कारों की रेस हुई। इस रेस में 13 करोड़ रूपए की लेम्बोर्गिनी रेवुएल्टो की रफ्तार देख लोग झूम उठे।

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Purshottam Kumar Joshi
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Photograph: (the sootr)

News in Short

  • जैसलमेर में 'द डेजर्ट स्टॉर्म' इवेंट का आयोजन हुआ।

  • 13 करोड़ रुपये की लेम्बोर्गिनी रेवुएल्टो कार प्रमुख आकर्षण रही।

  • 33 लोग शामिल, जिनमें प्रमुख कारोबारी और पर्यटक थे।

  • इवेंट का उद्देश्य राजस्थान के पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देना था।

  • जैसलमेर के धोरों और किलों पर सुपरकारों की रेस ने वैश्विक पहचान दिलाई।

News in Detail

राजस्थान में जैसलमेर के रेगिस्तानी धोरों में एक शानदार इवेंट का आयोजन हुआ। इसमें देश की महंगी सुपर कार धोरों में दौड़ती दिखीं। इस इवेंट को 'द डेजर्ट स्टॉर्म' नाम दिया गया है। इसमें दुनिया की सबसे महंगी कारों का काफिला शामिल हुआ। इन कारों की कीमत ढाई करोड़ रुपए से लेकर 13 करोड़ रुपए तक है।

सुपरकारें और उनकी विशिष्टता

इस आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण लेम्बोर्गिनी रेवुएल्टो रही। इसकी कीमत करीब 13 करोड़ रुपए है। इस कार का 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ने का समय महज ढाई सेकंड है। इसे देश की सबसे तेज़ कारों में से एक मानी जाती है। इसके अलावा काफिले में पोर्शे, जगुआर और बीएमडब्ल्यू जैसी सुपरकारें भी शामिल थीं।

‘द डेजर्ट स्टॉर्म’ का उद्देश्य

इस आयोजन का उद्देश्य राजस्थान के पर्यटन स्थलों को प्रमोट करना था। जैन रईस द्वारा आयोजित इस इवेंट में कुल 33 लोग शामिल हुए। इनमें मुंबई, पुणे और गुजरात के बड़े कारोबारी भी थे। जैन रईस ने इस इवेंट की शुरुआत 2019 में की थी। उनकी सोच थी कि सुपरकार ड्राइविंग को केवल एक शौक तक सीमित न रखकर इसे पर्यटन प्रचार से जोड़ा जाए।

चुनौतीपूर्ण स्थलों पर सुपरकार ड्राइविंग का अनुभव

जैन रईस का मानना है कि सुपरकारों को ऐसे स्थानों पर ले जाया जाना चाहिए, जहां का वातावरण और भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हों। जैसलमेर को चुनने का कारण यहां की रेगिस्तानी भूमि और ऐतिहासिक स्थल थे। इससे पहले, वे हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र के कास पठार और सिक्किम के गंगटोक जैसे स्थानों पर भी सुपरकार ड्राइविंग इवेंट आयोजित कर चुके हैं।

स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा

खुहड़ी डेजर्ट ट्रेल्स के सवाई सिंह सत्तो ने बताया कि उनका उद्देश्य जैसलमेर के पर्यटन को बढ़ावा देना है। जब ऐसी महंगी लग्जरी कारें यहां पहुंचती हैं और उनका प्रचार सोशल मीडिया पर होता है, तो इससे जैसलमेर का पर्यटन वैश्विक स्तर पर पहचाना जाता है।

महंगी कारों का प्रभाव

इस इवेंट में सुपरकार्स का जलवा देखने देशी और विदेशी पर्यटकों की भीड़ उमड़ी। इस आयोजन से जैसलमेर में पर्यटन को नई दिशा मिली है। इन कारों के दौड़ते हुए दृश्य और उनका सोशल मीडिया पर प्रचार, जैसलमेर के पर्यटन को न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में एक नई पहचान दिला रहा है। इन सुपरकारों के जरिए जैसलमेर के किले, धोरों और अन्य ऐतिहासिक स्थलों की सुंदरता वैश्विक स्तर पर दिखाई दे रही है।

राजस्थान के पर्यटन को मिली पहचान

जैसलमेर में 'द डेजर्ट स्टॉर्म' इवेंट ने न केवल सुपरकारों को देखा, बल्कि इसने राजस्थान के पर्यटन को भी एक नई ऊंचाई दी। इस इवेंट ने दर्शाया कि कैसे एक लग्जरी इवेंट स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा दे सकता है और एक नई पहचान दिला सकता है।

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