आईएएस अंबरीश कुमार को रेट से झटका, दूसरी बार किया तलब
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान में ट्रांसफर विवाद पर बड़ा प्रशासनिक मामला सामने आया।
- रेट ने सचिव आईएएस अंबरीश कुमार को दूसरी बार वारंट से तलब किया।
- अदालत के स्टे आदेश के बावजूद ट्रांसफर लागू रहने पर विवाद बढ़ा।
- सरोज मीणा की याचिका पर अवमानना कार्रवाई शुरू हुई।
- सचिव को अब 1 जुलाई को अदालत में पेश होना होगा।
खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग के शासन सचिव अंबरीश कुमार को राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण (रेट) ने दूसरी बार जमानती वारंट से तलब किया है। रेट की न्यायिक सदस्य पूनम दरगन और सदस्य प्रकाश चंद्र शर्मा की बैंच ने यह आदेश सरोज मीणा के प्रार्थना पत्र पर दिए।
अदालत ने पहली बार 8 जून को सम्मन के बावजूद पेश नहीं होने पर अंबरीश कुमार को जमानती वारंट से 12 जून को बुलाया था। लेकिन कार्यालय बंद होने की वजह से वारंट की तामील नहीं हो सकी। इसलिए अब बैंच ने फिर से जमानती वारंट जारी करके अंबरीश कुमार को एक जुलाई को तलब किया है।
न्यायिक आदेशों की अवहेलना
रेट ने कर्मचारी सरोज मीणा का ट्रांसफर पर स्टे कर दिया था लेकिन,विभाग ने ऑर्डर की पालना नहीं की थी। बैंच ने शासन सचिव अंबरीश कुमार को सम्मन जारी करते हुए 8 जून को उपस्थित होने को कहा था। लेकिन,सम्मन की तामील होने के बावजूद शासन सचिव उपस्थित नहीं हुए और ना ही अनुपस्थिति का कोई कारण बताया। बैंच ने इसे न्यायिक आदेश की अवहेलना माना है।
रेट के आदेशों की नहीं की थी पालना
विभाग ने फूड इंस्पेक्टर सरोज मीणा का ट्रांसफर कर दिया था। सरोज मीणा ने ट्रांसफर आर्डर को रेट में चुनौती दी थी। रेट ने ट्रांसफर आर्डर की पालना पर रोक लगा दी थी। रेट के स्टे ऑर्डर के बाद भी सरोज मीणा को पुराने पद पर जॉइन नहीं कराया गया।
इसके बाद प्रार्थिया सरोज मीणा ने रेट में अवमानना याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए रेट ने शासन सचिव को स्पष्टीकरण देने के लिए बेंच के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए थे, लेकिन शासन सचिव अंबरीश कुमार उपस्थित नहीं हुए। अब बेंच ने उन्हें दूसरी बार जमानती वारंट से 1 जुलाई को तलब किया है।
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