जोधपुर: सीएस ने स्वास्थ्य सेवाओं का लिया जायजा, मातृत्व सुरक्षा और नवाचार पर जोर
समझें क्या है पूरा मामला
- सीएस वी श्रीनिवास ने उम्मेद-एसएन मेडिकल कॉलेज की समीक्षा की।
- उम्मेद के कुल 5 हजार बेड, अकेले मातृ स्वास्थ्य के लिए 1100 बेड।
- बिलाड़ा, भोपालगढ़, ढावा में मजबूत होंगी स्वास्थ्य सेवाएं।
- अधूरे कार्यों की सूची हुई तैयार, निश्चित समय सीमा में होंगे पूरे।
- राजस्थान में सुरक्षित मातृत्व पर फोकस, प्रसव सखी योजना शुरू।
जोधपुर के उम्मेद अस्पताल और एसएन मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता राजस्थान के मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने की।
बैठक के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी दी और बताया किसरकार ने सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ बचपन को बढ़ावा देने के नवाचार किए हैं। उप-अस्पतालों को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। अधूरे कार्यों को निश्चित समय में पूरा करने का आदेश दिया गया है।
मातृत्व और बचपन पर विशेष फोकस
राजस्थान सरकार ने सुरक्षित मातृत्व और 'स्वस्थ बचपन' को बढ़ावा देने के लिए कई नवाचार लागू किए हैं। इसके तहतप्रसव सखीनामक नए प्रयोग की शुरुआत की गई है।इसके अलावा उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की निरंतर निगरानी की जा रही है।
नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल के लिएकंगारू देखभाल(त्वचा से त्वचा का स्पर्श) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रत्येक गर्भवती महिला के लिए कम से कम चार बार नियमित परामर्श और जांच की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया गया है।
उम्मेद अस्पताल पर भारी दबाव
उम्मेद अस्पताल में मरीजों का भारी दबाव रहता है। अस्पताल में कुल 5,000 बेड्स हैं, जिनमें से लगभग 1,100 बेड्स केवल मातृ स्वास्थ्य सेवा के लिए संचालित की जा रही हैं।
गंभीर स्थिति वाले बच्चों और माताओं की जान बचाने के लिए 24 घंटे ऑपरेशन थिएटर, उच्च निर्भरता इकाई और गहन चिकित्सा इकाई (ICU) क्रियाशील हैं। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, एनेस्थीसिया विभाग और चिकित्सा अधीक्षक समेत सभी चिकित्सक 24 घंटे मुस्तैदी से काम कर रहे हैं।
उप-अस्पताल होंगे मजबूत
आस-पास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर चर्चा हुई। बिलाड़ा, भोपालगढ़, ढावा, पीपाड़ शहर, ओसियां और बालेसर के उप-अस्पतालों में सेवाओं के विस्तार पर जोर दिया गया।
इन अस्पतालों में सहायक स्वास्थ्य कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधाओं को पूरी तरह सक्रिय किया जाएगा, जिससे मुख्य अस्पतालों पर मरीजों का भार कम हो सकेगा।
अधूरे कार्य होंगे पूरे
मुख्य सचिव ने बताया कि समीक्षा के दौरान अस्पताल से जुड़े अधूरे कार्यों की सूची प्राप्त हुई है। सरकार इन सभी लंबित परियोजनाओं को निश्चित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने अस्पताल के नेतृत्व और समस्त चिकित्सक दलों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। नई स्वास्थ्य नीति के तहत सरकार पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर काम कर रही है।
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