जिलाध्यक्षों पर बरसे पूर्व मंत्री विश्वेन्द्र सिंह, कांग्रेस में मची सियासी हलचल
समझें क्या है पूरा मामला
- विश्वेन्द्र सिंह ने भरतपुर और डीग में कांग्रेस का स्थायी कार्यालय न होने और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का लगाया आरोप।
- राहुल गांधी का जन्मदिन न मनाने पर विश्वेन्द्र सिंह ने जिलाध्यक्षों की सक्रियता को आड़े हाथों लिया
- आरोपों के बाद भरतपुर जिलाध्यक्ष दिनेश सूपा ने सोशल मीडिया पर अखबार की कटिंग साझा कर दिया जवाब।
- सातों विधानसभा सीटें हार चुकी कांग्रेस में अपनों को तवज्जो न मिलने से भी देखी जा रही है पूर्व मंत्री की नाराजगी।
राजस्थान में भरतपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य व पूर्व मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने अप्रत्यक्ष रुप से भरतपुर व डीग जिलों के कांग्रेस अध्यक्षों पर सवाल उठाया है। सोशल मीडिया पर उनकी पोस्ट के बाद से भरतपुर व डीग के साथ ही प्रदेश कांग्रेस में भी हलचल हो गई है।
विश्वेन्द्र सिंह ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि भरतपुर और डीग दोनों जिलों में कांग्रेस कमेटियों के पास जिला मुख्यालय पर आज तक पार्टी का स्थायी कार्यालय तक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं होती और संगठन उनसे लगातार दूर होता जा रहा है।
विश्वेन्द्र सिंह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का जन्मदिन पर कोई आयोजन नहीं करने पर दोनों जिलाध्यक्षों को आडे हाथ लिया। उन्होंने लिखा कि यह दोनों जिलाध्यक्षों की कार्यप्रणाली व सक्रियता पर सवाल है कि उन्हें अपनी पार्टी के शीर्ष नेता का जन्मदिन तक याद नहीं है।
विश्वेद्र सिंह के निशाने पर भरतपुर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष दिनेश सूपा और डीग जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव सिंह की कार्यप्रणाली को सीधे निशाने पर आ गई है। सोशल मीडिया पर उनकी पोस्ट के बाद दोनों जिलों के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
कई कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि पार्टी के वरिष्ठ नेता ही जिला नेतृत्व से संतुष्ट नहीं हैं तो निकाय चुनाव, पंचायत राज चुनाव और भविष्य के विधानसभा चुनावों में संगठन को मजबूती कैसे मिलेगी।
चर्चा यह भी है कि भरतपुर और डीग जिला कार्यकारिणी में विश्वेन्द्र सिंह समर्थकों को अपेक्षित स्थान नहीं मिला है। ऐसे में उनकी यह नाराजगी संगठनात्मक असंतोष के रूप में भी देखी जा रही है।
भरतपुर जिला अध्यक्ष ने मनाया था राहुल का जन्मदिन
विश्वेन्द्र सिंह की पोस्ट के बाद दोनों जिलाध्यक्षों की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन,पोस्ट वायरल होने के कुछ समय बाद भरतपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश सूपा ने जवाब दिया।
उन्होंने राहुल गांधी का जन्मदिन मनाने संबंधी अखबारों की कटिंग अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा कर दीं। इसे राजनीतिक हलकों में विश्वेन्द्र सिंह के आरोपों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।
कांग्रेस का नहीं है एक भी विधायक
गौरतलब है कि भरतपुर और डीग की सातों विधानसभा सीटों पर कांग्रेस का एक भी विधायक नहीं है। स्वयं विश्वेद्र सिंह भी 2023 का विधानसभा चुनाव हार चुके हैं।
हालांकि भरतपुर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस की सांसद संजना जाटव निर्वाचित हैं और उनकी जीत में विश्वेन्द्र सिंह की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती रही है। हाल ही में जाट आरक्षण मुद्दे पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सकारात्मक रवैये की सार्वजनिक सराहना कर विश्वेन्द्र सिंह पहले भी राजनीतिक चर्चाओं में रहे थे।
पारिवारिक विवाद के कारण रहे चर्चा में
भरतपुर पूर्व राजघराने के सदस्य व कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे विश्वेद्र सिंह 2020 में सचिन पायलट के नेतृत्व में अशोक गहलोत के खिलाफ बगावत करने वालों में शामिल थे। उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त किया गया था।
हालांकि समझौता होने के बाद उन्हें पुन:मंत्री बना दिया था। सिंह पिछले कई साल से पारिवारिक विवाद के चलते चर्चा में रहे थे। हालांकि अब यह विवाद भी निपट गया है और वह अपने परिवार के साथ रह रहे हैं।
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