विधानसभा चुनाव में गहलोत का खर्चा पायलट से डबल, 32 विधायकों ने ऑनलाइन कैंपेन पर लाखों खर्चे, क्या कहती है ADR रिपोर्ट
Pooja Kumari | Feb 05, 2024, 11:32 IST
विधानसभा चुनाव में गहलोत का खर्चा पायलट से डबल, 32 विधायकों ने ऑनलाइन कैंपेन पर लाखों खर्चे, क्या कहती है ADR रिपोर्ट
राजस्थान विधानसभा चुनाव में विधायकों ने कितना पैसा खर्च किया, इसका हिसाब-किताब चुनाव आयोग को बताया है। अपने प्रचार में हर विधायक ने औसतन 22.53 लाख रुपए खर्च किए हैं।
JAIPUR. बीते विधानसभा चुनाव में राजस्थान के किस विधायकों ने कितना पैसा खर्च किया, इसका हिसाब-किताब चुनाव आयोग को बताया है। जानकारी के मुताबिक अपने प्रचार में हर विधायक ने औसतन 22.53 लाख रुपए खर्च किए हैं। इस मामले में बीजेपी के विधायक कांग्रेस से आगे रहे हैं। 50 फीसदी विधायकों ने पार्टी से एक भी पैसा चंदे में नहीं लिया।
बताया जाता है कि सीएम भजनलाल ने वसुंधरा राजे से लगभग डबल पैसा खर्च किया। वहीं कांग्रेस में अशोक गहलोत का खर्च सचिन पायलट से डबल है। रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा पैसे हीरालाल नागर ने खर्च किए और सबसे कम किरोड़ीलाल मीणा ने। वहीं ADR की रिपोर्ट में विधायकों के चुनाव खर्च को लेकर कई रोचक तथ्य सामने आए हैं। विधानसभा चुनावों में इस बार सबसे नया ट्रेंड सोशल मीडिया पर खर्च का देखने को मिला। ऐसे में पहली बार 200 में से 32 विधायकों ने सोशल मीडिया पर कैंपेन में लाखों रुपए खर्च करने का ब्यौरा चुनाव आयोग को दिया है।
बता दें कि चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव में 40 लाख रुपए की खर्च सीमा तय कर रखी है। ऐसे में सीएम भजनलाल शर्मा ने विधानसभा चुनावों में 32.51 लाख रुपए खर्च करना बताया है।वहीं पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने चुनाव प्रचार में 26 लाख रुपए खर्च किए हैं। वसुंधरा राजे ने 17.52 लाख, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जुली ने 30.96 लाख रुपए खर्च किए हैं। पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने 13.03 लाख रुपए में चुनाव लड़ा है। बड़े नेताओं ने पार्टी से चुनावों में पैसा नहीं लिया। RLP प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने 17.30 लाख चुनाव खर्च घोषित किया है।
डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने अपना चुनावी खर्च 16.36 लाख और प्रेम चंद्र बैरवा ने 14.97 लाख रुपए दिखाया है। 199 विधायकों ने बिना स्टार प्रचारकों, स्टार प्रचारकों के साथ रैलियों, जुलूस और बैठकों में पैसा खर्च करने का ब्यौरा दिया है। इनमें से 144 विधायकों ने घोषणा की है कि उन्होंने स्टार प्रचारकों के साथ रैली, जुलूस और बैठक करने पर पैसा खर्च किया है। इसमें पार्टी के खर्च के अलावा खुद का खर्च शामिल है। वहीं 55 विधायक ऐसे हैं जिन्होंने रैली, जुलूसों पर कोई पैसा खर्च नहीं किया। विधायकों को चुनाव खर्च का 9 प्रतिशत चंदा पार्टियों से, 78 प्रतिशत खुद विधायकों ने अपनी जेब से लगाया और 13 प्रतिशत दूसरे स्रोतों से मिला है। 158 विधायकों ने घोषणा की है कि उन्हें उनकी पार्टी से चंदा या दान मिला है। वहीं 41 विधायकों ने घोषणा की है कि उन्हें पार्टी से कोई मदद नहीं मिला है।
50 फीसदी विधायकों ने चुनाव आयोग को दिए गए खर्च के ब्यौरे में ये घोषणा की है कि उन्होंने किसी फर्म, कंपनी, व्यक्ति से चंदा, गिफ्ट, दान लिया है। दूसरी तरफ 100 विधायक ऐसे हैं जिन्होंने किसी भी कंपनी या व्यक्ति से चंदा या गिफ्ट नहीं लेने का दावा किया है। विधायकों ने चुनावों के दौरान सबसे ज्यादा खर्चा रैलियों और बैठकों में किया है। बिना स्टार प्रचारकों के रैलियों, सभाओं और नुक्कड़ बैठकों पर औसतन हर विधायक ने 8 लाख खर्च किए। वहीं पार्टीवार देखें तो कांग्रेस विधायकों ने औसतन 7.59 लाख, बीजेपी के हर विधयक ने 6.41 लाख रुपए, निर्दलीयों ने 8.81 लाख रुपए, बीएपी ने 8.91 लाख, आरएलपी ने 10.43 लाख रुपए, आरएलडी ने 2.51 लाख, बीएसपी ने 2.07 लाख औसत खर्च किए हैं।
सबसे अधिक पैसे किस विधायक ने खर्चे
विधानसभा चुनाव में किस विधायक ने कितने खर्चे
डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने खर्चे16.36 लाख रुपए
औसतन किस पार्टी ने कितने खर्च किए
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