32 करोड़ के सामान खरीदी में अधिकारियों को मंत्री का ok सर्टिफिकेट, कंपनियों से भी वसूली नहीं
VINAY VERMA | Mar 17, 2026, 10:00 IST
Photograph: (THESOOTR)
RAIPUR. 32 करोड़ के सामान की खरीदी में गड़बड़ी का मामला। अधिकारियों को मंत्री का मंजूरी, कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया गया, लेकिन कोई वसूली नहीं। जांच रिपोर्ट के बावजूद कार्रवाई नहीं।
News in short
- 32 करोड़ की गड़बड़ी में अधिकारियों को हरी झंडी।
- 6 कंपनियां ब्लैक लिस्टेड, पर वसूली नहीं।
- दूसरा फर्म बनाकर फिर से टेंडर में ले सकते है भाग।
- जांच कमेटी में खरीदी कमेटी के सदस्य शामिल।
News in detail
कार्रवाई के नाम पर विभाग में सप्लाई करने वाली 6 कंपनियों को जेम पोर्टल से ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। लेकिन, ना तो उन पर कोई कानूनी कार्रवाई की गई है और ना ही उन पर कोई फाइनेंशियल एक्शन लिया गया है।
क्या है पूरा मामला
सप्लाई एजेंसियों ने बच्चों के खिलौने थाली अलमारी अनाज की कोठी बेहद घटिया तरीके की सप्लाई की गई थी जब इसे लेकर शोर शराबा हुआ तो मंत्री ने कार्रवाई का आश्वासन देते हुए एक जांच कमेटी बनाई थी। पूरी खरीदी 32 करोड रुपए की बताई गई।
क्या पाया कमेटी ने
कमेटी ने इस बात को स्पष्ट किया कि सप्लाई किया हुआ सामान तय किए हुए सामान से बिल्कुल निम्न क्वालिटी का है। 15 दिनों जांच के बाद रिपोर्ट मंत्री लक्ष्मी रजवाड़ों को सौंप दी गई।
रिपोर्ट आने के बाद यह उम्मीद थी कि न केवल सप्लाई करने वाले फर्मों पर कार्रवाई होगी बल्कि अधिकारियों को भी दंडित किया जाएगा लेकिन मंत्री ने अधिकारियों को हरी झंडी दे दी।
इन अधिकारियों ने की जांच
खरीदी की प्रक्रिया जानिए...
खरीदी प्रक्रिया के लिए अधिकारियों की एक कमेटी बनाई जाती है। जो टेंडर के शर्त बनाने से लेकर के सामान की सप्लाई तक का जिम्मा उठती है। गड़बड़ी होने पर भी उनकी ही गलती मानी जाती है। लेकिन, मंत्री कह रही कि अधिकारियों की कोई गलती ही नहीं।
इन एजेंसियों को किया गया ब्लैक लिस्ट
खरीदी कमेटी के जिम्मेदार अधिकारी
टेक्निकल सपोर्ट के लिए अन्य लोग शामिल किए गए थे। लेकिन चर्चा यह है कि यह कमेटी केवल नाम भर की थी। सूत्रों के अनुसार खरीदी के सारे निर्देश मंत्री बंगले से ही आते थे। शायद अधिकारियों पर इसीलिए कार्रवाई नहीं की गई।
खरीदी की राशि हो गई कम
अधिकारियों ने घोटाला उजागर किया था: मंत्री
सप्लाई करने से पहले सभी सामानों की गुणवत्ता जांची गई थी। शिकायत मिलने पर अधिकारियों के द्वारा ही जांच की गई और घटिया सामान सप्लाई का मामला उजागर हुआ।
ये खबरें भी पढ़ें...
छत्तीसगढ़ की नदियों के संरक्षण पर हाईकोर्ट सख्त, कहा- 'सिर्फ अफसरों की फौज से नहीं बचेंगी नदियां'
कांग्रेस ने बनाई छत्तीसगढ़ विधानसभा के घेराव की योजना, 17 मार्च को प्रदर्शन
सेठजी के नाम पर तेज हुई सियासत, 60 साल बाद बदल दिया किरोड़ीमल कॉलेज का नाम,ओपी ने लिखा साहेब को पत्र
गरियाबंद में पुलिस टीम पर जानलेवा हमला, शराब कारोबारियों ने लाठी-डंडों से पीटा
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari