निरंतर मेहनत और खुद पर भरोसा है भोपाल के आईएएस अभिषेक सराफ का सक्सेस मंत्र

Abhilasha Saksena Chakraborty | Jan 20, 2026, 14:55 IST
IAS Abhishek Saraf
आईएएस अभिषेक सराफ ने बिना कोचिंग, सही रणनीति और निरंतर अभ्यास के बल पर यूपीएससी 2020 में ऑल इंडिया 8वीं रैंक हासिल की। वो मानते हैं कि आत्मविश्वास, परिवार का सहयोग और मजबूत टाइम मैनेजमेंट से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

सही रणनीति और निरंतर अभ्यास के बल पर आईएएस अभिषेक सराफ ने यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा में ऑल इंडिया 8वीं रैंक हासिल की। मध्यम वर्गीय परिवार से आने वाले अभिषेक ने बिना किसी कोचिंग के यह मुकाम हासिल किया। उनका मानना है कि सफलता की असली कुंजी परिवार का सहयोग, आत्मविश्लेषण और खुद पर भरोसा है।



मां का संघर्ष बना सबसे बड़ी ताकत

अभिषेक मध्य प्रदेश के भोपाल के रहने वाले हैं। जब अभिषेक महज 10 महीने के थे, उनके पिता, आर्किटेक्ट अरविंद सराफ का निधन हो गया था। इसके बाद उनकी मां प्रतिभा सराफ ने अकेले ही पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाली। अभिषेक कहते हैं कि मां ने मुझे चलना सिखाया और आज मैं दौड़ रहा हूं। अभिषेक के बड़े भाई अनिमेष सराफ वर्तमान में गूगल में बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर के रूप में कार्यरत हैं।



2ac11f39-ec7


ये भी पढ़ें:



IAS टीना डाबी की पक्की सहेली अर्तिका शुक्ला भी कर चुकी हैं कमाल, MD की पढ़ाई छोड़ी और...



आईआईटी से आईएएस तक का सफर

अभिषेक बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल थे। उन्होंनें आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने तय कर लिया था कि उन्हें आईएएस बनना है। चौथे वर्ष में पहुंचते ही उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी और पूरा फोकस उसी पर रखा। आईएएस बनने का भरोसा इतना मजबूत था कि उन्होंने आईआईटी में रहते हुए प्लेसमेंट प्रक्रिया में भी हिस्सा नहीं लिया।



नौकरी छोड़कर तैयारी का फैसला

वर्ष 2014 में इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया छठी रैंक हासिल कर वे असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव आर्किटेक्ट बने। नौकरी के दौरान उन्हें एहसास हुआ कि सीखने और समाज के लिए करने की संभावनाएं कहीं ज्यादा व्यापक हैं। इसी वजह से नौकरी छोड़कर यूपीएससी की तैयारी की।



ये भी पढ़ें:



एमपी में 26 IAS के तबादले, पर्यटन की जिम्मेदारी इलैयाराजा टी संभालेंगे, तरूण कमिश्नर ट्राइबल, धनराजू स्वास्थ्य आयुक्त बने



चौथा प्रयास बना निर्णायक

अभिषेक चौथे प्रयास में आईएएस बने। इससे पहले 2017 में 402वीं रैंक के साथ उनका चयन इंडियन डिफेंस अकाउंट्स सर्विस में हुआ था। 2018 में वे 248वीं रैंक लेकर आईआरएस में चुने गए, लेकिन उनका लक्ष्य इससे कहीं आगे था। उन्होंने एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी लीव ली, ताकि बिना किसी व्यवधान के यूपीएससी की तैयारी कर सकें। लगातार प्रयास और सुधार के साथ आखिरकार 2020 में उन्होंने आईएएस बनने का सपना पूरा किया।



बिना कोचिंग के की तैयारी

अभिषेक बताते हैं कि उन्होंने कभी किसी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। हालांकि इंटरव्यू की तैयारी के लिए वे मॉक इंटरव्यू देते थे। उनके अनुसार ऑनलाइन संसाधन, टॉपर्स की उत्तर-पुस्तिकाएं और साथियों के साथ चर्चा कहीं ज्यादा प्रभावी होती है। आत्ममंथन और फीडबैक को वे तैयारी का अहम हिस्सा मानते हैं।



ऑप्शनल में रखा अपने विषय पर भरोसा

यूपीएससी की तैयारी में उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग को ही ऑप्शनल विषय चुना। कई लोगों ने विषय बदलने की सलाह दी, लेकिन अभिषेक ने अपने मजबूत पक्ष पर भरोसा बनाए रखा। उनका कहना है कि जिस विषय में रुचि और समझ हो, उसमें बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है।



ये भी पढ़ें:



आईएएस डॉ सौरभ सोनवणे: प्रशासन में किताबी ज्ञान नहीं, ऑन-द-स्पॉट निर्णय क्षमता आती है काम



उत्तर लेखन में डेटा और संतुलन जरूरी

अभिषेक का मानना है कि उत्तरों में तथ्यों और आंकड़ों का सही और अद्यतन उपयोग बेहद जरूरी है। इससे उत्तर मजबूत और विश्वसनीय बनते हैं। साथ ही वे युवाओं को सलाह देते हैं कि किसी भी उत्तर या निबंध में संतुलन बनाए रखें और दोनों पक्षों को जगह दें। केवल नया पढ़ने के बजाय पढ़े हुए कंटेंट को और मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए।



68f3cad6-763


टाइम मैनेजमेंट को बनाया हथियार

मेन्स परीक्षा में समय प्रबंधन को उन्होंने सबसे अहम माना। 10 अंकों के प्रश्न के लिए 7 मिनट और 15 अंकों के प्रश्न के लिए 11 मिनट तय कर उन्होंने सभी सवाल क्रमवार हल किए।



बीच-बीच में ब्रेक लेना जरूरी

वे बताते हैं कि वे रात में नियमित रूप से सात से आठ घंटे की नींद जरूर लेते थे और इसके अलावा दिन में जरूरत पड़ने पर छोटे-छोटे पावर नैप भी करते थे। इतना ही नहीं, हर पंद्रह दिन में पढ़ाई से ब्रेक लेकर वे किसी ऐसे काम में समय बिताते थे, जिसे करना उन्हें पसंद था, ताकि मानसिक ऊर्जा बनी रहे।



खुद को मोटिवेटेड रखना जरूरी

वे अन्य उम्मीदवारों को सलाह देते हैं कि इस क्षेत्र में कदम रखने से पहले खुद को मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक रूप से पूरी तरह तैयार कर लें। यह यात्रा हर स्तर पर आपकी परीक्षा लेती है और कई बार आपको पूरी तरह थका देने वाली भी हो सकती है।


बीच-बीच में ऐसे मुश्किल दौर आते हैं, जब मजबूत प्रेरणा न हो तो हार मानने का मन करने लगता है। इसलिए बेहतर यही है कि इस राह को चुनने से पहले इसके सभी पक्षों फायदे और चुनौतियों को अच्छी तरह समझ लें।



ये भी पढ़ें:



प्रशासक नहीं बनते तो शिक्षक बनकर बच्चों का भविष्य संवारते आईएएस सौरभ कुमार सुमन



डॉक्यूमेंट्री देखने के हैं शौकीन

पढ़ाई के अलावा अभिषेक को डॉक्यूमेंट्री देखने का शौक है। उनका मानना है कि इससे दुनिया की रोचक इंजीनियरिंग परियोजनाओं और सामाजिक संरचनाओं को समझने में मदद मिलती है।



विवादों में भी रहे

हाल ही में IAS Abhishek Saraf विवादों में भी घिरे रहे। दरअसल, कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान अधिवक्ता कपिल शिवहरे अपने पक्षकार के साथ पहुंचे थे। आरोप है कि जिला पंचायत के सीईओ अभिषेक सराफ ने उनका आवेदन लेने से इनकार कर दिया। यह मामला भूमि विवाद से जुड़ा था, जिसमें संबंधित महिला ने लंबे समय से सीमांकन के लिए आवेदन कर रखा था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई थी और पड़ोसियों द्वारा बाधा डालने के आरोप भी लगाए गए थे। वकील का कहना है कि जब उन्होंने अधिकारी को उनके दायित्व की याद दिलाई तो जवाब में अपमानजनक लहजे में बात की गई और आवेदन न लेने की बात कही गई। आरोप यह भी है कि अधिकारी ने पक्षकार को उनके सामने भड़काने की कोशिश की, जिससे मानसिक पीड़ा हुई।

करियर एक नजर

नाम: आईएएस अभिषेक सराफ

जन्म: 17-8-1991

जन्मस्थान: भोपाल

एजुकेशन: बीटेक

बैच: 2020

कैडर: मध्य प्रदेश

पदस्थापना

आईएएस अभिषेक सराफ वर्तमान में बालाघाट जिला पंचायत सीईओ के पद पर कार्यरत हैं। अभिषेक कहते हैं कि यूपीएससी केवल ज्ञान की नहीं, बल्कि ईमानदार, संतुलित और विनम्र व्यक्तित्व की परीक्षा है। निरंतर मेहनत, सही रणनीति और खुद पर भरोसा, यही उनकी सफलता का मूल मंत्र रहा।



FAQ

  1. अभिषेक सराफ ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में कौन-सी रैंक हासिल की?
    अभिषेक सराफ ने वर्ष 2020 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 8वीं रैंक हासिल की और आईएएस बने।
  2. क्या अभिषेक सराफ ने यूपीएससी की तैयारी के लिए कोचिंग ली थी?
    नहीं, उन्होंने किसी भी कोचिंग संस्थान से तैयारी नहीं की। वे ऑनलाइन संसाधनों, टॉपर्स की कॉपियों, सेल्फ-स्टडी और मॉक इंटरव्यू पर निर्भर रहे।
  3. अभिषेक सराफ ने यूपीएससी में कौन-सा ऑप्शनल विषय चुना था?
    उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग को ही अपना ऑप्शनल विषय चुना, जो उनका ग्रेजुएशन सब्जेक्ट भी था।

(प्रोफाइल 341- 2 मार्च 2026 तक अपडेट)

Tags:
  • मध्य प्रदेश
  • IAS
  • यूपीएससी
  • यूपीएससी सिविल सर्विसेज
  • आईएएस अभिषेक सराफ