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News in Short
- अर्तिका शुक्ला ने साल 2015 की यूपीएससी परीक्षा में बिना कोचिंग के ऑल इंडिया 4th रैंक प्राप्त की थी।
- उन्होंने मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया था और एमडी की पढ़ाई छोड़कर आईएएस बनीं।
- वे देश की सबसे चर्चित आईएएस टीना डाबी की बहुत करीबी सहेली हैं।
- वर्तमान में वे अलवर की जिला कलेक्टर हैं, इससे पहले वे दूदू जिले की कलेक्टर भी रह चुकी हैं।
- उनके पिता डॉक्टर हैं और उनके दोनों बड़े भाइयों ने भी यूपीएससी परीक्षा पास की है।
News in Detail
Rajasthan. राजस्थान के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों IAS टीना डाबी की बेहद खास सहेली की चर्चा जोरों पर है। हम बात कर रहे हैंआईएएस अर्तिका शुक्ला की, जिन्होंने न केवल अपनी दोस्ती बल्कि अपनी अनोखीप्रतिभा से भी देशभर में पहचान बनाई है। वर्तमान में अलवर की जिला कलेक्टर के रूप में तैनात अर्तिका की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो बड़े सपनों का पीछा करते हैं।
दोस्ती और सफलता की मिसाल
अर्तिका शुक्ला और टीना डाबी का रिश्ता केवल एक ही बैच का होने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे दोनों पक्की सहेलियां भी हैं। साल 2015 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा इन दोनों के लिए ऐतिहासिक रही।
जहां टीना डाबी ने इस परीक्षा में फर्स्ट रैंक हासिल किया, वहीं उनकी सहेली अर्तिका शुक्ला ने पूरे देश में चौथी रैंक लाकर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया।
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पिता से इंस्पायर्ड हुई अर्तिका
उत्तर प्रदेश के वाराणसी की रहने वाली अर्तिका एक शिक्षित और संपन्न परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता बृजेश शुक्ला पेशे से डॉक्टर हैं और मां लीना शुक्ला एक कुशल गृहणी हैं।
अर्तिका ने भी शुरुआत में अपने पिता की तरह चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने का फैसला किया था। उन्होंने दिल्ली के मशहूर मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज से MBBS की डिग्री हासिल की।
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एमडी की पढ़ाई बीच में छोड़ चुनी सिविल सेवा
अर्तिका जब पीजीआईएमईआर (PGIMER) से अपनी एमडी की पढ़ाई कर रही थीं, तभी उनके जीवन में एक बड़ा मोड़ आया। उनके बड़े भाई गौरव शुक्ला, जो खुद एक आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने अर्तिका को सिविल सेवा में जाने की सलाह दी। भाई के सुझाव और समाज सेवा के जज्बे को देखते हुए अर्तिका ने एमडी की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी और यूपीएससी की तैयारी में जुट गईं।
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फर्स्ट अटेम्पट में बनी IAS अधिकारी
अर्तिका शुक्ला की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि उन्होंने इस कठिन परीक्षा के लिए कोई भी कोचिंग नहीं ली। उन्होंने खुद पर भरोसा रखा और सेल्फ स्टडी के दम पर साल 2015 में अपने पहले ही प्रयास में चौथी रैंक हासिल कर ली। अर्तिका के परिवार में केवल वही नहीं, बल्कि उनके दोनों भाई गौरव शुक्ला और उत्कर्ष शुक्ला भी यूपीएससी परीक्षा पास कर चुके हैं।
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राजस्थान कैडर में प्रशासनिक जिम्मेदारियां
आईएएस बनने के बाद अर्तिका को राजस्थान कैडर मिला। वे वर्तमान में अलवर जिले की कलेक्टर हैं। इससे पहले उन्होंने राजस्थान के दूदू जिले की जिला कलेक्टर और अलवर में यूआईटी (UIT) सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहकर अपनी प्रशासनिक कुशलता साबित की हैं। सोशल मीडिया पर भी उनकी सादगी और कार्यशैली के कारण उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग है।
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