डायबिटीज के लिए आई दवा वेगोवी बन गई मोटापे का समाधान

CHAKRESH | Jul 15, 2025, 13:32 IST
Share
vegovy-launch-india-weight-loss-treatment
vegovy-launch-india-weight-loss-treatment

नोवो नॉर्डिस्क ने भारतीय बाजार में वेगोवी दवा लॉन्च की है, जो मोटापे के इलाज में मददगार है और इसके उपयोग से वजन में कमी आती है। आइए जानें क्या है ये पूरा मामला...

भारत, जो कभी कुपोषण और अल्पपोषण का शिकार था, अब एक नई स्वास्थ्य चुनौती का सामना कर रहा है- मोटापा। पिछले तीन दशकों में, भारतीय जीवनशैली में काफी बदलाव आया है, जिससे मोटापे की दर में विस्फोटक वृद्धि हो गई है।

भारत में अब मोटापा केवल एक व्यक्तिगत समस्या नहीं है, बल्कि यह सामाजिक-आर्थिक और राष्ट्रीय स्तर पर एक गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। यह समस्या लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रही है और देश की अर्थव्यवस्था पर भी बोझ बढ़ा रही है।

देश के लिए साइलेंट महामारी

मोटापा भारत के लिए एक "साइलेंट महामारी" बन चुका है। आंकड़ों के अनुसार, 1990 में भारत में लगभग 5.3 करोड़ लोग अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त थे, जो 2021 तक बढ़कर 23.6 करोड़ हो गए। अगर यही रफ्तार जारी रही तो 2050 तक यह संख्या 52 करोड़ से अधिक हो सकती है, जो दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा होगा।

बड़े रोगों की जड़ है मोटापा

मोटापे की बढ़ती दर के कारण भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र पर दबाव बढ़ रहा है। मोटापे के कारण लोगों को हार्ट, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, और हृदय संबंधी अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

इसके अलावा, यह समस्या कामकाजी जीवन को भी प्रभावित करती है और रोजगार में कमी का कारण बनती है। इस समस्या का समाधान अब नई दवाओं के जरिए किया जा सकता है, और इसी दिशा में नोवो नॉर्डिस्क ने एक बड़ा कदम उठाया है।

क्या है वेगोवी जो बन गई है नई उम्मीद

डेनमार्क की दिग्गज फार्मा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क ने अपनी वजन घटाने वाली दवा वेगोवी (Wegovy) को भारतीय बाजार में लॉन्च किया है।

यह दवा, जो पहले ही वैश्विक बाजार में लोकप्रिय हो चुकी है, अब भारतीयों के लिए उपलब्ध होगी। वेगोवी एक प्रभावी समाधान प्रदान करने का दावा करती है, जो मोटापे से ग्रस्त व्यक्तियों के लिए नया जीवनदान हो सकता है।

यह दवा, जो पेन डिवाइस के रूप में उपलब्ध होगी, पांच अलग-अलग खुराकों में आएगी। यह उन लोगों के लिए एक सरल और यूजर फ्रेंडली तरीका प्रदान करेगी, जो अपने वजन को नियंत्रित करना चाहते हैं।

नोवो नॉर्डिस्क के भारत में प्रबंध निदेशक विक्रांत ने इस दवा के लॉन्च के अवसर पर कहा, "मोटापा अब केवल एक व्यक्तिगत समस्या नहीं है, बल्कि यह एक राष्ट्रीय महामारी है। हमें इसे गंभीरता से लेना होगा।"

मोटापे की दवा वेगोवी के काम करने का तरीका क्या है



वेगोवी में सेमाग्लूटाइड (Semaglutide) नामक एक घटक होता है, जो ग्लूकागन जैसा पेप्टाइड-1 (GLP-1) रिसेप्टर एगोनिस्ट है। यह दवा शरीर के प्राकृतिक हार्मोन की तरह काम करती है, जो भूख को नियंत्रित करता है और मस्तिष्क को यह संकेत भेजता है कि शरीर को ऊर्जा की आवश्यकता नहीं है। इससे व्यक्ति को कम भोजन की आवश्यकता महसूस होती है, और वे वजन घटाने में सफल होते हैं।

हार्ट की बीमारियों पर भी कारगर है वेगोवी दवा

अध्ययनों से यह भी साबित हुआ है कि वेगोवी का सेमाग्लूटाइड घटक हृदय संबंधी घटनाओं के जोखिम को 20% तक कम कर सकता है और सभी कारणों से होने वाली मृत्यु के जोखिम को 19% तक घटा सकता है। इसके अलावा, यह लीवर में वसा के निर्माण को 63% रोगियों में ठीक कर सकता है और 37% मामलों में लीवर फाइब्रोसिस में सुधार कर सकता है।

वेगोवी की कीमत और अन्य विकल्प

वेगोवी के बाजार में आने के बाद, यह उन दो प्रमुख वजन घटाने वाली दवाओं में से एक बन गई है, जिन्हें भारतीय अब चुन सकते हैं। दूसरी प्रमुख दवा एली लिली की मौनजारो (Mounjaro) है, जो भी मोटापे के इलाज के लिए इस्तेमाल होती है। हालांकि, वेगोवी की कीमत मौनजारो से थोड़ी अधिक है। वेगोवी के तीन कम खुराक वाले वेरिएंट (0.25mg, 0.5mg, और 1mg) की कीमत 17,345 रुपए प्रति माह है, जबकि 1.7mg की खुराक की कीमत 24,280 रुपए प्रति माह है। उच्चतम 2.4mg खुराक की कीमत 26,015 रुपए प्रति माह होगी। इसके मुकाबले, मौनजारो की कीमत 3,500 रुपए से लेकर 4,375 रुपए तक है, जो प्रति माह लगभग 14,000 से 17,500 रुपए के बीच होती है।

डायबिटीज के लिए आई दवा मोटापे का समाधान बन गई

आंकड़े बताते हैं कि अमेरिका और यूरोप में मोटापे के इलाज में काफी बदलाव आया है। 2021 में, अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने वेगोवी को विशेष रूप से वजन घटाने के इलाज के रूप में मंजूरी दी थी।

अध्ययनों से यह साबित हुआ है कि वेगोवी लेने वाले लोगों का वजन औसतन 15% तक कम हो जाता है। कुछ मामलों में यह 20% तक भी घट सकता है, जो कि बेरियाट्रिक सर्जरी से होने वाले वजन घटाने के बराबर है।

नोवो दी दवा वेगोवी के यूरोप में कैसे रिजल्ट रहे हैं

नोवो नॉर्डिस्क की वजन घटाने वाली दवा वेगोवी (Wegovy) ने यूरोप में लॉन्च के बाद जबरदस्त सफलता हासिल की है।
क्लीनिकल और रियल वर्ल्ड परिणाम

  • वजन घटाने के परिणाम: यूरोप में वेगोवी के उपयोगकर्ताओं ने औसतन अपने शरीर का 15% तक वजन कम किया है, और करीब एक-तिहाई मरीजों ने 20% तक वजन घटाया—यह बेरियाट्रिक सर्जरी के प्रभाव के बराबर है (यह आंकड़े अमेरिका और यूरोप दोनों के क्लीनिकल ट्रायल्स और रियल वर्ल्ड डेटा से मेल खाते हैं)।
  • हृदय जोखिम में कमी: वेगोवी के मुख्य घटक सेमाग्लूटाइड से हृदय संबंधी जोखिम (जैसे हार्ट अटैक, स्ट्रोक) में भी 20% तक कमी देखी गई है, जो यूरोपीय मरीजों के लिए एक बड़ा लाभ है।
  • अन्य फायदे: लिवर फैट में कमी, लीवर फाइब्रोसिस में सुधार और टाइप 2 डायबिटीज़ के जोखिम में भी कमी देखी गई है।

भारत में मोटापे का बढ़ता प्रभाव

इधर भारत में मोटापे की समस्या काफी गंभीर है। शहरीकरण, अस्वास्थ्यकर आहार, शारीरिक गतिविधि में कमी और तनावपूर्ण जीवनशैली के कारण मोटापे का स्तर लगातार बढ़ रहा है।

हाल ही में हुए अध्ययनों के अनुसार, भारतीय महिलाएं और पुरुष अधिक वजन या मोटापे से जूझ रहे हैं। भारतीय समाज में अस्वास्थ्यकर खाद्य आदतें जैसे तले-भुने और प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन बढ़ रहा है और इस वजह से मोटापे की दर में इजाफा हो रहा है।

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के अनुसार, 24% महिलाएं और 22.9% पुरुष अधिक वजन या मोटापे से प्रभावित हैं। इसके अलावा, बच्चों में भी मोटापे की समस्या बढ़ रही है। 5-19 साल की उम्र के 1 करोड़ से अधिक बच्चे मोटापे के शिकार हैं।

मोटापे के उपचार में नवीनतम प्रयास

भारत सरकार ने भी मोटापे के बढ़ते संकट को गंभीरता से लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक नई मुहिम शुरू की है, जिसमें खाने में तेल की मात्रा को घटाने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, सरकार ने स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता फैलाने और शारीरिक गतिविधि को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं बनाई हैं।

मोटापा अब केवल एक व्यक्तिगत समस्या नहीं है, बल्कि यह भारत के लिए एक राष्ट्रीय चुनौती बन चुका है। इसके इलाज के लिए नई दवाएं जैसे वेगोवी और मौनजारो मददगार हो सकती हैं, लेकिन मोटापे से लड़ने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण की आवश्यकता है।

भारत में मोटापे की समस्या को हल करने के लिए केवल दवाओं पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि जीवनशैली में बदलाव और स्वस्थ आहार की आदतों को अपनाना भी जरूरी है।

वेगोवी और अन्य दवाओं का उद्देश्य केवल वजन घटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समग्र स्वास्थ्य सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

thesootr links

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬

👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧

मोटापा नियंत्रण ग्रह | Diabetes | diabetes-cholesterol patients | Diabetes is a big challenge | Diabetes is a disorder | Diabetes Treatment | ObesitySolution | ObesityInIndia | children suffering from obesity

Tags:
  • भारत सरकार
  • Obesity
  • मोटापा
  • Diabetes is a big challenge
  • मोटापा नियंत्रण ग्रह
  • diabetes-cholesterol patients
  • children suffering from obesity
  • Diabetes is a disorder
  • Diabetes
  • Diabetes Treatment
  • ObesitySolution
  • ObesityInIndia
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा