किसान आंदोलन- पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, रबर की गोलियां चलाई!
किसान आंदोलन- पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, रबर की गोलियां चलाई!

13 Feb 2024

By CHAKRESH

अभी- अभी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आज का अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया है। किसान नेता जगजीत डल्लेवाल ने कहा कि केंद्र ने एक भी मांग नहीं मानी। जब तक मुद्दे हल नहीं होंगे, तब तक आंदोलन चलता रहेगा। आज शाम होने की वजह से हम आंदोलन रोक रहे हैं। कल फिर दिल्ली के लिए कूच करेंगे। Farmers protest delhi - सोमवार को चंडीगढ़ में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और अर्जुन मुंडा के साथ किसान संगठनों की मेराथन बैठक बेनतीजा रही। किसानों का कहना है कि उनका दिल्ली कूच जारी रहेगा। किसान MSP पर कोई भी समझौता करने को तैयार नहीं हैं। किसान मजदूर मोर्चा का कहना है कि सरकार हमारी मांगों पर गंभीर नहीं है। सरकार के मन मे खोट है, वे हमें कुछ नहीं देना चाहते। किसान मंगलवार सुबह 10 बजे से आगे बढ़ेंगे। इसके अलावा किसानों ने 16 फरवरी को भारत बंद भी बुलाया है। यानि दिल्ली का किसान आंदोलन जारी रहेगा। लगभग 20 हजार किसान जुटेंगे प्रदर्शन में इधर दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस रिपोर्ट के मुताबिक, 13 फरवरी के 'दिल्ली चलो मार्च' ( delhi chalo march ) में लगभग 20 हजार किसान 2500 ट्रैक्टर्स के साथ दिल्ली पहुंच सकते हैं। हरियाणा और पंजाब के कई बॉर्डर एरिया में प्रदर्शनकारी ( Farmers protest delhi ) मौजूद हैं। ये प्रदर्शनकारी दिल्ली में दाखिल होने को तैयार हैं। किसान प्रदर्शनकारी छोटी- छोटी टुकड़ियों में ट्रैक्टर और ट्रॉली के साथ मौजूद हैं। यह खबर भी पढ़ें- किसान आंदोलन में जा रहे थे भोपाल में नजरबंद, खुफिया सूचना पर उतारा क्या है किसानों का मांग- पत्र किसान मजदूर मोर्चा (KMM) और संयुक्त किसान मोर्चा के गैर राजनीतिक के मांग पत्र के अनुसार… सभी फसलों की खरीद पर MSP गारंटी अधिनियम बनाया जाए। डॉ स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश पर सभी फसलों के उत्पादन की औसत लागत से पचास फीसदी ज्यादा एमएसपी मिले। गत्ते का एफआरपी और एसएपी स्वामीनाथन आयोग के फार्मूले के अनुसार दिया जाना चाहिए, जिससे यह हल्दी सहित सभी मसालों की खरीद के लिए एक राष्ट्रीय प्राधिकरण बन जाए। किसानों और मजदूरों का पूरा कर्ज माफ हो। पिछले दिल्ली आंदोलन की अधूरी मांगें जैसे कि लखीमपुर खीरी हत्या मामले में न्याय हो, अजय मिश्रा को कैबिनेट से बर्खास्त किया जाए और गिरफ्तार किया जाए, आशीष मिश्रा की जमानत रद्द की जाए। सभी आरोपियों से उचित तरीके से निपटा जाए। समझौते के अनुसार, घायलों को 10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए। दिल्ली मोर्चा सहित देशभर में सभी आंदोलनों के दौरान दर्ज सभी मुकदमे रद्द किए जाएं। आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों और मजदूरों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए और नौकरी दी जाए। दिल्ली में किसान मोर्चा के शहादत स्मारक के लिए जगह दी जाए। बिजली क्षेत्र को निजी हाथों में देने वाले बिजली संशोधन विधेयक पर दिल्ली किसान मोर्चा के दौरान सहमति बनी थी कि इसे उपभोक्ता को विश्वास में लिए बिना लागू नहीं किया जाएगा, जो कि अभी अध्यादेशों के माध्यम से पिछले दरवाजे से लागू किया जा रहा है, इसे निरस्त किया जाना चाहिए। कृषि क्षेत्र को वादे के अनुसार प्रदूषण कानून से बाहर रखा जाना चाहिए। भारत को डब्ल्यूटीओ से बाहर आना चाहिए, कृषि वस्तुओं, दूध उत्पादों, फलों, सब्जियों और मांस आदि पर आयात शुल्क कम करने के लिए भत्ता बढ़ाना चाहिए। विदेशों से और प्राथमिकता के आधार पर भारतीय किसानों की फसलों की खरीद करें। किसानों और 58 वर्ष से अधिक आयु के कृषि मजदूरों के लिए पेंशन योजना लागू करके 10,000 रुपए प्रति माह की पेंशन दी जानी चाहिए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सुधार के लिए सरकार द्वारा स्वयं बीमा प्रीमियम का भुगतान करना, सभी फसलों को योजना का हिस्सा बनाना और नुकसान का आकलन करते समय खेत एकड़ को एक इकाई के रूप में मानकर नुकसान का आकलन करना। भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 2013 को उसी तरीके से लागू किया जाना चाहिए और भूमि अधिग्रहण के संबंध में केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को दिए गए निर्देशों को रद्द किया जाना चाहिए। मनरेगा के तहत प्रति वर्ष 200 दिनों के लिए रोजगार उपलब्ध कराया जाए, मजदूरी बढ़ाकर 700 प्रति दिन की जाए और इसमें कृषि को शामिल किया जाए। कीटनाशक, बीज और उर्वरक अधिनियम में संशोधन करके कपास सहित सभी फसलों के बीजों की गुणवत्ता में सुधार करना और नकती और घटिया उत्पादों का निर्माण और बिक्री करने वाली कंपनियों पर अनुकरणीय दंड और दंड लगाकर लाइसेंस रद्द करना। संविधान की पांचवीं अनुसूची का कार्यान्वयन।

अभी- अभी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आज का अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया है। किसान नेता जगजीत डल्लेवाल ने कहा कि केंद्र ने एक भी मांग नहीं मानी। जब तक मुद्दे हल नहीं होंगे, तब तक आंदोलन चलता रहेगा। आज शाम होने की वजह से हम आंदोलन रोक रहे हैं। कल फिर दिल्ली के लिए कूच करेंगे। Farmers protest delhi - सोमवार को चंडीगढ़ में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और अर्जुन मुंडा के साथ किसान संगठनों की मेराथन बैठक बेनतीजा रही। किसानों का कहना है कि उनका दिल्ली कूच जारी रहेगा। किसान MSP पर कोई भी समझौता करने को तैयार नहीं हैं। किसान मजदूर मोर्चा का कहना है कि सरकार हमारी मांगों पर गंभीर नहीं है। सरकार के मन मे खोट है, वे हमें कुछ नहीं देना चाहते। किसान मंगलवार सुबह 10 बजे से आगे बढ़ेंगे। इसके अलावा किसानों ने 16 फरवरी को भारत बंद भी बुलाया है। यानि दिल्ली का किसान आंदोलन जारी रहेगा। लगभग 20 हजार किसान जुटेंगे प्रदर्शन में इधर दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस रिपोर्ट के मुताबिक, 13 फरवरी के 'दिल्ली चलो मार्च' ( delhi chalo march ) में लगभग 20 हजार किसान 2500 ट्रैक्टर्स के साथ दिल्ली पहुंच सकते हैं। हरियाणा और पंजाब के कई बॉर्डर एरिया में प्रदर्शनकारी ( Farmers protest delhi ) मौजूद हैं। ये प्रदर्शनकारी दिल्ली में दाखिल होने को तैयार हैं। किसान प्रदर्शनकारी छोटी- छोटी टुकड़ियों में ट्रैक्टर और ट्रॉली के साथ मौजूद हैं। यह खबर भी पढ़ें- किसान आंदोलन में जा रहे थे भोपाल में नजरबंद, खुफिया सूचना पर उतारा क्या है किसानों का मांग- पत्र किसान मजदूर मोर्चा (KMM) और संयुक्त किसान मोर्चा के गैर राजनीतिक के मांग पत्र के अनुसार… सभी फसलों की खरीद पर MSP गारंटी अधिनियम बनाया जाए। डॉ स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश पर सभी फसलों के उत्पादन की औसत लागत से पचास फीसदी ज्यादा एमएसपी मिले। गत्ते का एफआरपी और एसएपी स्वामीनाथन आयोग के फार्मूले के अनुसार दिया जाना चाहिए, जिससे यह हल्दी सहित सभी मसालों की खरीद के लिए एक राष्ट्रीय प्राधिकरण बन जाए। किसानों और मजदूरों का पूरा कर्ज माफ हो। पिछले दिल्ली आंदोलन की अधूरी मांगें जैसे कि लखीमपुर खीरी हत्या मामले में न्याय हो, अजय मिश्रा को कैबिनेट से बर्खास्त किया जाए और गिरफ्तार किया जाए, आशीष मिश्रा की जमानत रद्द की जाए। सभी आरोपियों से उचित तरीके से निपटा जाए। समझौते के अनुसार, घायलों को 10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए। दिल्ली मोर्चा सहित देशभर में सभी आंदोलनों के दौरान दर्ज सभी मुकदमे रद्द किए जाएं। आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों और मजदूरों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए और नौकरी दी जाए। दिल्ली में किसान मोर्चा के शहादत स्मारक के लिए जगह दी जाए। बिजली क्षेत्र को निजी हाथों में देने वाले बिजली संशोधन विधेयक पर दिल्ली किसान मोर्चा के दौरान सहमति बनी थी कि इसे उपभोक्ता को विश्वास में लिए बिना लागू नहीं किया जाएगा, जो कि अभी अध्यादेशों के माध्यम से पिछले दरवाजे से लागू किया जा रहा है, इसे निरस्त किया जाना चाहिए। कृषि क्षेत्र को वादे के अनुसार प्रदूषण कानून से बाहर रखा जाना चाहिए। भारत को डब्ल्यूटीओ से बाहर आना चाहिए, कृषि वस्तुओं, दूध उत्पादों, फलों, सब्जियों और मांस आदि पर आयात शुल्क कम करने के लिए भत्ता बढ़ाना चाहिए। विदेशों से और प्राथमिकता के आधार पर भारतीय किसानों की फसलों की खरीद करें। किसानों और 58 वर्ष से अधिक आयु के कृषि मजदूरों के लिए पेंशन योजना लागू करके 10,000 रुपए प्रति माह की पेंशन दी जानी चाहिए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सुधार के लिए सरकार द्वारा स्वयं बीमा प्रीमियम का भुगतान करना, सभी फसलों को योजना का हिस्सा बनाना और नुकसान का आकलन करते समय खेत एकड़ को एक इकाई के रूप में मानकर नुकसान का आकलन करना। भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 2013 को उसी तरीके से लागू किया जाना चाहिए और भूमि अधिग्रहण के संबंध में केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को दिए गए निर्देशों को रद्द किया जाना चाहिए। मनरेगा के तहत प्रति वर्ष 200 दिनों के लिए रोजगार उपलब्ध कराया जाए, मजदूरी बढ़ाकर 700 प्रति दिन की जाए और इसमें कृषि को शामिल किया जाए। कीटनाशक, बीज और उर्वरक अधिनियम में संशोधन करके कपास सहित सभी फसलों के बीजों की गुणवत्ता में सुधार करना और नकती और घटिया उत्पादों का निर्माण और बिक्री करने वाली कंपनियों पर अनुकरणीय दंड और दंड लगाकर लाइसेंस रद्द करना। संविधान की पांचवीं अनुसूची का कार्यान्वयन।

शंभू बॉर्डर पर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे किसान, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले
शंभू बॉर्डर पर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे किसान, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले

21 Feb 2024

By Sandeep Kumar

अभी- अभी सरकार के साथ चार बार की बातचीत बेनतीजा निकलने के बाद आज फिर किसान दिल्ली की तरफ कूच करने की तैयारी में हैं। किसान आंदोलन में शामिल 14 हजार किसान अपने 1200 ट्रैक्टरों के साथ आज फिर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। DELHI.-पंजाब-हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर धरना दे रहे पंजाब के किसान ( Farmers Protest ) आज यानी (बुधवार) सुबह 11 बजे दिल्ली रवाना होंगे। इसके लिए सुबह 6 बजे ही ट्रैक्टर लाइन में लगा दिए जाएंगे। शंभू के साथ खनौरी बॉर्डर से भी किसान दिल्ली जाने के लिए हरियाणा में घुसेंगे। किसानों को रोकने के लिए हरियाणा पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स भी अलर्ट पर है। शंभू बॉर्डर पर सीमेंट के गार्डर, कंटीली तारें बिछाकर 7 लेयर बैरिकेडिंग की गई है। इसी से पुलिस ने 8 दिन से यहीं पर रोके रखा है। हरियाणा पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ने के लिए किसान JCB और हाईड्रोलिक क्रेन जैसी हैवी मशीनरी लेकर पहुंच गए हैं। इसके अलावा बुलेटप्रूफ पोकलेन मशीन भी लाई गई है। इनको इस तरह से डिजाइन कराया गया है कि इन पर आंसू गैस के गोलों का भी असर न हो। ये खबर भी पढ़िए...नर्सिंग कॉलेज गड़बड़ियां: नर्सिंग कॉलेज घोटाले को लेकर HC ने गठित की कमेटी ये खबर भी पढ़िए...MP शिक्षा विभाग की स्टूडेंट बैग पॉलिसी जारी, हफ्ते में एक दिन NO बैग सरकार की अपील को किसानों ने ठुकराया किसानों ने दिल्ली कूच ( Farmers Protest Delhi Chalo March ) का फैसला केंद्र से हुई मीटिंग के बाद लिया। केंद्र ने कपास, मक्का, मसूर, अरहर और उड़द यानी 5 फसलों पर MSP देने का प्रस्ताव दिया था। किसानों ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि हमने एक्सपर्ट और किसानों से केंद्र के प्रस्ताव पर बात की। इसके बाद हम इस नतीजे पर पहुंचे कि प्रस्ताव हमारे हित में नहीं है। हमारी MSP पर गारंटी कानून की मांग पूरी हो। किसान नेता सरवण पंधेर ने कहा कि केंद्र सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाए। जिसमें MSP पर खरीद की गारंटी का कानून लाया जाए। ये खबर भी पढ़िए...BJP का साथ देकर मसीह फंसे, सुप्रीम कोर्ट में झूठ बोलने का चलेगा केस ये खबर भी पढ़िए...खजुराहो में एक साथ थिरके 1484 कथक नृत्य साधक, बना विश्व रिकॉर्ड पूरी दिल्ली में धारा 144 लागू पंजाब के भी 7 जिलों के कुछ हिस्सों में केंद्र सरकार ने 24 फरवरी तक इंटरनेट ( Internet ) बंद करा दिया है। ये वही हिस्से हैं, जहां किसान दिल्ली जाने के लिए इकट्ठा हो रहे थे। इस बीच, किसान आंदोलन के मद्देनजर हरियाणा के 7 जिलों में इंटरनेट पर पाबंदी का फैसला 21 फरवरी तक बढ़ा दिया गया है। किसानों के कूच को लेकर दिल्ली पुलिस भी अलर्ट पर है। दिल्ली के हरियाणा से सटे सिंघु व टिकरी और उत्तर प्रदेश से सटे गाजीपुर बॉर्डर को सील किया गया है। पूरी दिल्ली में धारा 144 लगा दी गई है। भीड़ जुटने और ट्रैक्टर्स की एंट्री पर रोक लगाई जा चुकी है।

अभी- अभी सरकार के साथ चार बार की बातचीत बेनतीजा निकलने के बाद आज फिर किसान दिल्ली की तरफ कूच करने की तैयारी में हैं। किसान आंदोलन में शामिल 14 हजार किसान अपने 1200 ट्रैक्टरों के साथ आज फिर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। DELHI.-पंजाब-हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर धरना दे रहे पंजाब के किसान ( Farmers Protest ) आज यानी (बुधवार) सुबह 11 बजे दिल्ली रवाना होंगे। इसके लिए सुबह 6 बजे ही ट्रैक्टर लाइन में लगा दिए जाएंगे। शंभू के साथ खनौरी बॉर्डर से भी किसान दिल्ली जाने के लिए हरियाणा में घुसेंगे। किसानों को रोकने के लिए हरियाणा पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स भी अलर्ट पर है। शंभू बॉर्डर पर सीमेंट के गार्डर, कंटीली तारें बिछाकर 7 लेयर बैरिकेडिंग की गई है। इसी से पुलिस ने 8 दिन से यहीं पर रोके रखा है। हरियाणा पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ने के लिए किसान JCB और हाईड्रोलिक क्रेन जैसी हैवी मशीनरी लेकर पहुंच गए हैं। इसके अलावा बुलेटप्रूफ पोकलेन मशीन भी लाई गई है। इनको इस तरह से डिजाइन कराया गया है कि इन पर आंसू गैस के गोलों का भी असर न हो। ये खबर भी पढ़िए...नर्सिंग कॉलेज गड़बड़ियां: नर्सिंग कॉलेज घोटाले को लेकर HC ने गठित की कमेटी ये खबर भी पढ़िए...MP शिक्षा विभाग की स्टूडेंट बैग पॉलिसी जारी, हफ्ते में एक दिन NO बैग सरकार की अपील को किसानों ने ठुकराया किसानों ने दिल्ली कूच ( Farmers Protest Delhi Chalo March ) का फैसला केंद्र से हुई मीटिंग के बाद लिया। केंद्र ने कपास, मक्का, मसूर, अरहर और उड़द यानी 5 फसलों पर MSP देने का प्रस्ताव दिया था। किसानों ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि हमने एक्सपर्ट और किसानों से केंद्र के प्रस्ताव पर बात की। इसके बाद हम इस नतीजे पर पहुंचे कि प्रस्ताव हमारे हित में नहीं है। हमारी MSP पर गारंटी कानून की मांग पूरी हो। किसान नेता सरवण पंधेर ने कहा कि केंद्र सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाए। जिसमें MSP पर खरीद की गारंटी का कानून लाया जाए। ये खबर भी पढ़िए...BJP का साथ देकर मसीह फंसे, सुप्रीम कोर्ट में झूठ बोलने का चलेगा केस ये खबर भी पढ़िए...खजुराहो में एक साथ थिरके 1484 कथक नृत्य साधक, बना विश्व रिकॉर्ड पूरी दिल्ली में धारा 144 लागू पंजाब के भी 7 जिलों के कुछ हिस्सों में केंद्र सरकार ने 24 फरवरी तक इंटरनेट ( Internet ) बंद करा दिया है। ये वही हिस्से हैं, जहां किसान दिल्ली जाने के लिए इकट्ठा हो रहे थे। इस बीच, किसान आंदोलन के मद्देनजर हरियाणा के 7 जिलों में इंटरनेट पर पाबंदी का फैसला 21 फरवरी तक बढ़ा दिया गया है। किसानों के कूच को लेकर दिल्ली पुलिस भी अलर्ट पर है। दिल्ली के हरियाणा से सटे सिंघु व टिकरी और उत्तर प्रदेश से सटे गाजीपुर बॉर्डर को सील किया गया है। पूरी दिल्ली में धारा 144 लगा दी गई है। भीड़ जुटने और ट्रैक्टर्स की एंट्री पर रोक लगाई जा चुकी है।

उज्जैन शाही मस्जिद विवाद: कलेक्टर-एसपी से मिले आरिफ मसूद फिर अपनी पार्टी के नेताओं पर उठाए सवाल
उज्जैन शाही मस्जिद विवाद: कलेक्टर-एसपी से मिले आरिफ मसूद फिर अपनी पार्टी के नेताओं पर उठाए सवाल

04 Oct 2026

By Sandeep Kumar

कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद उज्जैन पहुंचे और कलेक्टर व एसपी से मुलाकात की है। उज्जैन शाही मस्जिद की मीनार गिरने की घटना की जांच की मांग रखी। मसूद ने पथराव को गलतफहमी का नतीजा बताया। शहर काजी के घर हुई घटना को उन्होंने गलत कहा। उन्होंने स्थानीय कांग्रेस नेताओं की गैरमौजूदगी पर नाराजगी जताई। वह Madhya Pradesh Congress के अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी से शिकायत करेंगे।

कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद उज्जैन पहुंचे और कलेक्टर व एसपी से मुलाकात की है। उज्जैन शाही मस्जिद की मीनार गिरने की घटना की जांच की मांग रखी। मसूद ने पथराव को गलतफहमी का नतीजा बताया। शहर काजी के घर हुई घटना को उन्होंने गलत कहा। उन्होंने स्थानीय कांग्रेस नेताओं की गैरमौजूदगी पर नाराजगी जताई। वह Madhya Pradesh Congress के अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी से शिकायत करेंगे।

अमित शाह थे तो भोपाल, लेकिन दिल लगा था दिल्ली में, आखिर क्यों कि दो बार पीएम मोदी से बात, प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कैंसिल
अमित शाह थे तो भोपाल, लेकिन दिल लगा था दिल्ली में, आखिर क्यों कि दो बार पीएम मोदी से बात, प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कैंसिल

03 Oct 2026

By Ramanand Tiwari

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भोपाल दौरे में कई कार्यक्रम तय थे। गोपालक सम्मेलन के बाद वे दोपहर करीब 2 बजे होटल ताज लौटे। इसके बाद करीब छह घंटे तक वे होटल में ही रहे। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दो बार बातचीत की जानकारी सामने आई। बातचीत के बाद उन्होंने कुछ जरूरी बिंदु नोट किए। इसके बाद अपने पीए को उन्हें टाइप कराने के निर्देश दिए।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भोपाल दौरे में कई कार्यक्रम तय थे। गोपालक सम्मेलन के बाद वे दोपहर करीब 2 बजे होटल ताज लौटे। इसके बाद करीब छह घंटे तक वे होटल में ही रहे। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दो बार बातचीत की जानकारी सामने आई। बातचीत के बाद उन्होंने कुछ जरूरी बिंदु नोट किए। इसके बाद अपने पीए को उन्हें टाइप कराने के निर्देश दिए।

एक कचौड़ी दो समोसा नारे पर बोले शिवराज सिंह चौहान, बेटियों को ऐसा नारा लगाने की नौबत क्यों आई
एक कचौड़ी दो समोसा नारे पर बोले शिवराज सिंह चौहान, बेटियों को ऐसा नारा लगाने की नौबत क्यों आई

03 Oct 2026

By Sandeep Kumar

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महिला सुरक्षा पर समाज से आत्ममंथन की अपील की है। भोपाल में नवगति कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एक कचौड़ी दो समोसा नारे का जिक्र किया। शिवराज का बयान इसी सवाल पर रहा कि बेटियों को ऐसा नारा लगाने की नौबत क्यों आई। उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा और सम्मान पूरे समाज की जिम्मेदारी है।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महिला सुरक्षा पर समाज से आत्ममंथन की अपील की है। भोपाल में नवगति कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एक कचौड़ी दो समोसा नारे का जिक्र किया। शिवराज का बयान इसी सवाल पर रहा कि बेटियों को ऐसा नारा लगाने की नौबत क्यों आई। उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा और सम्मान पूरे समाज की जिम्मेदारी है।

भोपाल में सीलिंग का खतरा फिर लौटा: राहत के ड्राफ्ट में भी कारोबार की कई शर्तें, व्यापारियों की बढ़ेंगी मुश्किलें!
भोपाल में सीलिंग का खतरा फिर लौटा: राहत के ड्राफ्ट में भी कारोबार की कई शर्तें, व्यापारियों की बढ़ेंगी मुश्किलें!

03 Oct 2026

By Ramanand Tiwari

भोपाल में करीब एक महीने से थमी सीलिंग कार्रवाई फिर शुरू करने की तैयारी है। मास्टर प्लान-2047 के ड्राफ्ट में नियमितीकरण का रास्ता जरूर है, लेकिन सड़क, पार्किंग, निर्माण और पुराने रिकॉर्ड की शर्तें कई कारोबारियों की मुश्किल बढ़ा सकती हैं। भोपाल नगर निगम सीलिंग कार्रवाई की नई योजना बना रहा है।

भोपाल में करीब एक महीने से थमी सीलिंग कार्रवाई फिर शुरू करने की तैयारी है। मास्टर प्लान-2047 के ड्राफ्ट में नियमितीकरण का रास्ता जरूर है, लेकिन सड़क, पार्किंग, निर्माण और पुराने रिकॉर्ड की शर्तें कई कारोबारियों की मुश्किल बढ़ा सकती हैं। भोपाल नगर निगम सीलिंग कार्रवाई की नई योजना बना रहा है।

mp top news: खबरें काम की, क्या गुजरात की तरह एमपी में भी होगी शराबबंदी? बालाघाट के लिए 400 करोड़ का डेवलपमेंट प्लान
mp top news: खबरें काम की, क्या गुजरात की तरह एमपी में भी होगी शराबबंदी? बालाघाट के लिए 400 करोड़ का डेवलपमेंट प्लान

03 Oct 2026

By Sanjay Dhiman

नमस्कार, आइए पढ़ते हैं मध्य प्रदेश की आज की बड़ी खबरें...क्या गुजरात की तरह एमपी में भी होगी शराबबंदी?: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भोपाल में किया बड़ा ऐलान। बालाघाट के आदिवासी इलाकों के लिए 400 करोड़ का डेवलपमेंट प्लान, बच्चों की मौत वाले गांवों में बढ़ेंगी स्वास्थ्य सुविधाएं, सीएम मोहन यादव की घोषणा

नमस्कार, आइए पढ़ते हैं मध्य प्रदेश की आज की बड़ी खबरें...क्या गुजरात की तरह एमपी में भी होगी शराबबंदी?: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भोपाल में किया बड़ा ऐलान। बालाघाट के आदिवासी इलाकों के लिए 400 करोड़ का डेवलपमेंट प्लान, बच्चों की मौत वाले गांवों में बढ़ेंगी स्वास्थ्य सुविधाएं, सीएम मोहन यादव की घोषणा