नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के चलते छत्तीसगढ़, बिहार और गोवा रूट की 6 एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द, देखें पूरी सूची
नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के चलते छत्तीसगढ़, बिहार और गोवा रूट की 6 एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द, देखें पूरी सूची

02 Oct 2026

By Harrison Masih

छत्तीसगढ़ में कई ट्रेनें रद्द रहने की खबर है। नॉन-इंटरलॉकिंग काम के कारण दिसंबर में 6 एक्सप्रेस ट्रेनों के कुछ फेरे नहीं चलेंगे। इनमें हैदराबाद-रक्सौल एक्सप्रेस और तिरुपति-रक्सौल एक्सप्रेस शामिल हैं। रद्द फेरे 7 से 17 दिसंबर के बीच हैं। छत्तीसगढ़ के अलावा चार और राज्यों के यात्री प्रभावित होंगे।

छत्तीसगढ़ में कई ट्रेनें रद्द रहने की खबर है। नॉन-इंटरलॉकिंग काम के कारण दिसंबर में 6 एक्सप्रेस ट्रेनों के कुछ फेरे नहीं चलेंगे। इनमें हैदराबाद-रक्सौल एक्सप्रेस और तिरुपति-रक्सौल एक्सप्रेस शामिल हैं। रद्द फेरे 7 से 17 दिसंबर के बीच हैं। छत्तीसगढ़ के अलावा चार और राज्यों के यात्री प्रभावित होंगे।

सीएचसी राजपुर है ही नहीं तो बजट कैसे बना, स्वास्थ्य विभाग की खरीदी सूची में बड़ी विसंगति
सीएचसी राजपुर है ही नहीं तो बजट कैसे बना, स्वास्थ्य विभाग की खरीदी सूची में बड़ी विसंगति

02 Oct 2026

By Arohi Raj

मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की खरीदी सूची में बड़ी विसंगति सामने आई है। सीएचसी पीएचसी उपकरण खरीदी की लिस्ट में सीएचसी राजपुर का नाम है। इसके लिए उपकरण और फर्नीचर तय किए गए हैं। लेकिन गुना में इस नाम का कोई स्वास्थ्य केंद्र ही नहीं है। जिले को 14.62 लाख का बजट मिला है। सीएमएचओ ने संचालनालय को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा है।

मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की खरीदी सूची में बड़ी विसंगति सामने आई है। सीएचसी पीएचसी उपकरण खरीदी की लिस्ट में सीएचसी राजपुर का नाम है। इसके लिए उपकरण और फर्नीचर तय किए गए हैं। लेकिन गुना में इस नाम का कोई स्वास्थ्य केंद्र ही नहीं है। जिले को 14.62 लाख का बजट मिला है। सीएमएचओ ने संचालनालय को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा है।

राजस्थान में मानसून की विदाई के बाद मौसम कैसे बदलेगा और लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
राजस्थान में मानसून की विदाई के बाद मौसम कैसे बदलेगा और लोगों पर क्या असर पड़ेगा?

02 Oct 2026

By Jyoti Mahender Bhardwaj

राजस्थान में मानसून का अंतिम चरण चल रहा है, जिससे मौसम का रूख सूखा होने की ओर बढ़ रहा है। 2 अक्टूबर को जयपुर, अजमेर और जोधपुर में कोई प्रमुख बारिश की संभावना नहीं है। अगले कुछ दिनों में तापमान में वृद्धि के साथ गर्मी महसूस की जा सकती है, जो किसानों के कामकाज पर नकारात्मक असर डाल सकती है।

राजस्थान में मानसून का अंतिम चरण चल रहा है, जिससे मौसम का रूख सूखा होने की ओर बढ़ रहा है। 2 अक्टूबर को जयपुर, अजमेर और जोधपुर में कोई प्रमुख बारिश की संभावना नहीं है। अगले कुछ दिनों में तापमान में वृद्धि के साथ गर्मी महसूस की जा सकती है, जो किसानों के कामकाज पर नकारात्मक असर डाल सकती है।

एलपीजी ई-केवाईसी नहीं होने से माननीयों पर भी गिरी गाज, मंत्री-विधायक समेत 83 हजार कनेक्शन ब्लॉक
एलपीजी ई-केवाईसी नहीं होने से माननीयों पर भी गिरी गाज, मंत्री-विधायक समेत 83 हजार कनेक्शन ब्लॉक

02 Oct 2026

By Aman Vaishnav

तेल कंपनियों ने ई-केवाईसी न कराने वाले गैस कनेक्शन ब्लॉक कर दिए हैं। राजधानी भोपाल में करीब 83 हजार उपभोक्ताओं के कनेक्शन बंद हुए हैं। इनमें मंत्री, विधायक और पूर्व विधानसभा स्पीकर भी शामिल हैं। मध्य प्रदेश में कुल 23 लाख 92 हजार उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी बाकी है। ब्लॉक कनेक्शन पर रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग नहीं होगी। ई-केवाईसी पूरी कराने के बाद ही गैस कनेक्शन दोबारा चालू हो सकेगा।

तेल कंपनियों ने ई-केवाईसी न कराने वाले गैस कनेक्शन ब्लॉक कर दिए हैं। राजधानी भोपाल में करीब 83 हजार उपभोक्ताओं के कनेक्शन बंद हुए हैं। इनमें मंत्री, विधायक और पूर्व विधानसभा स्पीकर भी शामिल हैं। मध्य प्रदेश में कुल 23 लाख 92 हजार उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी बाकी है। ब्लॉक कनेक्शन पर रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग नहीं होगी। ई-केवाईसी पूरी कराने के बाद ही गैस कनेक्शन दोबारा चालू हो सकेगा।

सांदीपनि स्कूल बस सुविधा का वादा अधूरा: 19 जिलों के करीब 1.5 लाख बच्चे पैदल या जोखिम भरे साधनों से स्कूल जाने को मजबूर हैं
सांदीपनि स्कूल बस सुविधा का वादा अधूरा: 19 जिलों के करीब 1.5 लाख बच्चे पैदल या जोखिम भरे साधनों से स्कूल जाने को मजबूर हैं

02 Oct 2026

By Arohi Raj

मध्य प्रदेश में करीब 2,500 छोटे स्कूलों को मिलाकर 270 सांदीपनि स्कूल बनाए गए थे। इस प्रक्रिया को हुए करीब तीन साल हो चुके हैं। लेकिन अब तक मध्यप्रदेश के 19 जिले ऐसे हैं,जहां करीब 1.5 लाख बच्चों को सांदीपनि स्कूल बस सुविधा नहीं मिल पाई है। कई बच्चे पैदल जाते हैं, तो कई असुरक्षित साधनों पर निर्भर हैं। जबलपुर,ग्वालियर और सागर में बसों की टेंडर प्रक्रिया अटकी हुई है।

मध्य प्रदेश में करीब 2,500 छोटे स्कूलों को मिलाकर 270 सांदीपनि स्कूल बनाए गए थे। इस प्रक्रिया को हुए करीब तीन साल हो चुके हैं। लेकिन अब तक मध्यप्रदेश के 19 जिले ऐसे हैं,जहां करीब 1.5 लाख बच्चों को सांदीपनि स्कूल बस सुविधा नहीं मिल पाई है। कई बच्चे पैदल जाते हैं, तो कई असुरक्षित साधनों पर निर्भर हैं। जबलपुर,ग्वालियर और सागर में बसों की टेंडर प्रक्रिया अटकी हुई है।