सीएचसी राजपुर है ही नहीं तो कैसे बना बजट, स्वास्थ्य विभाग की खरीदी सूची में बड़ी विसंगति
Arohi Raj | Sootr Creatives | Oct 02, 2026, 12:37 IST
जो अस्पताल है ही नहीं उसका बजट कैसे बना। गुना का सीएचसी राजपुर सीएचसी पीएचसी उपकरण खरीदी की लिस्ट में है।
मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की खरीदी सूची में बड़ी विसंगति सामने आई है। सीएचसी पीएचसी उपकरण खरीदी की लिस्ट में सीएचसी राजपुर का नाम है। इसके लिए उपकरण और फर्नीचर तय किए गए हैं। लेकिन गुना में इस नाम का कोई स्वास्थ्य केंद्र ही नहीं है। जिले को 14.62 लाख का बजट मिला है। सीएमएचओ ने संचालनालय को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा है।
गुना में सीएचसी राजपुर के लिए उपकरणों की सूची बनाई गई है। लेकिन इस नाम का स्वास्थ्य केंद्र जिले में है ही नहीं। सीएमएचओ ने गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा है। यह मामला सीएचसी (CHC – Community Health Centre) और पीएचसी (PHC – Primary Health Centre) की खरीदी से जुड़ा है। इन केंद्रों के लिए चिकित्सा उपकरण और फर्नीचर खरीदा जाना है। बजट भोपाल के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने दिया है। इसकी जिलेवार सूची भी जारी हुई है।
गुना न्यूज की यह खबर एक सरकारी सूची से निकली है। सूची का नाम है FY 2025-26 Upgraded/New Facility Category C Consignee District Wise। इसमें गुना जिले के नीचे सीएचसी राजपुर को स्वास्थ्य संस्था बताया गया है।
इस केंद्र के लिए बड़ी संख्या में उपकरण और फर्नीचर तय किए गए। सवाल यह है कि जो अस्पताल है ही नहीं उसका बजट कैसे बना? यही इस खबर की सबसे बड़ी पहेली है।
सूची अस्पताल प्रशासन शाखा के आदेश के साथ जिलों को भेजी गई। आदेश पर उप संचालक, अस्पताल प्रशासन के हस्ताक्षर हैं। यानी यह सूची राज्य स्तर से जिलों तक पहुंची है। एमपी हॉस्पिटल इक्विपमेंट बजट की यह सूची वित्त वर्ष 2025-26 की है।
आदेश के साथ कैटेगरी सी का जिलावार बजट विवरण भी लगा है। इसमें सीएमएचओ (Chief Medical and Health Officer) गुना के लिए 14 लाख 62 हजार 552 रुपए दर्ज हैं। यानी जिले के खाते में करीब 14.62 लाख का बजट आया है।
दस्तावेज से साफ नहीं है कि पूरी राशि सिर्फ सीएचसी राजपुर के लिए थी। यह पूरे जिले का आवंटन भी हो सकता है। पूरे प्रदेश में कैटेगरी सी के तहत 7.17 करोड़ रुपए का आवंटन दर्ज है। यानी हर 100 रुपए में गुना का हिस्सा करीब 2 रुपए है।
लेकिन असली सवाल यहीं से शुरू होता है। माना जा रहा है कि आवंटन से पहले हर जिले से डिमांड मांगी गई होगी। तो सीएचसी राजपुर के नाम से डिमांड कहां से गई? आवंटन किस प्रक्रिया से हुआ, यह भी साफ नहीं है। उपलब्ध दस्तावेजों में गैप असेसमेंट (उपकरणों की कमी का आकलन) का कोई रिकॉर्ड नहीं दिखता है।
फैसिलिटी वेरिफिकेशन (केंद्र की मौके पर जांच) पर भी सवाल उठ रहे हैं। सीएचसी राजपुर में पहले से क्या था और क्या नहीं, इसका ब्योरा नहीं मिला है। हर सामान की संख्या किस आधार पर तय हुई, यह भी साफ नहीं है।
सीएचसी पीएचसी उपकरण खरीदी का मकसद मरीजों तक बेहतर इलाज पहुंचाना है। ऐसे में स्वास्थ्य केंद्र बजट आवंटन में गड़बड़ी के सवाल हल्के नहीं हैं। फिर भी, इस मामले में अभी किसी की जिम्मेदारी तय नहीं हुई है।
एमपी हेल्थ डिपार्टमेंट के संचालनालय का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग मध्यप्रदेश के जवाब से ही साफ होगा कि सूची में यह नाम कैसे जुड़ा। तब तक गुना के उपकरणों पर अगला कदम संचालनालय के मार्गदर्शन पर टिका है।
संविधान का अनुच्छेद 47 राज्य को जन स्वास्थ्य सुधारने की जिम्मेदारी देता है। सीएचसी और पीएचसी इसी जिम्मेदारी की पहली कड़ी हैं। इनके लिए खरीदा गया हर उपकरण जनता के पैसे से आता है। अगर सूची में ऐसा केंद्र दर्ज हो, जो जिले में है ही नहीं, तो पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठता है। यह खबर सरकारी खरीदी में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत दिखाती है।
समझें क्या है पूरा मामला
- प्रदेश के सीएचसी और पीएचसी के लिए उपकरण और फर्नीचर खरीदे जाने हैं।
- भोपाल के संचालनालय ने इसके लिए जिलेवार बजट और सूची जारी की।
- सूची में गुना जिले के नीचे सीएचसी राजपुर का नाम दर्ज है।
- गुना सीएमएचओ के मुताबिक जिले में इस नाम की कोई संस्था नहीं है।
- उन्होंने गुरुवार को पत्र लिखकर संचालनालय से मार्गदर्शन मांगा है।
जो अस्पताल है ही नहीं उसका बजट कैसे बना
इस केंद्र के लिए बड़ी संख्या में उपकरण और फर्नीचर तय किए गए। सवाल यह है कि जो अस्पताल है ही नहीं उसका बजट कैसे बना? यही इस खबर की सबसे बड़ी पहेली है।
CHC राजपुर के लिए सामग्री की सूची
| सामग्री | श्रेणी | कोड | संख्या |
|---|---|---|---|
| Examination Light | Equipment | C | 1 |
| LED Torch | Equipment (OTM) | C | 8 |
| Tuning Fork (156) | Instrument | C | 1 |
| Percussion Hammer | Instrument | C | 1 |
| Laryngoscope LED (Adult, दोनों ब्लेड) | Instrument | C | 1 |
| X-ray View Box | Instrument | C | 2 |
| Digital Clock | Equipment (OTM) | C | 1 |
| Wall Mounted Height Measuring Scale | Equipment | C | 2 |
| Revolving Chair | Furniture | C | 5 |
| Office Table | Furniture | C | 5 |
| Office Chair | Furniture | C | 10 |
| BMW Dustbin | Material | C | 9 |
| Visitor Chair 3 Seater | Equipment | C | 3 |
| Water Cooler | Equipment (OTM) | C | 2 |
| Staff Locker | Furniture | C | 2 |
| Office Dustbin | Material | C | 4 |
| Iron Rack | Furniture | C | 8 |
| Iron Almirah | Furniture | C | 8 |
उप संचालक के हस्ताक्षर से जारी हुआ आदेश
गुना को मिला 14.62 लाख का बजट
दस्तावेज से साफ नहीं है कि पूरी राशि सिर्फ सीएचसी राजपुर के लिए थी। यह पूरे जिले का आवंटन भी हो सकता है। पूरे प्रदेश में कैटेगरी सी के तहत 7.17 करोड़ रुपए का आवंटन दर्ज है। यानी हर 100 रुपए में गुना का हिस्सा करीब 2 रुपए है।
सीएमएचओ बोले, पूरे जिले के लिए है यह बजट
यह 14 लाख का बजट पूरे जिले के लिए है। हमने संचालनालय को पत्र लिखकर बताया है कि सीएचसी राजपुर नाम की कोई संस्था गुना में नहीं है। वहां से मार्गदर्शन भी मांगा है।
By: डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर, सीएमएचओ, गुना
गैप असेसमेंट का रिकॉर्ड कहां है?
फैसिलिटी वेरिफिकेशन (केंद्र की मौके पर जांच) पर भी सवाल उठ रहे हैं। सीएचसी राजपुर में पहले से क्या था और क्या नहीं, इसका ब्योरा नहीं मिला है। हर सामान की संख्या किस आधार पर तय हुई, यह भी साफ नहीं है।
स्वास्थ्य केंद्र बजट आवंटन में गड़बड़ी के सवाल
अब संचालनालय के जवाब का इंतजार
यह खबर क्यों जरूरी है
FAQs
- गुना में सीएचसी राजपुर का नाम सूची में क्यों शामिल किया गया है, जबकि यह स्वास्थ्य केंद्र वहां मौजूद नहीं है?
गुना में सीएचसी राजपुर का नाम एक सरकारी सूची में शामिल किया गया है, लेकिन सीएमएचओ ने स्पष्ट किया है कि जिले में इस नाम का कोई स्वास्थ्य केंद्र नहीं है। इस संदर्भ में, सीएमएचओ ने संचालनालय को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा है। - क्या बजट आवंटन में समस्या की वजह से स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई प्रभाव पड़ेगा?
अगर सूची में ऐसा केंद्र शामिल है जो मौजूद नहीं है, तो इससे बजट आवंटन की पारदर्शिता पर सवाल उठता है। यह बजट जिले के लिए है, लेकिन अगर कोई बजट गलत स्थान पर आवंटित हुआ है, तो यह स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार में रुकावट डाल सकता है। - इस विवाद का जिम्मेदार कौन है और आगे की कार्रवाई क्या होगी?
अभी तक किसी की जिम्मेदारी तय नहीं की गई है। एमपी स्वास्थ्य विभाग के संचालनालय का जवाब इस बात का निर्धारण करेगा कि सूची में सीएचसी राजपुर का नाम कैसे जुड़ा। आगे की कार्रवाई संचालनालय के मार्गदर्शन पर निर्भर करेगी।
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