20 Feb 2024
By Rahul Garhwal
मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड यानि MPHIDB ने अपने यहां एक खास चार्टेड अकाउंटेंट कंसल्टेंसी फर्म को नियुक्त करने के लिए टेंडर की शर्तों के नियम ही मोडिफाई कर दिए। इतना ही नहीं जिस फर्म का अपॉइंटमेंट एक बार निरस्त हो चुका है..
मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड यानि MPHIDB ने अपने यहां एक खास चार्टेड अकाउंटेंट कंसल्टेंसी फर्म को नियुक्त करने के लिए टेंडर की शर्तों के नियम ही मोडिफाई कर दिए। इतना ही नहीं जिस फर्म का अपॉइंटमेंट एक बार निरस्त हो चुका है..
16 Jul 2024
By Sanjay Sharma
MPHIDB यानी हाउसिंग बोर्ड ने न केवल फर्म की खामियों को नजरअंदाज किया बल्कि अपने ही अफसरों की आपत्तियों को भी दरकिनार कर दिया है। जबकि ऐसा नहीं किया जाना चाहिए था।
MPHIDB यानी हाउसिंग बोर्ड ने न केवल फर्म की खामियों को नजरअंदाज किया बल्कि अपने ही अफसरों की आपत्तियों को भी दरकिनार कर दिया है। जबकि ऐसा नहीं किया जाना चाहिए था।
28 Sept 2026
By Arun Tiwari
सुप्रीम कोर्ट ने भूपेश बघेल की चुनाव याचिका पर समय-सीमा तय करने के लिए हाईकोर्ट को निर्देश दिए हैं। भाजपा नेता विजय बघेल ने चुनाव परिणाम पर सवाल उठाए हैं, यह कहकर कि चुनाव याचिका 45 दिन की तय समय-सीमा के भीतर दाखिल नहीं की गई। सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे की प्रारंभिक सुनवाई का संकेत दिया है, और हाईकोर्ट अब आगे की प्रक्रिया में इस आपत्ति की सुनवाई करेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने भूपेश बघेल की चुनाव याचिका पर समय-सीमा तय करने के लिए हाईकोर्ट को निर्देश दिए हैं। भाजपा नेता विजय बघेल ने चुनाव परिणाम पर सवाल उठाए हैं, यह कहकर कि चुनाव याचिका 45 दिन की तय समय-सीमा के भीतर दाखिल नहीं की गई। सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे की प्रारंभिक सुनवाई का संकेत दिया है, और हाईकोर्ट अब आगे की प्रक्रिया में इस आपत्ति की सुनवाई करेगा।
28 Sept 2026
By Arohi Raj
सुप्रीम कोर्ट का आदेश CBSE की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी पर आया है। कोर्ट ने मौजूदा कक्षा 6 के छात्रों को कक्षा 7 जैसी छूट दी है। इससे इस बैच पर तीसरी भाषा का तुरंत दबाव नहीं रहेगा। नीति खत्म नहीं हुई है। सरकार ने छूट का विरोध किया और 99 प्रतिशत स्कूल तैयार बताए। मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश CBSE की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी पर आया है। कोर्ट ने मौजूदा कक्षा 6 के छात्रों को कक्षा 7 जैसी छूट दी है। इससे इस बैच पर तीसरी भाषा का तुरंत दबाव नहीं रहेगा। नीति खत्म नहीं हुई है। सरकार ने छूट का विरोध किया और 99 प्रतिशत स्कूल तैयार बताए। मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी।
28 Sept 2026
By Jitendra Shrivastava
BHOPAL. भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रविवार रात छात्रों का हंगामा हुआ। कटारा हिल्स बायपास स्थित इस हॉस्टल में खाने में कीड़े मिलने का आरोप है। छात्रों ने कॉकरोच मिलने की भी बात कही। शिकायत के बाद भी सुधार न होने की बात कही गई। कटारा हिल्स पुलिस मौके पर पहुंची। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कहा, शिकायत नहीं मिली। फिर भी जांच टीम भेजी जाएगी।
BHOPAL. भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रविवार रात छात्रों का हंगामा हुआ। कटारा हिल्स बायपास स्थित इस हॉस्टल में खाने में कीड़े मिलने का आरोप है। छात्रों ने कॉकरोच मिलने की भी बात कही। शिकायत के बाद भी सुधार न होने की बात कही गई। कटारा हिल्स पुलिस मौके पर पहुंची। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कहा, शिकायत नहीं मिली। फिर भी जांच टीम भेजी जाएगी।
28 Sept 2026
By Sanjay Dhiman
सुप्रीम कोर्ट ने UPI MDR पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। 15 अक्टूबर से 2,000 रुपए से ज्यादा के चुनिंदा UPI पेमेंट पर दुकानदारों को 0.4 फीसदी शुल्क देना होगा। ग्राहकों पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा। कोर्ट ने केंद्र और बाकी पक्षों से चार हफ्ते में जवाबी हलफनामा मांगा है। तब तक नई व्यवस्था की तारीख नहीं बदली है।
सुप्रीम कोर्ट ने UPI MDR पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। 15 अक्टूबर से 2,000 रुपए से ज्यादा के चुनिंदा UPI पेमेंट पर दुकानदारों को 0.4 फीसदी शुल्क देना होगा। ग्राहकों पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा। कोर्ट ने केंद्र और बाकी पक्षों से चार हफ्ते में जवाबी हलफनामा मांगा है। तब तक नई व्यवस्था की तारीख नहीं बदली है।
28 Sept 2026
By Sanjay Dhiman
सुप्रीम कोर्ट ने UPI MDR पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। 15 अक्टूबर से 2,000 रुपए से ज्यादा के चुनिंदा UPI पेमेंट पर दुकानदारों को 0.4 फीसदी शुल्क देना होगा। ग्राहकों पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा। कोर्ट ने केंद्र और बाकी पक्षों से चार हफ्ते में जवाबी हलफनामा मांगा है। तब तक नई व्यवस्था की तारीख नहीं बदली है।
सुप्रीम कोर्ट ने UPI MDR पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। 15 अक्टूबर से 2,000 रुपए से ज्यादा के चुनिंदा UPI पेमेंट पर दुकानदारों को 0.4 फीसदी शुल्क देना होगा। ग्राहकों पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा। कोर्ट ने केंद्र और बाकी पक्षों से चार हफ्ते में जवाबी हलफनामा मांगा है। तब तक नई व्यवस्था की तारीख नहीं बदली है।