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इंटरनेशनल डेस्क. तुर्किये में एक ओर भीषण भूकंप ने तबाही मचा रखी है। वहीं दूसरी ओर बर्फबारी और बारिश के कारण रेस्क्यू करना मुश्किल हो रहा है। भूकंप से प्रभावित दोनों ही देशों में मौसम बिगड़ा हुआ है। इस बीच तुर्किये के दूर-दराज वाले इलाकों में फंसे भारतीयों को लेकर विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है। मंत्रालय ने 8 फरवरी, बुधवार को बताया कि तुर्किये के इलाकों में 10 भारताीय फंसे हुए हैं, हालांकि वे सुरक्षित हैं। इसके साथ ही एक नागरिक अभी भी लापता है। अब तक कुल 11,719 लोगों की मौत हो चुकी है।
तुर्किये में रहते हैं 3000 भारतीय
विदेश सचिव ने बताया कि तुर्किये में करीब 3000 भारतीय रहते हैं। इनमें से लगभग 1800 लोग इस्तांबुल और उसके आसपास रहते है। वहीं 250 अंकारा में हैं और बाकी लोग पूरे देश में फैले हुए हैं। उन्होंने आगे बताया कि हमें करीब 75 लोगों के फोन आए हैं, जिन्होंने हमारे दूतावास से सूचना और सहायता के बारे में पूछा है।
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भारत भेज चुका है राहत सामग्री
भारत ऑपरेशन दोस्त के तहत चार सैन्य परिवहन विमानों में तुर्किये को राहत सामग्री भेज चुका है। वहीं एनडीआरएफ डीजी अतुल करवाल ने बताया, हमारी दो टीमें वहां पहुंची हैं। कुल 7 वाहन, 101 बचावकर्ता, जिसमें 5 महिला बचावकर्मी और 4 खोजी कुत्ते शामिल हैं। ये टीमें पहले से ही ऑपरेशन में हैं। उन्होंने बताया, पहली टीम अदाना एयरपोर्ट पर उतरी और दूसरी को उर्फा डायवर्ट कर दिया गया क्योंकि अदाना में भीड़ थी। दोनों टीमें सबसे बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों में हैं।
हम लापता भारतीय के परिवार के संपर्क में है
विदेश मंत्रालय के सचिव संजय वर्मा ने बताया कि भूकंप प्रभावित तुर्किये के इलाकों में 10 भारतीय फंसे हुए हैं, लेकिन वे सुरक्षित हैं। भारत सरकार से संपर्क करने वाले तीन भारतीयों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। एक भारतीय नागरिक जो वहां व्यापारिक यात्रा पर गया था, उसका पता नहीं चल पा रहा है। हम लापता भारतीय के परिवार और बेंगलुरू की उस कंपनी के संपर्क में हैं, जहां वे काम करते हैं।
भारत ने तुर्की बोलने वाले दो समेत 6 अधिकारी तैनात किए
विदेश मंत्रालय ने तुर्की में 6 अधिकारी तैनात किए हैं, जो वहां मौजूद भारतीयों को सहयोग देंगे। इनमें दो तुर्की भाषा के जानकार हैं ताकि जरूरत होने पर स्थानीय अधिकारियों और भारतीय बचाव दलों के बीच में संवाद स्थापित कर सकें। अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहे सीरिया की मदद के बारे में विदेश सचिव वर्मा ने कहा कि भारत 'एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य' के जी20 मंत्र का पालन कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधों में ऐसी मानवीय सहायता शामिल नहीं है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि मदद की खेप बुधवार सुबह दमिश्क हवाई अड्डे पर स्थानीय प्रशासन और सीरिया के पर्यावरण उप मंत्री मुताज डौजी को सौंपी गई।