नरसंहार का शौकीन तानाशाह, जिसके नरभक्षी होने की भी थी अफवाह, जिसके कारण आज के दिन रईस भारतीयों को भागना पड़ा था 

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Rajeev Upadhyay
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नरसंहार का शौकीन तानाशाह, जिसके नरभक्षी होने की भी थी अफवाह, जिसके कारण आज के दिन रईस भारतीयों को भागना पड़ा था 

New Delhi. दुनिया में एक से बढ़कर एक तानाशाह हुए हैं, लेकिन युगांडा के तानाशाह ईदी अमीन ने आज के दिन अपने देश से रईस भारतीयों को रातोंरात भागने पर मजबूर कर दिया था। ईदी अमीन पर कई नरसंहार कराने के आरोप लगे, तो अफवाह ऐसी भी थी कि वह नरभक्षी भी था। उसने भारतीयों को युगांडा से महज दो सूटकेस और केवल 50 पाउंड ले जाने की इजाजत दी थी। 



80 हजार लोगों ने किया था पलायन



युगांडा के तानाशाह ईदी अमीन के एक फरमान के बाद युगांडा से भारतीय मूल के 80 हजार लोगों को आनन-फानन में अपना सब कुछ छोड़कर भागना पड़ा था। तानाशाह ईदी अमीन ने खुदको युगांडा का भगवान घोषित कर दिया था। उसके बाद वहां दमन का भयंकर दौर चला था। 



दरअसल 19वीं सदी के आखिर में अफ्रीकी देश युगांडा में ब्रिटेन का राज हो गया था। नस्लवादी अंग्रेज अफ्रीकियों से परहेज करते थे तो उन्होंने भारतीयों को यहां लाकर बसा दिया। भारतीयों का काम अंग्रेजों और अफ्रीकन के बीच माध्यम की भूमिका निभाने की होती थी। इसके बदले अंग्रेज भारतीयों को कारोबार करने की इजाजत देते थे। लेकिन इस कारण युगांडा के लोग भारतीयों से भी नफरत करने लगे। उनका मानना था कि हिंदुस्तानी यहां आकर उनकी जमीनों और कारोबार पर कब्जा कर रहे हैं। 




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  • युगांडा के लोगों में भारतीयों के प्रति नफरत चरम पर थी और इसी बीच क्रांतिकारी के रूप में ईदी अमीन उभरे। व्यापार में भारतीयों का दबदबा था। आजादी के बाद भी युगांडा के लोगों को लगने लगा कि वे गुलाम थे और गुलाम ही रहेंगे। ईदी अमीन सेना में रसोईए की पोस्ट पर था। जल्द ही वह प्रमोट होते-होते सेनाध्यक्ष बन गया और फिर उसने वहां तख्तापलट कर दिया। जिसके बाद ईदी अमीन के तानाशाही काल की शुरूआत हो गई। 



    तानाशाह ईदी अमीन ने साल 1972 में भारतीय मूल के लोगों को 3 महीने का नोटिस दिया। उन्हें यह आदेश था कि वे केवल दो सूटकेस और 50 पाउंड लेकर देश छोड़ सकते हैं। हालांकि इस फैसले के बाद युगांडा की इकोनॉमी एकदम से चरमरा भी गई थी। 



    रक्त पीने वाला और नरभक्षी होने के किस्से



    ऐसे कई किस्से प्रचलित हैं जिसमें ईदी अमीन को इंसान का खून पीने वाला और नरभक्षी बताया गया है। भारतीय राजदूत मदनजीत सिंह ने अपनी किताब ‘ईदी अमीन मॉनस्टर रेजीम’ में भी ऐसे किस्सों का जिक्र किया है। इतना ही नहीं आधिकारिक तौर पर 5 शादियां करने वाले ईदी अमीन की ढेरों प्रेमिकाएं और ढेर सारी संतानें भी थीं। 


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