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इंटरनेशनल डेस्क. श्रीलंका के बाद पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है। सिंध-खैबर पख्तूनख्वा सहित कई राज्यों में आटे की कीमत 150 रुपए प्रतिकलो से ज्यादा हो गई हैं। यहां सस्ता आटा खरीदने के चक्कर में अब तक चार लोगों की जान जा चुकी हैं। वहीं आटा खरीदते वक्त भगदड़ मचने से कई लोग घायल हो गए।
सब्सिडी वाले आटे का स्टॉक खत्म
पाकिस्तान में महंगाई दर 25 प्रतिशत हो चुकी है। यहां आटे की कमी के चलते हाहाकार मचा हुआ है। सब्सिडी वाले आटे का स्टॉक खत्म हो गया है। इस वजह से सरकार देश के अलग-अलग हिस्सों में जनता को कम दामों पर आटे के पैकेट उपलब्ध करा रही है।
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खाद्य विभाग की ओर से आटा किया जा रहा वितरित
सिंध राज्य के मीरपुर खास जिले में खाद्य विभाग की ओर से ट्रकों पर आए आटे के पैकेट देखकर भीड़ उमड़ पड़ती है। छीना-झपटी में कई लोग घायल हो जाते हैं। यहां 35 साल के एक मजदूर को लोगों ने कुचल दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई। एक दूसरे मामले में सकरंद कस्बे में एक आटा चक्की के बाहर सस्ता आटा खरीदते वक्त भगदड़ मच गई, जिससे तीन महिलाओं की मौत हो गई।
आटे की डिमांड ज्यादा और सप्लाई बेहद कम
सिंध सहित कई राज्यों में आटे की डिमांड ज्यादा और सप्लाई बेहद कम है। सिंध और कराची में आटे की कीमत 140 से 160 रुपए प्रति किलोग्राम है। सब्सिडी रेट पर आटा 65 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। हालत इतनी खराब है कि लोग 5-5 किलो की बोरी के लिए भी लड़ रहे हैं। खैबर पख्तूनख्वा में हालात सबसे खराब हैं। यहां लोग आटे के लिए ऐसी सरकारी दुकानों को तलाश रहे हैं, जहां आटे का पैकेट 1000 से 1500 रुपए में मिलता हो। दरअसल, खुले बाजार में 20 किलो आटे के पैकेट की कीमत 3100 रुपए तक पहुंच गई है। एक साल पहले इसकी कीमत 1100 रुपए थी।
भीड़ को कंट्रोल करने में पुलिस के छूट रहे पसीने
सरकार की तरफ से आटा बांटने के दौरान हादसों से बचने के लिए हथियारबंद पुलिस को तैनात किया गया है। इसके बावजूद भीड़ को कंट्रोल करने में पुलिस के पसीने छूट रहे हैं। यह हालात कराची, इस्लामाबाद, पेशावर, क्वेटा और बलूचिस्तान तक में देखे जा रहे हैं। आटे की बढ़ती कीमतों की वजह से कई इलाकों में लोग सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्षी नेता हाजी आदिल शेख ने कहा- सरकार कम दाम पर लोगों को आटा उपलब्ध कराने में नाकाम रही है। आटे की किल्लत से लोगों की जान जाना बेहद शर्मनाक है।