सर्च इंजन से एक्शन इंजन तक, Perplexity Computer से अब चुटकियों में होगा काम

Perplexity Computer एक नया AI एक्शन इंजन है। यह रिसर्च, प्लानिंग और कोडिंग जैसे जटिल काम खुद पूरा करता है। यह टूल फिलहाल Perplexity Max यूजर्स के लिए उपलब्ध है।

author-image
Kaushiki
New Update
Perplexity Computer

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में एक बहुत बड़ा धमाका हुआ है। भारतीय मूल के अरविंद श्रीनिवास की कंपनी परप्लेक्सिटी ने नया टूल पेश किया है। इसका नाम परप्लेक्सिटी कंप्यूटर (Perplexity Computer) रखा गया है।

ये कोई फिजिकल मशीन या हार्डवेयर नहीं है। बल्कि यह एक बहुत ही पावरफुल AI सॉफ्टवेयर टूल है। कंपनी इसे अपना अब तक का सबसे बड़ा प्रोडक्ट मान रही है। ये टूल इंटरनेट पर आपके लिए किसी भी काम को अंजाम दे सकता है। यह बाकी AI टूल्स की तुलना में बहुत ज्यादा एडवांस है।

खतरनाक है AI गर्लफ्रेंड, Perplexity के CEO अरविंद श्रीनिवास ने दी वॉर्निंग  - Perplexity CEO warns AI girlfriends are dangerous - AajTak

कैसे काम करता है परप्लेक्सिटी कंप्यूटर 

अबतक हम कंप्यूटर का यूज फाइलें सेव करने के लिए करते थे। हम सर्च इंजन पर जाकर सिर्फ जानकारी ढूंढते थे। लेकिन परप्लेक्सिटी कंप्यूटर इससे कई कदम आगे की चीज है। ये आपके लिए सोचने के साथ-साथ काम भी करता है।

मान लीजिए आपको किसी ट्रिप की पूरी प्लानिंग करनी है। आप बस इसे अपनी जरूरत और बजट बता दीजिए। यह आपके लिए होटल ढूंढेगा और बुकिंग भी कर देगा। ये शुरू से अंत तक पूरा टास्क खुद पूरा कर सकता है। इसके लिए आपको अलग-अलग वेबसाइट पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

सर्च इंजन से एक्शन इंजन तक का सफर

गूगल जैसे सर्च इंजन हमें सिर्फ लिंक्स दिखाते हैं। उसके बाद सारा काम हमें खुद ही करना पड़ता है। परप्लेक्सिटी कंप्यूटर ने इस तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। इसे कंपनी ने एक्शन इंजन (Action Engine) का नाम दिया है।

अब आपको ब्राउजर में 50 टैब खोलने की जरूरत नहीं है। ये सिर्फ एक टैब में आपके सारे जरूरी काम निपटा देगा। ये कोडिंग, गहरी रिसर्च और प्लानिंग करने में माहिर है। ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर जानकारी देता है।

कौन-कौन से फीचर्स शामिल हैं इसमें 

ये टूल दुनिया के बेहतरीन AI मॉडल्स की ताकत इस्तेमाल कर रहा है। इसका रीजनिंग इंजन Opus 4.6 तकनीक पर बेस्ड है। रिसर्च के लिए ये गूगल के Gemini AI मॉडल की मदद लेता है। इमेज बनाने के लिए इसमें Nano Banana का इस्तेमाल होता है।

वीडियो जेनरेशन के लिए यह Veo 3.1 मॉडल यूज करता है। हल्के कामों के लिए यह Grok जैसे टूल्स का उपयोग करता है। अगर यह कहीं अटकता है, तो नया एजेंट खुद बनाता है। यह अपनी गलतियों को सुधार कर काम पूरा करता है।

भारत में कब आएगा ये कंप्यूटर 

फिलहाल ये टूल हर किसी के लिए उपलब्ध नहीं है। इसे केवल Perplexity (Max Perplexity Pro AI) सब्सक्राइबर्स ही यूज कर सकते हैं। अभी इसे केवल वेब वर्जन पर ही चलाया जा सकता है। कंपनी ने मोबाइल ऐप के लिए कोई जानकारी नहीं दी है।

भारत में इसकी अवेलेबिलिटी पर अभी सस्पेंस बना हुआ है। कंपनी जल्द ही इसे ग्लोबल मार्केट में लॉन्च कर सकती है। ये टूल प्रोफेशनल्स और कोडर्स के लिए बहुत उपयोगी होगा। ये समय बचाने के साथ प्रोडक्टिविटी को बहुत बढ़ा देगा। Perplexity AI

ये खबरें भी पढ़ें...

Samsung ने भारत में सस्ते फोन्स को भी दी AI सुपरपावर, जानें क्या है इसकी कीमत

आसमान में द्रौपदी मुर्मू की 'प्रचंड' उड़ान, ऐसा करने वाली देश की पहली राष्ट्रपति

LinkedIn Report 2026: AI के दौर में बदल रहा है जॉब मार्केट, इन 5 स्किल से मिलेगी नौकरी

अश्लीलता फैलाने वाले पांच नए OTT Platforms Ban

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस Perplexity AI Perplexity Pro AI AI Gemini AI
Advertisment