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Photograph: (the sootr)
News In Short
- राष्ट्रपति मुर्मू ने जैसलमेर में हल्के युद्धक विमान 'प्रचंड' से उड़ान भरी।
- द्रौपदी मुर्मू 'प्रचंड' से ऐसा उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बनी
- प्रचंड की यह उड़ान सीमावर्ती क्षेत्र में रक्षा तैयारियों का प्रदर्शन का हिस्सा।
- 25 मिनट की इस उड़ान में राष्ट्रपति ने सीमावर्ती क्षेत्रों का जायजा लिया।
- ​राष्ट्रपति मुर्मू प्रचंड से पहले सुखोई और राफेल में भी भर चुकी हैं उड़ान।
News In Detail
​राजस्थान की रेतीली धरती शुक्रवार को फिर नए इतिहास की गवाह बनी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुबह जैसलमेर से स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (एलसीएच) 'प्रचंड' में उड़ान भरकर रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' का बुलंद संदेश दिया। द्रौपदी मुर्मू देश की पहली ऐसी राष्ट्रपति बन गई हैं, जिन्होंने 'प्रचंड' के कॉकपिट में बतौर को-पायलट अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
राष्ट्रपति मुर्मू ​प्रचंड की यह उड़ान न केवल रक्षा तैयारियों का प्रदर्शन है, बल्कि दुनिया को यह बताने का जरिया भी है कि भारत की सरहदें और आसमान अब अभेद्य है। जब देश की राष्ट्रपति खुद युद्धक विमानों के कॉकपिट से कमान संभालती हैं तो यह पूरे सैन्य बल के मनोबल को हिमालय जैसी ऊंचाई देता है।
​आसमान से देश को सलाम
राष्ट्रपति मुर्मू शुक्रवार ​सुबह 9:15 बजे जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पहुंची तो वहां का माहौल जोश और गौरव से भरा था। वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें इस घातक स्वदेशी लड़ाकू हेलिकॉप्टर की बारीकियों और मारक क्षमता के बारे में विस्तार से ब्रीफिंग दी। जी-सूट पहने राष्ट्रपति जब कॉकपिट की ओर बढ़ीं, तो उनकी आंखों में वही दृढ़ संकल्प था, जो एक योद्धा में होता है।
ठीक 10:15 बजे, ग्रुप कैप्टन एन.एस. बहुआ के नेतृत्व में 'प्रचंड' ने गर्जना करते हुए आसमान की ओर रुख किया। करीब 25 मिनट की इस उड़ान के दौरान राष्ट्रपति ने न केवल सीमावर्ती क्षेत्रों का जायजा लिया, बल्कि पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज की सामरिक स्थिति को भी करीब से देखा।
President Droupadi Murmu undertook a sortie in the indigenous Light Combat Helicopter Prachand at Air Force Station Jaisalmer, Rajasthan. The President said that we are extremely proud of our country's brave air warriors. She described LCH Prachand as a powerful symbol of… pic.twitter.com/AbtCgBkLWi
— President of India (@rashtrapatibhvn) February 27, 2026
रेडियो से विशेष संदेश प्रसारित
उड़ान के दौरान जब राष्ट्रपति का हेलिकॉप्टर जैसलमेर के सोनार दुर्ग के ऊपर से गुजरा तो उन्होंने रेडियो के माध्यम से देश के नाम एक विशेष संदेश प्रसारित किया। इस संदेश ने हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया।
​सुखोई, राफेल और अब प्रचंड
​राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रक्षा विमानों में उड़ान भरने के मामले में एक अनूठा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। वे इससे पहले घातक लड़ाकू विमान सुखोई-30 MKI और राफेल में भी उड़ान भर चुकी हैं।
'प्रचंड' की उड़ान के साथ ही उन्होंने यह साबित कर दिया कि भारत की सर्वोच्च कमांडर रक्षा तकनीक को न केवल समझती हैं, बल्कि उस पर पूरा भरोसा भी जताती हैं।
शाम को पोकरण में गरजेगा शौर्य
राष्ट्रपति की इस उड़ान ने शाम को होने वाले वायुसेना के सबसे बड़े युद्धाभ्यास 'वायु शक्ति-2026' की भूमिका लिख दी है। शाम 5 बजे पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय वायुसेना अपनी प्रलयंकारी मारक क्षमता का प्रदर्शन करेगी।
अभ्यास की मुख्य विशेषताएं
​सटीक निशाना: सुखोई, राफेल, तेजस और प्रचंड जैसे विमान अपने लक्ष्यों को नेस्तनाबूद करेंगे।
स्वदेशी ताकत: इस अभ्यास में 'मेक इन इंडिया' के तहत बने हथियारों और प्लेटफॉर्म्स पर विशेष जोर रहेगा।
​विशिष्ट अतिथि: कार्यक्रम में राष्ट्रपति के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल हरिभाऊ बागडे और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मौजूद रहेंगे।
​क्यों खास है 'प्रचंड'
एचसीएच 'प्रचंड' दुनिया का एकमात्र ऐसा हमलावर हेलिकॉप्टर है, जो 5,000 मीटर (16,400 फीट) की ऊंचाई पर लैंडिंग और टेक-ऑफ कर सकता है। यह सियाचिन जैसे दुर्गम युद्धक्षेत्रों के लिए वरदान है। जैसा कि रक्षा मंत्री ने कहा था कि इसके नाम में 'लाइट' भले ही जुड़ा हो, लेकिन इसके प्रहार अत्यंत 'भारी' और अचूक हैं।
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