Chhattisgarh में ED ने court को बताया कि Saumya chourasia पूछताछ में बहस कर रहीं- Chhattisgarh News
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रायपुर में ईडी ने कोर्ट से कहा- सरकार की सभी गुप्त सूचनाएं सूर्यकांत से वॉट्सएप पर शेयर करती थीं सौम्या, पूछताछ में कर रहीं बहस

Yagyawalkya Mishra
07,दिसम्बर 2022, (अपडेटेड 07,दिसम्बर 2022 12:30 PM IST)
प्रवर्तन निदेशालय को सौम्या चौरसिया की चार दिन की रिमांड मिली।
प्रवर्तन निदेशालय को सौम्या चौरसिया की चार दिन की रिमांड मिली।

RAIPUR. प्रवर्तन निदेशालय को सौम्या चौरसिया की चार दिन की रिमांड फिर हासिल हो गई है। सौम्या चौरसिया को लेकर ईडी द्वारा कोर्ट में पेश रिमांड नोट में ईडी ने सौम्या चौरसिया को लेकर कोर्ट को बताया है कि सौम्या चौरसिया वॉट्सएप के जरिए सरकार की सभी गुप्त सूचनाएं सूर्यकांत तिवारी से साझा करती थीं। ईडी ने यह भी बताया है कि, अनुराग चौरसिया नामक व्यक्ति जिसकी बेहद सीमित आय है, उसने सौम्या चौरसिया की मां शांति देवी चौरसिया और उसके परिवार को 1 करोड़ से अधिक की राशि अनसिक्योर्ड लोन के रूप में दिए। उस कथित लोन के जरिए जमीन खरीदकर बेची गई पर लोन वापस नहीं किया गया।

ईडी ने कोर्ट में बताया- कर्ज लेकर कर्ज दिया गया

प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट से कहा है कि जिस अनुराग चौरसिया ने करीब एक करोड़ पच्चीस लाख का लोन दिया, जबकि उसकी खुद की बीते 6 सालों में आय बमुश्किल तीस लाख है। अनुराग चौरसिया के हवाले से ईडी ने कोर्ट को बताया है कि, उसने दूसरों से राशि उधार लेकर यह रकम सौम्या चौरसिया के परिजनों को दी। अनुराग से मिले कथित लोन से एक जमीन खरीदी गई जिसे केवल चार महीने में चार गुना दाम में बेचा गया, लेकिन अनुराग द्वारा दिया गया कथित कर्ज लौटाया नहीं गया, बल्कि उन पैसों का इस्तेमाल और जमीन खरीदने के लिए हुआ। बिल्कुल यही प्रक्रिया सौम्या चौरसिया के भाई अमित चौरसिया के हवाले से अपनाई गई, जिसमें उसने दूसरे से कर्ज लेकर शांति देवी और अन्य रिश्तेदारों को दिया।


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मनीष उपाध्याय सौम्या के काले धन का करता था रखरखाव

प्रवर्तन निदेशालय ने कहा है कि जांच में यह पता चला है कि मनीष उपाध्याय से अनुराग चौरसिया को कैश में रकम मिलती थी और मनीष उपाध्याय ही वह व्यक्ति है, जो सौम्या चौरसिया के काले धन को संभालता था। शांति देवी चौरसिया ने एक संपत्ति जो चार गुना दाम पर बेची, उसे खरीदने वाला अनिल अग्रवाल है, जो कि कोयला घोटाला मामले में गिरफ्तार सुनील अग्रवाल का रिश्तेदार है। इस संपत्ति के मूल दस्तावेज सूर्यकांत तिवारी के घर से आयकर के छापे के दौरान बरामद हुए थे। शांति देवी चौरसिया ने यह संपत्ति साठ लाख में अनिल अग्रवाल से ही खरीदी और फिर उसे ही 2.27 करोड़ में बेच दिया। ईडी ने इस 2 करोड़ 27 लाख के स्रोत को भी संदिग्ध बताया है।

सूर्यकांत के वसूले रुपए ही मनीष ने जमीन खरीदी में लगाए

प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट को बताया है कि अनिल और सुनील अग्रवाल के माध्यम से संपत्ति की खरीद-फरोख्त और दस्तावेज का सूर्यकांत के पास होना यह साबित करता है कि ये सिर्फ़ सौम्या चौरसिया के बैंक स्टेटमेंट को सुरक्षित रखने के लिए किया गया। ईडी ने सबूतों के होने का दावा करते हुए कोर्ट को बताया है कि बाद में जो साढ़े 7 करोड़ रुपए मनीष उपाध्याय के माध्यम से अवैध जमीन लेनदेन में लगाए गए वो दरअसल सूर्यकांत द्वारा वसूली रक़म थी।

ईडी ने कहा- मनीष उपाध्याय, अनुराग चौरसिया से आमना-सामना कराकर पूछताछ हो

ईडी ने रिमांड बढ़ाने की मांग करते हुए कोर्ट को बताया है कि सौम्या चौरसिया असहयोगात्मक रवैया अपना रही हैं। पूछताछ में बिना वजह बहस कर रही हैं और सच छिपा रही हैं। ईडी ने आयकर विभाग से प्राप्त वॉट्सएप चैट का हवाला दिया है और कोर्ट से रिमांड मांगते हुए आग्रह किया है कि सौम्या चौरसिया को मनीष उपाध्याय, अनुराग चौरसिया, जब्त वॉट्सएप चैट और ईडी के द्वारा जब्त अन्य साक्ष्यों से आमना सामना कराकर पूछताछ करना जरूरी है।

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