इस महान आदमी ने क्यों कहा- धीमी कर दो AI की दौड़, नहीं तो पछताएंगे
प्रसिद्ध लेखक और बेस्टसेलर किताबों 'Sapiens' और 'Homo Deus' के लेखक युवाल नोआ हरारी (Yuval Noah Harari) ने चेतावनी दी है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) विकसित करने की वैश्विक होड़ 'सुरक्षा उपायों के बिना' हो रही है। इस दौड़ में कंपनियों और देशों के बीच विश्वास की कमी है, जो इसे धीमा करने के किसी भी प्रयास में बाधा बन रही है। अगर AI की यह अंधी दौड़ ऐसे ही रही तो मानवता बहुत बड़े खतरे में पड़ सकती है।
एआई के बढ़ते खतरे पर हरारी की चेतावनी
हरारी ने इस बात पर भी जोर दिया कि इंसान एक-दूसरे पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन एआई पर भरोसा कर रहे हैं।"यह एक बड़ा जुआ है। हम इंसानों के साथ विश्वास बनाना जानते हैं, लेकिन एआई के साथ ऐसा कैसे करें, यह नहीं जानते"
"रेस वह भी बिना सुरक्षा उपायों के"
हरारी ने कहा, "एक दौड़ जहां कोई सुरक्षा उपाय नहीं है, उसमें एआई जीत जाएगा और मानवता हार जाएगी। हमें इंसानों के बीच सहयोग की जरूरत है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।"
उन्होंने चेतावनी दी कि इस वैश्विक एआई दौड़ का परिणाम एक ऐसा विश्व हो सकता है, जहां एआई की क्षमताओं में असमानता होगी। "जो देश पीछे छूट रहे हैं, उन्हें मिलकर इस असमान दुनिया का सामना करने की योजना बनानी चाहिए," हरारी ने कहा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि एआई दौड़ में अग्रणी न होने वाले देशों को 'अंधकारमय भविष्य' का सामना करना पड़ सकता है।
एआई: टूल से 'एजेंट' बनने की ओर
हरारी ने कहा कि एआई पहली ऐसी तकनीक बन सकती है जो अपने दम पर निर्णय ले सकेगी। इस तरह यह केवल 'टूल' नहीं रहकर 'एजेंट' बन जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि मौजूदा दौर में एआई को लेकर जितनी तेजी से काम हो रहा है, उसमें सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए कोई ठोस योजना नहीं है।
हरारी की अपील
हरारी ने कंपनियों और देशों से सहयोग करने और एआई की प्रगति को धीमा करने की अपील की। उनका कहना है कि यह इंसानों और एआई के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरी है।
FAQ
- युवाल नोआ हरारी कौन हैं, और उन्होंने एआई के बारे में क्या चेतावनी दी है?
युवाल नोआ हरारी बेस्टसेलर किताबों 'Sapiens' और 'Homo Deus' के लेखक हैं। उन्होंने कहा कि एआई की तेज़ दौड़ में सुरक्षा उपायों की कमी मानवता के लिए खतरा बन सकती है। - हरारी ने एआई पर भरोसे को लेकर क्या कहा?
हरारी ने बताया कि इंसान एक-दूसरे पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन एआई पर भरोसा कर रहे हैं, जो एक बड़ा जुआ है। - हरारी के अनुसार एआई से जुड़ी असमानता का क्या प्रभाव हो सकता है?
उन्होंने कहा कि एआई की असमान क्षमताओं के कारण कुछ देशों को अंधकारमय भविष्य का सामना करना पड़ सकता है। - हरारी ने एआई को 'टूल' से 'एजेंट' में बदलने के खतरे पर क्या कहा?
हरारी ने कहा कि एआई एक ऐसी तकनीक बन सकती है जो अपने निर्णय स्वयं लेगी, जिससे यह केवल एक 'टूल' न रहकर 'एजेंट' बन जाएगी। - एआई दौड़ को धीमा करने के लिए हरारी ने क्या सुझाव दिया?
हरारी ने देशों और कंपनियों से सहयोग की अपील की, ताकि एआई को संतुलित और सुरक्षित तरीके से विकसित किया जा सके।
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