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News in Short
- अखिलेश यादव ने शंकराचार्य को गंगा स्नान से रोकने पर सरकार की आलोचना की।
- अखिलेश ने रामभद्राचार्य से जुड़ा मामला वापस लेने को अपनी गलती बताया।
- अखिलेश ने बीजेपी पर माहौल खराब करने और विपक्ष का मनोबल गिराने का आरोप लगाया।
- मुख्यमंत्री के जापान दौरे पर तंज करते हुए अखिलेश ने आत्ममंथन की सलाह दी।
- शंकराचार्य और अन्य के खिलाफ यौन शोषण के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई।
News in Detail
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने शंकराचार्य के मुद्दे पर सीएम योगी आदित्यनाथ और जगद्गुरु रामभद्राचार्य पर तीखा हमला बोला। अखिलेश यादव ने कहा, केवल कान छिदवाने और विशेष वस्त्र पहनने से कोई योगी नहीं बन जाता।
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रामभद्राचार्य के खिलाफ मामला वापस लेकर गलती की
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने रामभद्राचार्य से जुड़े पुराने 420 मामले को वापस लेने को अपनी गलती बताया। उन्होंने कहा कि उस समय सख्त कार्रवाई होनी चाहिए थी। अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव से पहले माहौल खराब करने की कोशिश कर सकती है। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित जापान दौरे पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें विकास के मुद्दों पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने बीजेपी पर विपक्ष का मनोबल गिराने का आरोप लगाया। अखिलेश ने जनता से सजग रहने की अपील की।
रामभद्राचार्य पर 420 का मामला क्या है?
सूत्रों के अनुसार, रामभद्राचार्य पर 420 मामला चित्रकूट स्थित उनके जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय से जुड़ा था। यहां वित्तीय अनियमितता हुई थी। आरोप था कि वाहन के पैसे से कमरे बनवाए गए। इसके अलावा नियुक्तियों को लेकर भी आरोप थे कि रिश्तेदारों को प्रमुख पद पर नियुक्त किया गया। तीन साल की जांच के बाद 5 फरवरी 2012 को मुकदमा दर्ज हुआ। अखिलेश यादव की सरकार ने मुकदमे को वापस ले लिया था।
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शंकराचार्य को गंगा स्नान से रोका गया
अखिलेश यादव ने कहा, हमारे पूजनीय शंकराचार्य जी कई दिनों तक धरने पर बैठे रहे, और उस समय सर्दी पीक पर थी। अब तक के इतिहास में सनातनी व्यवस्था में किसी शंकराचार्य को गंगा स्नान से नहीं रोका गया। लेकिन यह पहली बार हुआ है इस सरकार में कि उन्हें स्नान करने से रोका गया। हमारे सनातन धर्म की त्रिवेणी है, और अब यह सरकार एक कदम आगे निकल गई है।
अदालत के आदेश के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, मुकुंदानंद और 2-3 अज्ञात लोगों के खिलाफ झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई। कोर्ट का आदेश बुधवार देर शाम प्राप्त हुआ। पुलिस ने रात में ही मामला दर्ज किया और कानूनी कार्रवाई शुरू की। FIR में नाबालिगों से यौन शोषण के आरोप लगाए गए हैं।
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