नहीं रहे महाराणा प्रताप के वंशज अरविंद सिंह मेवाड़, 80 साल की उम्र में निधन
Raj Singh | Mar 16, 2025, 10:23 IST
MAHARANA PRATAB
राजस्थान के उदयपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य अरविंद सिंह मेवाड़ का निधन हो गया है। वे लंबे समय से बीमार थे और उनका इलाज सिटी पैलेस में चल रहा था।
राजस्थान के उदयपुर के पूर्व राजपरिवार के प्रमुख सदस्य अरविंद सिंह मेवाड़ का निधन 80 वर्ष की उम्र में हो गया। वे लंबे समय से बीमार थे और उनका इलाज सिटी पैलेस के शंभू निवास में चल रहा था। अरविंद सिंह मेवाड़, जो भागवत सिंह मेवाड़ और सुशीला कुमारी मेवाड़ के छोटे बेटे थे, अपने पारिवारिक विवादों के कारण भी चर्चा में रहे हैं। उनके बड़े भाई महेन्द्र सिंह मेवाड़ का निधन पिछले साल नवंबर 2024 में हो गया था। बता दें कि अरविंद सिंह,महाराणा प्रताप के वंशज थे।
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पूर्व महाराणा भगवत सिंह ने 1963 से 1983 तक कई संपत्तियों को लीज पर दे दिया था, जिसे लेकर महेन्द्र सिंह मेवाड़ ने कोर्ट में केस फाइल किया था। महेन्द्र सिंह ने कोर्ट में कहा था कि पैतृक संपत्तियों को सब में बराबर बांटा जाए, और रूल ऑफ प्राइमोजेनीचर को छोड़ दिया जाए। रूल ऑफ प्राइमोजेनीचर के अनुसार, बड़े बेटे को राजा और सारी संपत्ति का मालिक माना जाता है। भगवत सिंह ने कोर्ट में इस पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह संपत्ति इम्पोर्टेबल एस्टेट है, यानी इसे बांटा नहीं जा सकता।
भगवत सिंह ने अपनी वसीयत में अरविंद सिंह मेवाड़ को संपत्तियों का एग्जीक्यूटर नियुक्त किया था।
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अरविंद सिंह मेवाड़ ने न केवल अपने परिवार की पारंपरिक विरासत को आगे बढ़ाया बल्कि उन्होंने समाज और संस्कृति में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे एक सम्मानित और प्रतिष्ठित व्यक्ति थे। उनका निधन न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे उदयपुर के लिए एक बड़ी क्षति है।
अरविंद सिंह मेवाड़ और पारिवारिक विवाद
अरविंद सिंह मेवाड़ के परिवार में कई सालों से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। महेन्द्र सिंह मेवाड़ के निधन के बाद, परिवार के भीतर राजतिलक की रस्म को लेकर विवाद और गहरा गया। महेन्द्र सिंह मेवाड़ के राजतिलक के बाद, सिटी पैलेस में धूणी दर्शन के समय गेट बंद कर दिए गए थे, जिससे विवाद हुआ। अंततः प्रशासन की समझाइश के बाद, कुछ लोग धूणी दर्शन करने सिटी पैलेस पहुंचे। यह सब एक बड़े पारिवारिक संपत्ति विवाद के कारण हुआ था।
रूल ऑफ प्राइमोजेनीचर और संपत्ति विवाद
भगवत सिंह ने अपनी वसीयत में अरविंद सिंह मेवाड़ को संपत्तियों का एग्जीक्यूटर नियुक्त किया था।
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अरविंद सिंह मेवाड़ का योगदान और विरासत
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