ओडिशा ट्रेन हादसे को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास,घटनास्थल के पास मस्जिद होने का दावा, पुलिस की अपील

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BP Shrivastava
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ओडिशा ट्रेन हादसे को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास,घटनास्थल के पास मस्जिद होने का दावा, पुलिस की अपील

NEW DELHI. ओडिशा पुलिस की ओर से यह अपील ऐसे समय की गई है जब ट्रेन दुर्घटना की तस्वीरें और वीडियो गलत तरीके से शेयर किए जा रहे हैं। कुछ लोग इस हादसे को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। ओडिशा पुलिस ने बालासोर ट्रेन हादसे को लेकर लोगों को अफवाहों से बचने की सलाह दी है। पुलिस की ओर कहा गया, 'यह देखने में आया है कि कुछ सोशल मीडिया यूजर्स शरारतपूर्ण तरीके से इस दर्दनाक ट्रेन हादसे को सांप्रदायिक रंग दे रहे हैं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।' पुलिस की ओर से रविवार (4 जून) को एक के बाद एक कई ट्वीट किए गए। इसमें कहा गया कि जीआरपी, ओडिशा की ओर से दुर्घटना के कारणों और अन्य सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।





पुलिस की अपील





एक अन्य ट्वीट में पुलिस ने कहा, 'हम सभी लोगों से अपील करते हैं कि वे इस तरह के झूठे और दुर्भावनापूर्ण पोस्ट शेयर करने से बचें। अफवाह फैलाकर साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।' कोलकाता से 250 किलोमीटर दक्षिण और भुवनेश्वर से 170 किलोमीटर उत्तर में बालासोर के पास बाहानगा बाजार स्टेशन पर यह हादसा हुआ। शुक्रवार (2 जून)  को हुई इस दुर्घटना की चपेट में बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस भी आ गई थी। रेल इतिहास की सबसे भीषण दुर्घटनाओं में से एक इस दुर्घटना में 288 यात्रियों की मौत हो गई और 1,100 से अधिक यात्री घायल हो गए।





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हादसे वाली जगह पर मस्जिद होने का दावा





पुलिस की ओर से यह अपील ऐसे समय की गई है। जब ट्रेन दुर्घटना की तस्वीरें और वीडियो गलत तरीके से शेयर किए जा रहे हैं। कुछ लोग इस हादसे को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। इनकी ओर से दावा किया जा रहा है कि कि दुर्घटना स्थल के पास एक मस्जिद थी। द रैंडम इंडियन (@randomsena) नाम के ट्विटर यूजर ने ड्रोन के जरिए खींची गई तस्वीर पोस्ट की है। इसमें घटनास्थल का हवाई दृश्य दिखाया गया है। फोटो में तीर से एक सफेद इमारत की ओर इशारा किया गया है, जो कि मस्जिद मालूम पड़ती है। यूजर ने फोटो के कैप्शन में लिखा, 'बस कह रहा हूं कि कल शुक्रवार था।'





मस्जिद होने के दावा गलत 





दरअसल, यूजर की ओर से यह कहने की कोशिश की गई कि इस त्रासदी के लिए मुसलमान जिम्मेदार हैं। यह ट्वीट एक थ्रेड का हिस्सा था जहां ट्रेन दुर्घटना को मुसलमानों के पूर्व नियोजित हमले के रूप में पेश करने की कोशिश की गई। हालांकि, तथ्यों की जांच करने वाली वेबसाइट बूम फैक्टचेक ने इस दावे को गलत करार दिया है। इसके अनुसार, ऐसा दावा कि दुर्घटना स्थल के ठीक बगल में मस्जिद स्थित है, यह झूठी बात है। वायरल पोस्ट में तीर से जिस इमारत को दिखाया गया है वो वास्तव में इस्कॉन टेंपल है।





ओडिशा सीएम ने की 5-7 लाख रु. की सहायता की घोषणा





ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने रेल हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। यह सहायता मुख्यमंत्री राहत कोष से दी जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने कहा कि मृतकों के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपए की, जबकि हादसे में घायल हुए लोगों को 1-1 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। इससे पहले, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने 2-2 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की थी। रेलवे की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, बाहानगा बजार रेलवे स्टेशन के पास कोरोमंडल एक्सप्रेस मुख्य लाइन के बजाय लूप लाइन में प्रवेश करने के बाद वहां खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई थी।



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