बिना ISI मार्क के नहीं बिक सकेंगे अब मोबाइल स्क्रीन गार्ड, 1 अप्रैल 2027 में नियम लागू

Manya Jain | Sept 22, 2026, 13:34 IST
Share
bis registration mandatory screen guard
bis registration mandatory screen guard

स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले हर व्यक्ति के लिए एक जरूरी खबर है। सरकार ने स्क्रीन गार्ड्स को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब बाजार में हर स्क्रीन गार्ड बिकने से पहले सरकारी जांच से गुजरेगा।

सरकार ने स्मार्टफोन स्क्रीन गार्ड्स के लिए BIS (Bureau of Indian Standards) रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है। यह नियम 1 अप्रैल 2027 से पूरे देश में लागू होगा।

बिना रजिस्ट्रेशन वाले गार्ड्स की बिक्री बैन हो जाएगी। इससे सस्ते और डुप्लीकेट गार्ड्स बाजार से हट जाएंगे। ग्राहकों को बेहतर क्वालिटी वाले प्रोडक्ट मिलेंगे।

क्यों लिया गया यह फैसला

मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक यह नियम यूजर्स की सुरक्षा के लिए लाया गया है। बाजार में बिकने वाले कई स्क्रीन गार्ड्स की क्वालिटी बेहद खराब होती है। ऐसे गार्ड्स झटका लगते ही टूट जाते हैं। इससे फोन की असली डिस्प्ले को भी नुकसान पहुंचता है। सरकार अब इसी समस्या को खत्म करना चाहती है।

कंपनियों के लिए क्या बदलेगा

अब हर कंपनी को अपने स्क्रीन गार्ड की BIS लैब में जांच करानी होगी। टेस्ट पास करने के बाद ही प्रोडक्ट बेचा जा सकेगा। बिना BIS मार्क वाले गार्ड्स का इम्पोर्ट और लोकल प्रोडक्शन दोनों बैन होंगे। इससे कंपनियों की लागत बढ़ सकती है।

ग्राहक कैसे पहचानेंगे असली गार्ड

अप्रैल 2027 के बाद हर स्क्रीन गार्ड के पैकेट पर ISI मार्क छपा होगा। साथ में एक रजिस्ट्रेशन नंबर भी दिया जाएगा। ग्राहक 'BIS CARE' ऐप पर जाकर यह नंबर चेक कर सकेंगे। इससे नकली और असली प्रोडक्ट में फर्क करना आसान होगा।

क्या सस्ते गार्ड्स पूरी तरह बंद हो जाएंगे

लोकल दुकानों पर मिलने वाले 50 से 100 रुपए के गार्ड्स पर सीधा असर पड़ेगा। बिना टेस्टिंग और रजिस्ट्रेशन वाला कोई भी गार्ड बेचना गैरकानूनी होगा।

इससे बिना ब्रांड वाले सस्ते चाइनीज गार्ड्स पर भी लगाम लगेगी। हालांकि इससे स्क्रीन गार्ड्स की कीमत 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।

घटिया गार्ड से यूजर को क्या नुकसान होगा

खराब क्वालिटी का ग्लास हल्का झटका लगने पर खुद तो टूटता ही है, फोन की असली स्क्रीन को भी नुकसान पहुंचाता है। कई गार्ड्स में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर सही से काम नहीं करता।

टच रिस्पॉन्स भी धीमा हो जाता है। सस्ते ग्लास में एंटी-ग्लेयर और UV कोटिंग की कमी होती है। इससे स्क्रीन का रिफ्लेक्शन आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है।

नियम तोड़ने पर क्या होगी सजा

BIS अधिनियम के तहत बिना सर्टिफिकेशन सामान बेचना अपराध माना जाएगा। ऐसा करने वाले दुकानदारों और मैन्युफैक्चरर्स पर जुर्माना लग सकता है। साथ ही उनका माल भी जब्त किया जा सकता है। यह कार्रवाई इंपोर्टर्स पर भी लागू होगी।

स्क्रीन गार्ड के प्रकार और अंतर

बाजार में चार तरह के स्क्रीन गार्ड मिलते हैं। 2D और 2.5D टेम्पर्ड ग्लास बेसिक प्रोटेक्शन के लिए होते हैं। 3D और UV कर्व्ड ग्लास महंगे कर्व्ड डिस्प्ले फोन्स के लिए बनते हैं।

MOBILE SCREEN GUARD RULES
MOBILE SCREEN GUARD RULES


मैट या प्राइवेसी ग्लास स्क्रीन को साइड से छिपाने में मदद करता है। प्लास्टिक और TPU (Thermoplastic Polyurethane) गार्ड सिर्फ स्क्रैच से बचाते हैं। ये ड्रॉप प्रोटेक्शन नहीं देते।

ये भी पढ़ें...

Hindi Diwas Special: स्मार्टफोन के दौर में कैसे बदला हमारी हिंदी का मिजाज

स्मार्टफोन रिचार्ज हुए महंगे! एयरटेल ने बंद किए सस्ते प्लान, जियो लाया नया ऑफर

अब फ्री में मिलेंगे Apple के फोन, इस शहर में लग रहा आईफोन का लंगर

नई सीरीज आते ही पुराने आईफोन की कीमत 30 हजार तक बढ़ी, 17 Pro स्टोर से बाहर



Tags:
  • गार्ड
  • bureau of indian standards
  • स्मार्टफोन
  • bis
पति की मौत के बाद बीमा कंपनी ने रोके 20 लाख, महिला ने लड़ी लंबी लड़ाई, अब ब्याज समेत देना होगा पैसा

By Umeshwari Baghel

पति की मौत के बाद बीमा कंपनी ने रोके 20 लाख, महिला ने लड़ी लंबी लड़ाई, अब ब्याज समेत देना होगा पैसा
वोट चोरी के आरोपों की अब घर-घर जांच? मध्य प्रदेश कांग्रेस 25 अक्टूबर से जुटाएगी सबूत

By Ramanand Tiwari

वोट चोरी के आरोपों की अब घर-घर जांच? मध्य प्रदेश कांग्रेस 25 अक्टूबर से जुटाएगी सबूत
Rajasthan Top News: रितु बराला मामले में जयपुर पुलिस कमिश्नरेट पर कांग्रेस का हल्ला बोल, FIR की मांग पर अड़े डोटासरा

By Jageshwar prasad

Rajasthan Top News: रितु बराला मामले में जयपुर पुलिस कमिश्नरेट पर कांग्रेस का हल्ला बोल, FIR की मांग पर अड़े डोटासरा
CG Top News: छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें... छत्तीसगढ़ में विधानसभा की 45 सीट महिलाओं के लिए हो सकती हैं आरक्षित

By Harrison Masih

CG Top News: छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें... छत्तीसगढ़ में विधानसभा की 45 सीट महिलाओं के लिए हो सकती हैं आरक्षित
इंदौर में अर्बन कॉन्क्लेव-2026: सीएम मोहन यादव करेंगे शहरी विकास पर चर्चा, इन्वेस्टर्स और एक्सपर्ट्स भी होंगे शामिल

By Arohi Raj

इंदौर में अर्बन कॉन्क्लेव-2026: सीएम मोहन यादव करेंगे शहरी विकास पर चर्चा, इन्वेस्टर्स और एक्सपर्ट्स भी होंगे शामिल
ओबीसी आरक्षण पर कानूनी लड़ाई या वोट बैंक की राजनीति? आदित्य सांघी ने राजनीतिक दलों पर उठाए सवाल

By Neel Tiwari

ओबीसी आरक्षण पर कानूनी लड़ाई या वोट बैंक की राजनीति? आदित्य सांघी ने राजनीतिक दलों पर उठाए सवाल
परीक्षा में नकल करने वालों की अब खैर नहीं, तीन शहरों में बनीं स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट

By Harrison Masih

परीक्षा में नकल करने वालों की अब खैर नहीं, तीन शहरों में बनीं स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट