वोट चोरी के आरोपों की अब घर-घर जांच? मध्य प्रदेश कांग्रेस 25 अक्टूबर से जुटाएगी सबूत
Ramanand Tiwari | Oct 20, 2026, 20:49 IST
वोट चोरी के आरोपों को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस 25 अक्टूबर नया अभियान शुरू करेगी।
मध्यप्रदेश में मतदाता सूची की कथित गड़बड़ियों को लेकर कांग्रेस घर-घर पहुंचने की तैयारी में है। महीनेभर का यह अभियान 25 अक्टूबर से शुरू होगा। कांग्रेस कार्यकर्ता बूथ स्तर पर मतदाताओं से मिलेंगे। इसके साथ ही मतदाता सूची का सत्यापन करेंगे। पार्टी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रही है। बड़ा सवाल है कि कांग्रेस अपने आरोपों के समर्थन में कितने ठोस प्रमाण दे पाएगी?
आरोपों से आगे, अब प्रमाणों की परीक्षा
25 अक्टूबर से शुरू होगा अभियान
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग क्यों?
दशहरे पर पुतला दहन के निर्देश दिए जाने का भी उल्लेख है। हालांकि वोट चोरी (Vote theft) का आरोप अपने आप में चुनावी अनियमितता का प्रमाण नहीं है। इसके लिए संबंधित मतदाता प्रविष्टियों और रिकॉर्ड की जांच जरूरी होगी। सक्षम प्राधिकारी की जांच भी आवश्यक होगी।
10 पर्यवेक्षकों को मिली निगरानी की जिम्मेदारी
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार पर्यवेक्षक 23 और 24 अक्टूबर को मध्यप्रदेश पहुंचेंगे। इस दौरान वे संगठनात्मक बैठकें करेंगे। प्रदेश कांग्रेस ने भी संभागवार वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
दिल्ली के कार्यक्रमों से जुड़ेगा प्रदेश का अभियान
कांग्रेस एक नवंबर और 26 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित कार्यक्रमों की तैयारी भी कर रही है। प्रदेश के संपर्क अभियान को इन आयोजनों से जोड़ने की रणनीति है। इससे मतदाता सूची का मुद्दा प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जा सकेगा।
मतदाता सूची में गड़बड़ी मिले तो क्या होगा?
ऐसे मामलों के लिए निर्वाचन आयोग की निर्धारित दावा-आपत्ति और शिकायत प्रक्रिया उपलब्ध है। संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के सामने नियमानुसार आवेदन किया जा सकता है। इसके साथ जरूरी प्रमाण भी प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
राजनीतिक दलों की ओर से किया गया सत्यापन आधिकारिक निर्वाचन प्रक्रिया का विकल्प नहीं है। इसलिए अभियान की वास्तविक उपयोगिता शिकायतों की संख्या से भी आंकी जा सकेगी। यह देखना होगा कि कितनी सत्यापन योग्य शिकायतें सामने आती हैं। उन शिकायतों पर नियमानुसार क्या कार्रवाई होती है, यह भी महत्वपूर्ण होगा।
सबसे बड़ा सवाल: कितने आरोप, कितने प्रमाण?
दूसरी ओर निर्वाचन अधिकारियों का पक्ष जानना भी आवश्यक होगा। किसी निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए आधिकारिक रिकॉर्ड की जांच जरूरी होगी। फिलहाल महीनेभर का यह अभियान चुनावी पारदर्शिता पर राजनीतिक बहस बढ़ा सकता है। हालांकि कथित वोट चोरी की पुष्टि स्वतंत्र और विधिसम्मत जांच के बिना नहीं हो सकती।
जनता का सवाल
Rajasthan Top News: रितु बराला मामले में जयपुर पुलिस कमिश्नरेट पर कांग्रेस का हल्ला बोल, FIR की मांग पर अड़े डोटासरा
By Jageshwar prasad
CG Top News: छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें... छत्तीसगढ़ में विधानसभा की 45 सीट महिलाओं के लिए हो सकती हैं आरक्षित
By Harrison Masih
इंदौर में अर्बन कॉन्क्लेव-2026: सीएम मोहन यादव करेंगे शहरी विकास पर चर्चा, इन्वेस्टर्स और एक्सपर्ट्स भी होंगे शामिल
By Arohi Raj
ओबीसी आरक्षण पर कानूनी लड़ाई या वोट बैंक की राजनीति? आदित्य सांघी ने राजनीतिक दलों पर उठाए सवाल
By Neel Tiwari
परीक्षा में नकल करने वालों की अब खैर नहीं, तीन शहरों में बनीं स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट
By Harrison Masih
पहली नौकरी पर कैसे मिलेंगे 15,000 रुपए? ईपीएफओ और प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना की जरूरी शर्तें जानें
By Arohi Raj
राजस्थान में 5500 की रसीद पर 15500 रुपए वसूली का आरोप, खाचरियावास बोले- भजनलाल सरकार में खुली लूट
By Raghvendra Singh Rathore