नोएडा की जेपी विश टाउन में 94 फीसदी बढ़ाया मेंटेनेंस, जांच बैठी

Sanjay Dhiman | Apr 22, 2026, 18:53 IST
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नोएडा की जेपी विश टाउन कॉसमॉस सोसाइटी में सुरक्षा मैनेजमेंट ने मेंटेनेंस शुल्क 2 रुपए से बढ़ाकर 3.89 रुपए प्रति स्क्वायर फिट करने का नोटिस दिया है। मजेदार बात ये है कि लगभग दोगुनी बढ़ोतरी के लिए योगी सरकार के न्यूनतम वेतन आदेश का हवाला दिया गया है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • नोएडा की जेपी विश टाउन सोसाइटी में मेंटेनेंस शुल्क लगभग दोगुना कर दिया।
  • सुरक्षा मैनेजमेंट ने बढ़ोतरी के लिए मुख्यमंत्री के नाम का हवाला दिया है।
  • निवासियों ने RERA और NCLT नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया।
  • निवासियों ने नोएडा प्राधिकरण के सीईओ से मिलकर हस्तक्षेप की मांग की।
  • सीईओ ने मामला गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारी को जांच का आदेश दिया।

योगी के नाम का सहारा

नोएडा, सेक्टर 134 स्थित जेपी (Jaypee) विश टाउन कॉसमॉस के क्लस्टर B-43 के निवासियों को एक नोटिस मिला। इस नोटिस में कहा गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मजदूरी बढ़ाने के आदेश दिए हैं। इसलिए सुरक्षा एआरसी (ARC) मेंटेनेंस चार्ज 2 रुपए प्रति स्क्वायर फिट से बढ़ाकर 3 रुपए 89 पैसे प्रति स्क्वायर फिट करेगी। यह बढ़ोतरी एक मई 2026 से लागू होनी थी।

मुख्यमंत्री का नाम मौखिक रूप से लिया जा रहा था। लिखित नोटिस में केवल न्यूनतम वेतन वृद्धि की बात थी। निवासियों ने इसे भ्रामक और आपत्तिजनक बताया।

94.5% की बढ़ोतरी, वह भी बिना एग्रीमेंट के

बता दें कि यह बढ़ोतरी करीब 94.5 प्रतिशत है। यानी जो शुल्क पहले 2 रुपए प्रति स्क्वायर फिट था, वह अब लगभग दोगुना हो गया। निवासियों का आरोप है कि यह बढ़ोतरी बिना किसी वैध "मेंटेनेंस एग्रीमेंट" के की जा रही है। उनका कहना है कि सुरक्षा एआरसी ने कोई पूर्व सहमति नहीं ली, कोई ऑडिट नहीं कराया और ना ही निवासियों से कोई बातचीत की।

एक और चौंकाने वाली बात यह है कि सिर्फ 20 दिन के भीतर ही प्रस्तावित दर 3.63 रुपए से बढ़कर 3.89 रुपए प्रति स्क्वायर फिट हो गई। इससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

RERA और NCLT नियमों का उल्लंघन

निवासियों ने कहा कि यह कदम RERA Act की धारा 11(4)(d) और (e) का सीधा उल्लंघन है। इन धाराओं के तहत डेवलपर या मैनेजमेंट को प्रोजेक्ट का प्रबंधन उचित शुल्क पर करना होता है। यह तब तक अनिवार्य है, जब तक प्रोजेक्ट का हस्तांतरण AOA (Association of Apartment Owners) को न हो जाए।

साथ ही यह NCLT द्वारा अनुमोदित रेजोल्यूशन प्लान के क्लॉज 22.9 के विपरीत भी बताया जा रहा है। जेपी को सुरक्षा एआरसी ने अधिगृहित किया था। निवासियों का कहना है कि अधिग्रहण के बाद से यह कंपनी मनमाने तरीके से काम कर रही है। न NCLT के आदेश माने जा रहे हैं और न ही कानूनी प्रावधानों का पालन हो रहा है।

सेवाएं बंद करने की धमकी भी

निवासियों का आरोप है कि सुरक्षा मैनेजमेंट ने साफ कहा कि अगर बढ़ी हुई दरें नहीं मानी गईं, तो मेंटेनेंस सेवाएं बंद कर दी जाएंगी। यानी पानी, सफाई, लिफ्ट जैसी जरूरी सुविधाएं रोकने की चेतावनी दी गई। निवासियों ने इसे "अनुचित व्यापार व्यवहार" की श्रेणी का मामला बताया है।

भेदभाव का भी आरोप

क्लस्टर B-43 के निवासियों का यह भी कहना है कि उनसे अन्य क्लस्टर्स के मुकाबले अधिक शुल्क वसूला जा रहा है। जबकि इस क्लस्टर में अभी भी 21 टावर अधूरे पड़े हैं। यानी सुविधाएं अधूरी हैं और पैसा ज्यादा मांगा जा रहा है। इसे निवासियों ने भेदभावपूर्ण और पूरी तरह अनुचित बताया।

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निवासियों ने पहुंचाई बात सीईओ तक

सोसाइटी के निवासी और वरिष्ठ पत्रकार शिशिर सोनी और प्रोफेसर (डॉ.) आरएस राय ने नोएडा प्राधिकरण के सीईओ करुणेश कृष्णा से मुलाकात की। उन्होंने सीईओ से मध्यस्थता करने और निवासियों के हितों की रक्षा करने का आनुरोध किया। सुलेखा, रीता, स्मिता, रीना सहित दर्जनों निवासियों ने इस विरोध में अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा कि हजारों परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी इस विवाद से प्रभावित हो रही है।

सीईओ ने लिया तत्काल एक्शन

नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ने मामले की गंभीरता को समझा और तुरंत एक वरिष्ठ अधिकारी को जांच और समाधान का आदेश दिया।

निवासियों की तीन बड़ी मांगें

निवासियों ने प्राधिकरण के सामने तीन स्पष्ट मांगें रखी हैं। पहली, प्रस्तावित मेंटेनेंस बढ़ोतरी पर तत्काल रोक लगे। दूसरी, डेवलपर को जरूरी सेवाएं बाधित न करने के निर्देश दिए जाएं। तीसरी, संयुक्त ऑडिट और वैध एग्रीमेंट के बाद ही कोई नई दर तय की जाए।

FAQ

  1. क्या कोई हाउसिंग सोसाइटी बिना एग्रीमेंट के मेंटेनेंस चार्ज बढ़ा सकती है?
    नहीं। RERA Act की धारा 11(4)(d) और (e) के तहत डेवलपर या मैनेजमेंट को तय मानकों पर सेवाएं देनी होती हैं। बिना वैध मेंटेनेंस एग्रीमेंट के और बिना निवासियों की सहमति के किसी भी शुल्क में एकतरफा बढ़ोतरी करना गैरकानूनी माना जा सकता है। यदि प्रोजेक्ट NCLT प्रक्रिया के तहत है, तो रेजोल्यूशन प्लान की शर्तें भी बाध्यकारी होती हैं।
  2. अगर मेंटेनेंस कंपनी सेवाएं बंद करने की धमकी दे तो निवासी क्या कर सकते हैं?
    यदि कोई मेंटेनेंस एजेंसी सेवाएं बंद करने की धमकी देती है, तो यह RERA के तहत "अनुचित व्यापार व्यवहार" की श्रेणी में आता है। निवासी अपने राज्य के RERA प्राधिकरण में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। साथ ही स्थानीय नगर प्राधिकरण जैसे नोएडा अथॉरिटी से हस्तक्षेप की मांग की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर उपभोक्ता फोरम का रास्ता भी खुला है।
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