Be इंडियन-Buy इंडियन: भारतीय ब्रांड्स को चुनकर अर्थव्यवस्था और रोजगार को बढ़ावा दें
स्वदेशी उत्पादों को खरीदना देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है, क्योंकि हमारा पैसा विदेशी बाजारों में जाने के बजाय सीधे अपने देश के किसानों, कारीगरों और व्यापारियों तक पहुँचता है। (Be इंडियन-Buy इंडियन) यह स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देता है।
जब हम अशोक लेलैंड, टाटा मोटर्स, महिंद्रा और मारुति सुजुकी जैसी भारतीय कंपनियाँ चुनते हैं, तो हम सिर्फ कार नहीं खरीदते, बल्कि अपने देश के विकास में भी योगदान देते हैं। यह कंपनियाँ भारत में बनी हैं और यहाँ के लोगों को रोजगार देती हैं।
Vu, Micromax, Weston, Onida, और BPL जैसे टीवी ब्रांड्स भारतीय बाजार में अपनी पहचान बना चुके हैं। इन कंपनियों को सपोर्ट करने से हम अपने देश के कारीगरों और अर्थव्यवस्था को सीधा फ़ायदा पहुँचाते हैं।
जहाँ आज विदेशी मोबाइल फोन का बाजार में दबदबा है, वहीं लावा, माइक्रोमैक्स, जियोफोन और इंटेक्स जैसे भारतीय ब्रांड्स को चुनकर हम न सिर्फ एक अच्छा विकल्प पाते हैं, (स्वदेशी खरीदो) बल्कि अपने देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देते हैं।
भारतीय सड़कों पर रॉयल एनफील्ड, हीरो, बजाज, टीवीएस और एथर एनर्जी जैसे ब्रांड्स का दबदबा है। (वोकल फॉर लोकल) इन कंपनियों को चुनकर हम देश की प्रगति में योगदान देते हैं, (स्वदेशी अभियान) क्योंकि ये सभी ब्रांड्स 'मेक इन इंडिया' अभियान को सशक्त बनाते हैं।