कैंसर का कारण बन रहे पांच छिपे इंफेक्शन, किन-किन वायरस से है कैंसर का खतरा, स्टडी में हुआ खुलासा

Kaushiki | Oct 01, 2026, 13:08 IST
Share
कैंसर का खतरा बढ़ा रहे पांच इंफेक्शन
कैंसर का खतरा बढ़ा रहे पांच इंफेक्शन

2024 की नई लैंसेट स्टडी के मुताबिक दुनिया में 23 लाख कैंसर केस का कनेक्शन सीधे इंफेक्शन से पाया गया है। एच पाइलोरी, एचपीवी और हेपेटाइटिस जैसे 5 बड़े इंफेक्शन कैंसर का खतरा बढ़ा रहे हैं। समय पर जांच, सही इलाज और वैक्सीन की मदद से इस जानलेवा बीमारी को आसानी से रोका जा सकता है।

New Lancet Report: कैंसर का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में स्मोकिंग, शराब, बुरी डाइट और खराब लाइफस्टाइल की तस्वीर आती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शरीर का एक छोटा सा इंफेक्शन भी कैंसर बन सकता है?

हाल ही में इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर के वैज्ञानिकों ने एक रिसर्च पब्लिश की है। यह रिपोर्ट द लैंसेट ऑन्कोलॉजी में छपी है। इसके आंकड़े बेहद हैरान करने वाले हैं। साल 2024 में दुनियाभर में करीब 2.06 करोड़ नए कैंसर मरीज सामने आए।

इनमें से 23 लाख मरीज ऐसे थे, जिनका कैंसर सीधे तौर पर किसी न किसी इंफेक्शन से जुड़ा था। यानी हर आठ में से एक कैंसर मरीज का कनेक्शन शरीर में छिपे इंफेक्शन से था।

वैज्ञानिकों ने पांच ऐसे मेजर इंफेक्शन की पहचान की है, जो चुपचाप शरीर को खोखला कर रहे हैं। इनमें एच पाइलोरी, एचपीवी, हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी और ईबीवी वायरस शामिल हैं।

हालांकि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि हर इंफेक्शन कैंसर ही बनेगा। लेकिन अगर ये लंबे समय तक शरीर में बने रहें, तो खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।

एच पाइलोरी बैक्टीरिया सबसे बड़ा खतरा

इस पूरी रिसर्च में सबसे पहला नाम H. pylori बैक्टीरिया का आया है। साल 2024 में इसके कारण करीब 7.6 लाख कैंसर के केस सामने आए। यह बैक्टीरिया सीधे आपके पेट में जाकर इंफेक्शन फैलाता है।

शुरुआत में इसके कोई खास लक्षण दिखाई नहीं देते। अगर इसका इलाज न हो, तो पेट में अल्सर बनने लगता है। धीरे-धीरे यही अल्सर आगे चलकर पेट के कैंसर का रूप ले लेता है।

एचपीवी वायरस से सर्वाइकल कैंसर

दूसरे नंबर पर सबसे घातक ह्यूमन पैपिलोमा वायरस यानी एचपीवी रहा। साल 2024 में लगभग 7.5 लाख कैंसर केस एचपीवी की वजह से हुए। इसका सबसे बड़ा कनेक्शन महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर से है।

इसके अलावा यह शरीर के अन्य अंगों में भी कैंसर पैदा कर सकता है। अच्छी बात यह है कि एचपीवी से बचने के लिए बेहद कारगर वैक्सीन उपलब्ध है। समय पर वैक्सीनेशन करवाकर इस बड़े खतरे को पूरी तरह टाला जा सकता है।

हेपेटाइटिस बी और सी से लिवर पर हमला

हेपेटाइटिस बी वायरस भी कैंसर का बड़ा कारण बन रहा है। साल 2024 के लगभग दो फीसदी नए कैंसर मामलों के पीछे यही वायरस था। यह वायरस मुख्य रूप से लिवर को नुकसान पहुंचाता है।

लंबे समय तक इंफेक्शन रहने से यह लिवर कैंसर में बदल जाता है। वहीं हेपेटाइटिस सी वायरस भी लिवर को धीरे-धीरे डैमेज करता है। इसके केस भले ही एक फीसदी से कम हों पर यह बेहद खतरनाक है।

ईबीवी वायरस से बढ़ता कैंसर का जोखिम

पांचवां इंफेक्शन एपस्टीन-बार वायरस यानी ईबीवी है। 2024 में लगभग एक फीसदी कैंसर केस इस वायरस के कारण पाए गए। वैसे तो यह एक आम वायरस माना जाता है। लेकिन अब वैज्ञानिकों को इसके कैंसर से जुड़े कई पुख्ता सबूत मिले हैं।

गरीब और विकासशील देशों में ज्यादा मार

रिपोर्ट बताती है कि इंफेक्शन से जुड़े 75% कैंसर केस कम और मध्यम आय वाले देशों में आए हैं। ईस्टर्न एशिया के इलाकों में ऐसे मरीजों की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई।

वहां एच पाइलोरी और हेपेटाइटिस बी के मरीज बहुत तेजी से बढ़े। वैज्ञानिकों का कहना है कि सही जांच और इलाज से इन इंफेक्शन को आसानी से रोका जा सकता है।

एचपीवी और हेपेटाइटिस बी के लिए तो मार्केट में वैक्सीन मौजूद हैं। वहीं एच पाइलोरी और ईबीवी की नई वैक्सीन पर तेजी से काम चल रहा है।

अगर हम सही समय पर टेस्ट करवाएं और डॉक्टर की सलाह लें, तो कैंसर के लाखों मामलों को समय रहते रोका जा सकता है।

Reference Links:

  • The Lancet Oncology Study: International Agency for Research on Cancer (IARC) Report 2024
  • World Health Organization (WHO) / IARC Cancer Estimates 2024

कैंसर नहीं, अब Mental Health बनी सबसे बड़ी चिंता, Ipsos Survey 2025 ने 30 देशों के सर्वे में किया खुलासा
26 Sept 2026 ,
By Arohi Raj
कैंसर और दिल की बीमारी से बड़ी चिंता अब मानसिक स्वास्थ्य है। Ipsos सर्वे 2025 में 30 देशों के 45% लोगों ने इसे सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्या माना। कैंसर 41 और तनाव 31% दर्ज हुए हैं। 2018 में यह आंकड़ा सिर्फ 27% था। भारत में कैंसर अब भी पहले नंबर पर है। Statista की Mental Health 2026 रिपोर्ट हेल्थ सिस्टम पर दबाव की चेतावनी देती है।
कैंसर और दिल की बीमारी से बड़ी चिंता अब मानसिक स्वास्थ्य है। Ipsos सर्वे 2025 में 30 देशों के 45% लोगों ने इसे सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्या माना। कैंसर 41 और तनाव 31% दर्ज हुए हैं। 2018 में यह आंकड़ा सिर्फ 27% था। भारत में कैंसर अब भी पहले नंबर पर है। Statista की Mental Health 2026 रिपोर्ट हेल्थ सिस्टम पर दबाव की चेतावनी देती है।
  1. क्या कैंसर का संबंध केवल धूम्रपान और शराब से है?
    नहीं लेटेस्ट लैंसेट रिपोर्ट के मुताबिक, कैंसर का संबंध छोटे-छोटे शरीर में छिपे हुए इंफेक्शन से भी हो सकता है।
  2. कौन से प्रमुख इंफेक्शंस हैं जो कैंसर का कारण बन सकते हैं?
    रिपोर्ट में एच पाइलोरी, एचपीवी, हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी और ईबीवी वायरस को प्रमुख इंफेक्शंस के रूप में पहचाना गया है।
  3. क्या कैंसर से बचने के लिए वैक्सीनेशन महत्वपूर्ण है?
    हां, एचपीवी और हेपेटाइटिस बी के लिए वैक्सीनेशन उपलब्ध है, जो कैंसर के खतरे को कम कर सकता है।
Tags:
  • कैंसर
  • कैंसर का खतरा
  • वायरस
  • हेपेटाइटिस
  • एच पाइलोरी
  • लैंसेट स्टडी
  • Cancer
  • Cervical Cancer
राहुल गांधी के बालाघाट दौरे से पहले एक और बच्ची की मौत, 6 दिन से जिला अस्पताल में थी भर्ती

By Sumit Kumar

राहुल गांधी के बालाघाट दौरे से पहले एक और बच्ची की मौत, 6 दिन से जिला अस्पताल में थी भर्ती
राजस्थान पुलिस ने भेजें वाहन मालिकों को 1,188 करोड़ के नोटिस: 1 साल में 27 लाख चालान, AI से 18 लाख कटे

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान पुलिस ने भेजें वाहन मालिकों को 1,188 करोड़ के नोटिस: 1 साल में 27 लाख चालान, AI से 18 लाख कटे
क्या एएसपी मुकेश सोनी ने दो करोड़ रुपए की रिश्वत की मांग की? एसीबी की जांच में खुलासा!

By Jyoti Mahender Bhardwaj

क्या एएसपी मुकेश सोनी ने दो करोड़ रुपए की रिश्वत की मांग की? एसीबी की जांच में खुलासा!
राजस्थान हाई कोर्ट ने किया बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, सत्यनारायण व्यास बने जोधपुर महानगर के जिला जज

By Jageshwar prasad

राजस्थान हाई कोर्ट ने किया बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, सत्यनारायण व्यास बने जोधपुर महानगर के जिला जज
कैबिनेट बैठक में कर्मचारी मुद्दे नहीं, उम्मीदों पर फिरा पानी, 7 लाख में बढ़ा गुस्सा, फिर आंदोलन की तैयारी

By Harrison Masih

कैबिनेट बैठक में कर्मचारी मुद्दे नहीं, उम्मीदों पर फिरा पानी, 7 लाख में बढ़ा गुस्सा, फिर आंदोलन की तैयारी
बंटी नागर के 5 प्रोजेक्ट में फंसे 600करोड़ रुपए, नेताओं के परिजनऔरअधिकारियों का भी निवेश

By Sanjay Gupta

बंटी नागर के 5 प्रोजेक्ट में फंसे 600करोड़ रुपए, नेताओं के परिजनऔरअधिकारियों का भी निवेश
एमपी में बिजली उपभोक्ताओं पर बढ़ा भार: 3 महीने में 1.29% बढ़ा ईंधन सरचार्ज, 200 यूनिट खपत पर 1,800 रुपए तक पहुंचेगा बिल

By Aman Vaishnav

एमपी में बिजली उपभोक्ताओं पर बढ़ा भार: 3 महीने में 1.29% बढ़ा ईंधन सरचार्ज, 200 यूनिट खपत पर 1,800 रुपए तक पहुंचेगा बिल