बीजेपी के आरोपों पर कांग्रेस का पलटवार... ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप गैरकानूनी नहीं, 28% जीएसटी लेती केंद्र सरकार

Chandresh Sharma | Nov 04, 2023, 24:00 IST
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बीजेपी के आरोपों पर कांग्रेस का पलटवार... ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप गैरकानूनी नहीं, 28% जीएसटी लेती केंद्र सरकार
बीजेपी के आरोपों पर कांग्रेस का पलटवार... ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप गैरकानूनी नहीं, 28% जीएसटी लेती केंद्र सरकार

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले महादेव बेटिंग ऐप घोटाले को लेकर सियासत गरमा गई है। एक दिन पहले ईडी की कार्रवाई में सीएम भूपेश बघेल का नाम आने पर बीजेपी हमलावर हो गई है।

NEW DELHI. विधानसभा चुनाव को लेकर देश की राजनीति इन दिनों ईडी का प्रभाव और उसपर सियासी बयानबाजी बढ़ गई है। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले महादेव बेटिंग ऐप घोटाले को लेकर सियासत गरमा गई है। एक दिन पहले ईडी की कार्रवाई में सीएम भूपेश बघेल का नाम आने पर बीजेपी हमलावर हो गई है। शनिवार (4 नवंबर) को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस छत्तीसगढ़ में हवाला ऑपरेटरों का इस्तेमाल कर चुनाव लड़ रही है। बीजेपी ने छत्तीसगढ़ सरकार की संलिप्तता पर सवाल उठाए तो कांग्रेस ने भी पलटवार कर ईडी-केंद्र सरकार को निशाने पर ले लिया। कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल, संचार विभाग के प्रमुख जयराम रमेश और राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने सिलसिलेवार आरोपों का जवाब देकर कहा है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप गैरकानूनी नहीं है। केंद्र सरकार 28% जीएसटी लेती है।

ये साफ तौर पर प्रतिशोध की राजनीति : जयराम

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा, ये प्रतिशोध की राजनीति है। ये बिल्कुल साफ दुरुपयोग है और ये इसलिए किया जा रहा है क्योंकि छत्तीसगढ़ में बीजेपी की हार सुनिश्चित है। वहां सरकार का भरोसा बरकरार है और कांग्रेस की सरकार आ रही है। इसलिए चुनाव के आखिरी दिनों में ईडी का भरपूर दुरुपयोग किया जा रहा है।

सवाल : राज्य सरकार दुबई में छापे नहीं मार सकती

जयराम रमेश ने कहा, ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में मार्च 2022 से छत्तीसगढ़ सरकार कार्रवाई कर रही है। ओडिशा, दिल्ली, मध्य प्रदेश में छापे मारे गए हैं। लेकिन, राज्य की पुलिस दुबई में छापे नहीं मार सकती है। केंद्र को कार्रवाई करनी है, लेकिन अब तक कुछ नहीं किया है। जयराम ने दावा किया कि ऑनलाइन बेटिंग ऐप को केंद्र सरकार ने कानूनी दर्जा दिया है। केंद्र सरकार ने इन ऐप पर 28 प्रतिशत जीएसटी भी लागू कर दिया है। इसको कानूनी दर्जा दिया गया है। ये गैरकानूनी नहीं है। इसे कानूनी बना दिया है।

हम आलोचना करते थे, अब खुद गारंटी दे रहे

जयराम यही नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा, प्रधानमंत्री जी रेवड़ी की आलोचना करते थे, हमारी गारंटी की आलोचना करते थे। हाल ही में बीजेपी ने जो घोषणा पत्र जारी किया है, वो सिर्फ नकलची घोषणा पत्र है। धान खरीदी मूल्य से लेकर सिलेंडर तक पर हमारी बात को दोहराया गया है। जब हमने कर्नाटक में गारंटी दी तो खूब आलोचना हुई। अब कह रहे हैं कि छत्तीसगढ़ में मोदी की गारंटी होगी। ये सब क्या दिखाता है।

केंद्र सरकार के इशारे पर ईडी ने लगाई है छलांग

राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, छत्तीसगढ़ में बीजेपी बुरी तरह हारने जा रही है। यह भी सबको पता है कि बीजेपी की ईडी के साथ साझेदारी-सहयोग भी है। इसे आप गठबंधन भी कह सकते हैं। हार को करीब देखकर ये सहयोग तेजी से बढ़ रहा है। इसमें मजाकिया बात ये है कि डेढ़ वर्ष पहले छत्तीसगढ़ पुलिस जिस मामले में जांच करती है। बहुत सारी चीजें जब्त करती है और अभियुक्त बनाती है। फिर जब चुनाव बेहद करीब आता है तो दूसरा कोतवाल यानी ईडी की एंट्री होती है। चुनाव के 4 दिन पहले केंद्र सरकार के निर्देश पर ईडी ने छलांग लगाई है और कई कर्मचारियों के साथ प्रताड़ना की जाती है।

ईडी है या बीजेपी का इलेक्शन डिपार्टमेंट

उन्होंने कहा, मार्च 2022 से लेकर अभी तक छत्तीसगढ़ पुलिस ने रायपुर, दुर्ग, जगदलपुर, अंबिकापुर 450 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पूरे प्रदेश में 72 केस दर्ज हुए हैं। सामूहिक रूप से 91 लैपटॉप, 85, मोबाइल, डेढ़ करोड़ रुपए जब्त किए गए हैं। अब 6 महीने से ईडी ने भी वही कार्रवाई शुरू कर दी। अब चुनाव चल रहे हैं तो एक कहानी सुनाई जाती है कि हमने ऐसे शख्स को पकड़ा है जो दुबई से पैसे लेकर छत्तीसगढ़ आया और यहां चुनाव के लिए पैसे दिए जाने थे। सबसे दुर्भायपूर्ण बात यह है कि पहले आरोप लगाएंगे और फिर अंत में कहते हैं कि मामले में जांच की जा रही है। मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस पहले ही जांच कर चुकी है। सीएम ऑफिस से जुड़े कुछ सहयोगियों के नाम लिए जा रहे हैं, लेकिन चार्जशीट में उनके नाम तक नहीं हैं। ये ईडी है या बीजेपी का इलेक्शन डिपार्टमेंट है या क्रूरता का एक सूचक है। आज ईडी ने विश्वसनीयता खो दी है। ये झूठ का कार्यालय है। तोता कह सकते हैं तो ये एक तोता है।

महादेव ऐप यूनिवर्सल, पूरे देश में चलाया जा रहा तो छत्तीसगढ़ ही क्यों?

कांग्रेस का कहना था कि महादेव ऐप यूनिवर्सल है और पूरे देश में चलाया जा रहा है, लेकिन छत्तीसगढ़ पहला राज्य है, जिसने महादेव ऐप के खिलाफ जांच की और 70 से ज्यादा मामले दर्ज किए हैं।छत्तीसगढ़ पुलिस ने 450 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है और 191 लैपटॉप, 865 मोबाइल डिवाइस, 1.5 करोड़ से अधिक की संपत्ति, 41 लाख से अधिक नकद और 16 करोड़ के अनुमानित मूल्य के बैंक खाते जब्त किए हैं।

कांग्रेस का बयान : छत्तीसगढ़ में ऐप की कोई ब्रांच ही नहीं तो छापा क्यों?

कांग्रेस ने संयुक्त रूप से जारी बयान में कहा, पहला मामला 30 मार्च 2022 को दर्ज किया गया था। छत्तीसगढ़ पुलिस ने मध्य प्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और अन्य राज्यों में छापेमारी की और बाद में कई लोगों को गिरफ्तार किया, हालांकि यह आरोप लगाया गया कि महादेव ऐप को छत्तीसगढ़ में लॉन्च किया गया था, लेकिन जांच में पता चला कि महादेव ऐप की छत्तीसगढ़ में कोई ब्रांच या कोई ऑपरेशन बेस नहीं है। पुलिस को पता चला कि ऐप के मास्टरमाइंड और किंगपिन रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर हैं। ये दोनों छत्तीसगढ़ के हैं। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि दोनों मुख्य आरोपी छत्तीसगढ़ में नहीं रहते हैं। ये लोग दुबई से ऐप का संचालन कर रहे हैं। पुलिस ने जुलाई 2023 को लुकआउट नोटिस जारी किया था।

भारत में ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप वैध बना दिया?

कांग्रेस ने बड़ा आरोप लगाया कि मोदी-शाह-सीतारामण ने भारत में सभी ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप को वैध बनाने का फैसला किया है और इन गतिविधियों पर 28% जीएसटी लगाया है। कथित आपराधिक महादेव ऐप की परिचालन स्थिति को देखते हुए हमारा मानना ​​​​है कि बीजेपी को महादेव ऐप द्वारा वित्त पोषित किया गया है। यह बीजेपी को जांच एजेंसियों के माध्यम से अपने राजनीतिक प्रचार को आगे बढ़ाने के लिए एक मंच भी प्रदान करता है। वे फंडिंग बंद होने के डर से सरगनाओं को गिरफ्तार करने से कतरा रहे हैं।

'आपराधिक जांच को राजनीति में बदल दिया'

कांग्रेस ने आगे कहा, छत्तीसगढ़ पुलिस की एफआईआर के आधार पर ही ईडी ने महादेव ऐप के खिलाफ जांच शुरू की है। ईडी ने आसानी से आपराधिक जांच को राजनीति जांच में बदल दिया है। तब से वे नौकरशाहों, राजनेताओं और राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों के इर्द-गिर्द चक्कर लगा रहे हैं। वे अब उस स्तर पर पहुंच गए हैं जिसका लक्ष्य कांग्रेस सरकार को बदनाम करना और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को निशाना बनाना है।

स्मृति ईरानी पर निशाना... सबूत हैं तो पेश करें

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस छत्तीसगढ़ में हवाला ऑपरेटरों का इस्तेमाल कर चुनाव लड़ रही है। इस पर छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम टीएस सिंह देव ने कहा, अगर स्मृति ईरानी के पास कोई जानकारी या सबूत है तो वह इसे सबके सामने क्यों नहीं पेश कर रही हैं? उनके पास जानकारी है लेकिन वह इसे सामने नहीं ला रही है, क्या वह भी इसमें एक पक्ष हैं? यह वही ईडी है जिसके अधिकारियों के घरों में भारी मात्रा में पैसा है। हमें पता था कि चुनाव से ठीक पहले ऐसा कुछ होगा। यह अप्रत्याशित नहीं है।

टीएस सिंह देव बोले- अगर हम शामिल होते तो बैन क्यों लगाते?

टीएस सिंह देव ने कहा, इससे ​​(चुनावों पर) कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि लोग देख सकते हैं कि वे ईडी का इस्तेमाल कर रहे हैं। महादेव ऐप के बारे में जानकारी मिलते ही छत्तीसगढ़ सरकार ने विधानसभा में एक विधेयक लाकर इस पर प्रतिबंध लगा दिया। ऐसी सभी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया। अगर हम इसमें शामिल होते तो क्या हम इस पर प्रतिबंध लगाते?

स्मृति ईरानी का हमला : बघेल सट्टा का बड़ा खेल कर रहे

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा, सत्ता में रहते हुए सट्टा कारोबार में रहना छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की हकीकत है। कल भूपेश बघेल के खिलाफ कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। स्मृति ने कहा, भूपेश बघेल सत्ता में रहकर सट्टा का बड़ा खेल कर रहे हैं। कल राज्य के मुख्यमंत्री को लेकर बहुत बड़े खुलासे हुए हैं। असीम दास नामक एक व्यक्ति से 5.30 करोड़ रुपये से ज्यादा बरामद हुए हैं। मैं आज कुछ सवाल पूछना चाहती हूं, 'क्या ये सत्य है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के नेताओं को शुभम सोनी के माध्यम से असीम दास पैसा पहुंचाते थे?

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