आज से दौड़ेगी देश की पहली हाईस्पीड रैपिड ट्रेन 'नमो भारत', पहले यात्री होंगे प्रधानमंत्री मोदी, 34 किलोमीटर तक का करेंगे सफर
Pratibha Rana | Oct 20, 2023, 24:00 IST
आज से दौड़ेगी देश की पहली हाईस्पीड रैपिड ट्रेन 'नमो भारत', पहले यात्री होंगे प्रधानमंत्री मोदी, 34 किलोमीटर तक का करेंगे सफर
Country first high speed rapid train Namo Bharat will run from today
Ghaziabad. भारत में सफर को एक और रफ्तार मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की पहली रैपिड ट्रेन को शुक्रवार (20 अक्टूबर) को हरी झंडी दिखाएंगे। मोदी सुबह 11:15 बजे साहिबाबाद में रैपिड ट्रेन के फर्स्ट फेज का उदघाटन करेंगे। केंद्र सरकार ने इस रैपिडेक्स ट्रेन का नाम बदलकर 'नमो भारत' रखने का फैसला किया है। मोदी इस ट्रेन के पहले यात्री बनेंगे। वे साहिबाबाद से दुहाई डिपो और दुहाई डिपो से साहिबाबाद तक 34 किलोमीटर का सफर करेंगे। ट्रेन 160 किमी/घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। कुल-मिलाकर इसे हम बुलेट ट्रेन का ट्रेलर मान सकते हैं।
एलईडी पर दिखेगा उद्घाटन का सीधा प्रसारण
मंच के पीछे एक बड़ी सी एलइडी लगाई गई है। जनसभा स्थल के बीच में कई जगह एलईडी लगाई गई हैं। इस पर प्रधानमंत्री मोदी रैपिडएक्स स्टेशन पर पहुंचकर दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिडएक्स माडल, रैपिडएक्स एप, मल्टीकार्ड का शुभारंभ करेंगे। यूपीआईसी टिकट खरीदेंगे। यहां से फ्लेटफार्म पर जाएंगे। जहां रैपिडएक्स को हरी झंडी दिखाएंगे। तीसरी रैपिडएक्स में सवार होकर जाएंगे। इस ट्रेन में 21 अक्टूबर से आम यात्री भी सफर कर सकेंगे। पीएम रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के साथ बेंगलुरु मेट्रो के पूर्व-पश्चिम गलियारे को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार
ट्रेन 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। ट्रेन फेज-1 में साहिबाबाद से दुहाई डिपो तक 17 किमी एरिया में चलाई जाएगी। इस कॉरिडोर की कुल लंबाई 82 किमी है, जिसमें से 14 किमी का हिस्सा दिल्ली में है, जबकि 68 किमी का हिस्सा उत्तर प्रदेश में है। इसे दिल्ली मेट्रो की विभिन्न लाइनों के साथ जोड़ा जाएगा। ये अलवर, पानीपत और मेरठ जैसे विभिन्न शहरों को भी दिल्ली से जोड़ेगी।
दूसरी बार नाम बदला, कांग्रेस ने की आलोचना
दिल्ली से मेरठ तक बन रहे रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम कॉरिडोर की आधारशिला 8 मार्च 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में रखी थी। अप्रैल-2023 में एनसीआरटीसी ने रैपिड रेल का नया नाम रैपिडएक्स घोषित किया था। अब आरआरटीएस की सभी ट्रेनों को 'नमो भारत' के नाम से जाना जाएगा। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने रैपिड रेल का नाम बदलने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने X पर लिखा- 'भारत भी क्यों रखा जाए? बस देश का नाम बदल कर नमो रख दो और काम चला लो।' कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘X’ पर पोस्ट किया- ‘नमो स्टेडियम के बाद अब नमो ट्रेन उनकी आत्म-मुग्धता की पराकाष्ठा है।’
कड़े इंतजाम : पानी की बोतल समेत कई चीजों के ले जाने पर रोक
पीएम मोदी के कार्यक्रम को लेकर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। जनसभा में लोगों को पानी की बोतल खाने-पीने का सामान झंडा बैनर आदि अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। मोबाइल और पर्स के अलावा कुछ भी ले जाने दिया जाएगा। चेकिंग के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। पुलिस के अधिकारियों ने गुरुवार को ब्रीफिंग में कड़े दिशा निर्देश दिए हैं।
प्रधानमंत्री के आगे चलेंगी महिलाएं
केंद्र और राज्य में महिला शक्ति को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई गई हैं। देश की पहली रैपिडएक्स को प्रधानमंत्री लोगों को समर्पित करेंगे। यहां भी प्रधानमंत्री की जनसभा में नारी शक्ति की झलक देखने को मिलेगी। जनसभा में 260 मीटर के दायरे में लोगों के बीच प्रधानमंत्री की ओपन जिप्सी के आगे महिलाएं चलेंगी।
आरआरटीएस 30000 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा
मेट्रो की तरह ‘नमो भारत’ पूरी तरह से वातानुकूलित होगी। इसे सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए एर्गोनॉमिक रूप से डिजाइन की गई 2x2 ट्रांसवर्स सीट, खड़े होकर यात्रा करने के लिए पर्याप्त स्थान, लगेज रैक, सीसीटीवी कैमरे, लैपटॉप और मोबाइल चार्जिंग सुविधा, डायनेमिक रूट मैप, जैसी कई सुविधाएं होंगी। रैपिडएक्स ट्रेन में 6 डिब्बे हैं, जिनमें लगभग 1700 यात्री एक साथ यात्रा कर सकते हैं। इसमें दोनों, बैठकर एवं खड़े होकर यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या शामिल है। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार किया जा रहा है।
एलईडी पर दिखेगा उद्घाटन का सीधा प्रसारण
मंच के पीछे एक बड़ी सी एलइडी लगाई गई है। जनसभा स्थल के बीच में कई जगह एलईडी लगाई गई हैं। इस पर प्रधानमंत्री मोदी रैपिडएक्स स्टेशन पर पहुंचकर दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिडएक्स माडल, रैपिडएक्स एप, मल्टीकार्ड का शुभारंभ करेंगे। यूपीआईसी टिकट खरीदेंगे। यहां से फ्लेटफार्म पर जाएंगे। जहां रैपिडएक्स को हरी झंडी दिखाएंगे। तीसरी रैपिडएक्स में सवार होकर जाएंगे। इस ट्रेन में 21 अक्टूबर से आम यात्री भी सफर कर सकेंगे। पीएम रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के साथ बेंगलुरु मेट्रो के पूर्व-पश्चिम गलियारे को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार
ट्रेन 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। ट्रेन फेज-1 में साहिबाबाद से दुहाई डिपो तक 17 किमी एरिया में चलाई जाएगी। इस कॉरिडोर की कुल लंबाई 82 किमी है, जिसमें से 14 किमी का हिस्सा दिल्ली में है, जबकि 68 किमी का हिस्सा उत्तर प्रदेश में है। इसे दिल्ली मेट्रो की विभिन्न लाइनों के साथ जोड़ा जाएगा। ये अलवर, पानीपत और मेरठ जैसे विभिन्न शहरों को भी दिल्ली से जोड़ेगी।
दूसरी बार नाम बदला, कांग्रेस ने की आलोचना
दिल्ली से मेरठ तक बन रहे रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम कॉरिडोर की आधारशिला 8 मार्च 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में रखी थी। अप्रैल-2023 में एनसीआरटीसी ने रैपिड रेल का नया नाम रैपिडएक्स घोषित किया था। अब आरआरटीएस की सभी ट्रेनों को 'नमो भारत' के नाम से जाना जाएगा। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने रैपिड रेल का नाम बदलने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने X पर लिखा- 'भारत भी क्यों रखा जाए? बस देश का नाम बदल कर नमो रख दो और काम चला लो।' कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘X’ पर पोस्ट किया- ‘नमो स्टेडियम के बाद अब नमो ट्रेन उनकी आत्म-मुग्धता की पराकाष्ठा है।’
कड़े इंतजाम : पानी की बोतल समेत कई चीजों के ले जाने पर रोक
पीएम मोदी के कार्यक्रम को लेकर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। जनसभा में लोगों को पानी की बोतल खाने-पीने का सामान झंडा बैनर आदि अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। मोबाइल और पर्स के अलावा कुछ भी ले जाने दिया जाएगा। चेकिंग के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। पुलिस के अधिकारियों ने गुरुवार को ब्रीफिंग में कड़े दिशा निर्देश दिए हैं।
प्रधानमंत्री के आगे चलेंगी महिलाएं
केंद्र और राज्य में महिला शक्ति को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई गई हैं। देश की पहली रैपिडएक्स को प्रधानमंत्री लोगों को समर्पित करेंगे। यहां भी प्रधानमंत्री की जनसभा में नारी शक्ति की झलक देखने को मिलेगी। जनसभा में 260 मीटर के दायरे में लोगों के बीच प्रधानमंत्री की ओपन जिप्सी के आगे महिलाएं चलेंगी।
आरआरटीएस 30000 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा
मेट्रो की तरह ‘नमो भारत’ पूरी तरह से वातानुकूलित होगी। इसे सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए एर्गोनॉमिक रूप से डिजाइन की गई 2x2 ट्रांसवर्स सीट, खड़े होकर यात्रा करने के लिए पर्याप्त स्थान, लगेज रैक, सीसीटीवी कैमरे, लैपटॉप और मोबाइल चार्जिंग सुविधा, डायनेमिक रूट मैप, जैसी कई सुविधाएं होंगी। रैपिडएक्स ट्रेन में 6 डिब्बे हैं, जिनमें लगभग 1700 यात्री एक साथ यात्रा कर सकते हैं। इसमें दोनों, बैठकर एवं खड़े होकर यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या शामिल है। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार किया जा रहा है।
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