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EPFO ने करोड़ों सरकारी कर्मचारियों को बड़ा झटका दिया है। रिटायरमेंट फंड बॉडी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ( EPFO ) ने कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट और डेथ ग्रेच्युटी में बढ़ोतरी पर रोक लगा दी है। ( 7th Pay Commission )
ग्रेच्युटी में 25 फीसदी की बढ़ोतरी पर रोक
ईपीएफओ ने 30 अप्रैल, 2024 को एक आदेश जारी किया था। आदेश में उसने कहा था कि रिटायरमेंट ग्रेच्युटी और डेथ ग्रेच्युटी को 25 फीसदी से बढ़ाकर 20 लाख से 25 लाख रुपए कर दिया गया है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 50 फीसदी की बढ़ोतरी की वजह से यह बढ़ोतरी हुई थी। अब ईपीएफओ ने डीए में बढ़ोतरी के कारण ग्रेच्युटी में बढ़ोतरी को तत्काल प्रभाव से रोकने का ऐलान कर दिया है। हालांकि आदेश में इस फैसले की कोई वजह नहीं बताई गई है।
मार्च में DA में बढ़ोतरी की घोषणा
बता दें, केंद्र सरकार ने मार्च 2024 में महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 4 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। इस बढ़ोतरी के बाद कर्मचारियों का डीए बेसिक सैलरी का 50 फीसदी हो गया।
ग्रेच्युटी क्या है ?
ग्रेच्युटी एक सेवानिवृत्ति लाभ है, जो भारतीय सरकार द्वारा निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को प्रदान किया जाता है। यह कर्मचारी और नियोक्ता दोनों द्वारा किए गए योगदानों पर आधारित होता है।
ग्रेच्युटी के भुगतान की शर्तें
- कर्मचारी को कम से कम 5 वर्षों तक सेवा करनी होगी।
- कर्मचारी को 60 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होना होगा।
- कर्मचारी को अशक्त या अकाल मृत्यु के मामले में भी ग्रेच्युटी का लाभ मिलता है।
ग्रेच्युटी के लाभ
- सेवानिवृत्ति के बाद वित्तीय सुरक्षा: ग्रेच्युटी कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद एक वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है।
- आय का पूरक: यह सेवानिवृत्ति के बाद आय का एक पूरक स्रोत प्रदान करता है।
- कर लाभ: ग्रेच्युटी पर कर लाभ भी उपलब्ध हैं।
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