हाईकोर्ट ने POCSO आरोपी को किया बरी, कहा शारीरिक संबंध शब्द RAPE साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं
Sandeep Kumar | Dec 29, 2024, 22:10 IST
delhi-high-court
दिल्ली हाईकोर्ट ने POCSO मामले में आरोपी को बरी किया। कोर्ट ने कहा, शारीरिक संबंध शब्द रेप साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं। पहले आरोपी को आजीवन कारावास की सजा दी गई थी।
दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग से जुड़े POCSO ( Protection of Children from Sexual Offences ) मामले में एक व्यक्ति को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि सिर्फ ‘शारीरिक संबंध’ शब्द का इस्तेमाल रेप साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है। आरोपी, जिसे पहले आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी, को अब संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया गया।
हालांकि, POCSO अधिनियम के अनुसार नाबालिग की सहमति मान्य नहीं होती, लेकिन हाईकोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि शारीरिक संबंध का मतलब स्पष्ट रूप से यौन उत्पीड़न या रेप नहीं हो सकता। अदालत ने कहा कि इस मामले में कोई ठोस सबूत नहीं था जो आरोपी के दोष को साबित कर सके।
अदालत ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को खारिज करते हुए कहा कि आक्षेपित फैसले में कोई तार्किक आधार नहीं था। संदेह का लाभ आरोपी को दिया जाना चाहिए। इस आधार पर आरोपी को बरी कर दिया गया। मामले में नाबालिग की मां ने 2017 में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि उसकी 14 वर्षीय बेटी को बहला-फुसलाकर अगवा किया गया। आरोपी को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया और ट्रायल के बाद 2023 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अब अदालत ने इसे खारिज कर दिया है।
कोर्ट ने ‘शारीरिक संबंध’ के अर्थ को किया स्पष्ट
दिल्ली हाईकोर्ट की पीठ, जिसमें जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और अमित शर्मा शामिल थे, ने कहा कि ‘शारीरिक संबंध’ या ‘संबंध’ शब्द को रेप के अपराध में तब्दील करने के लिए पर्याप्त सबूत होने चाहिए। केवल नाबालिग होने के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि अपराध हुआ है।
POCSO अधिनियम के तहत सहमति का महत्व
संदेह का लाभ आरोपी को मिला
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari