तमिलनाडु में बड़ा सियासी खेल! क्या DMK और AIADMK मिलकर बनाएंगे सरकार? TVK की बढ़ी मुश्किलें
Aman Vaishnav | May 07, 2026, 08:44 IST
dmk aiadmk alliance talks tamil nadu political crisis tvk vijay
तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। DMK और AIADMK के बीच गठबंधन की चर्चा ने TVK की सरकार बनाने की उम्मीदों को हिला दिया है।
तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राज्य की दो प्रमुख पार्टियां, DMK और AIADMK, सरकार बनाने को लेकर आपस में बातचीत कर रही हैं।
बताया जा रहा है कि दोनों पार्टियों के बड़े नेता मिलकर सत्ता साझेदारी और राजनीतिक स्थिरता पर चर्चा कर रहे हैं। यह कदम दोनों दलों के बीच आपसी सहयोग को लेकर नया मोड़ दिखाता है।
इस घटनाक्रम ने राज्य की सियासत को पूरी तरह बदलकर रख दिया है। खासकर ऐसे समय में जब TVK (तमिलगा वेत्री कझगम) ने 113 विधायकों के समर्थन का दावा कर सरकार गठन की कोशिश की है।
मिली जानकारी के मुताबिक, DMK और AIADMK दोनों ही पार्टियां अब राज्य की राजनीतिक अनिश्चितता और त्रिशंकु विधानसभा के बीच एक स्थिर सरकार बनाने पर विचार कर रही हैं। हाल ही में इन दोनों पार्टियों के बीच एक अहम बैठक हुई, जिसमें सरकार गठन, नेतृत्व की भूमिका और न्यूनतम साझा कार्यक्रम जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।
हालांकि अभी तक किसी भी पार्टी ने आधिकारिक तौर पर गठबंधन की घोषणा नहीं की है। लेकिन इन दोनों के बीच चल रही बातचीत ने सियासी हलकों में खलबली मचा दी है।
TVK के लिए
वर्तमान में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल रहा है। TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है, लेकिन फिर भी अकेले बहुमत से दूर है। DMK और AIADMK दोनों ही विपक्ष में कमजोर दिखाई दे रहे हैं।
कांग्रेस का समर्थन TVK के लिए अहम है, लेकिन वो काफी नहीं है। CPI और CPM जैसे दल अब सीमित सीटों के साथ किंगमेकर की भूमिका में हैं।
इससे पहले TVK ने सरकार बनाने का दावा किया था और 7 मई को शपथ ग्रहण की भी बात की जा रही थी। लेकिन अभी तक बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों का आंकड़ा साफ नहीं हो पाया है।
इस बीच DMK और AIADMK के बीच बढ़ती नजदीकी ने राजनीतिक हालात को नया मोड़ दे दिया है।
234 सीटों वाली विधानसभा में किसी भी पार्टी के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है। ऐसे में छोटी पार्टियों और निर्दलीयों की भूमिका अब और भी अहम हो गई है। अगर DMK और AIADMK ने साथ आकर गठबंधन किया, तो यह पूरा राजनीतिक समीकरण बदल सकता है।
तमिलनाडु विधानसभा में कुल 234 सीटें हैं। बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है। टीवीके ने 108 सीटें जीती हैं, जबकि थलपति विजय दो सीटों पर चुनाव लड़े थे। यानी वह एक सीट से इस्तीफा देंगे। इससे उनकी कुल सीटों की संख्या 107 हो जाएगी।
वहीं DMK के पास 59 सीटें हैं। AIADMK के पास 47 सीटें, कांग्रेस के पास 5 सीटें हैं। जबकि CPI और CPM के पास दो-दो सीटें हैं। बाकी छोटे दलों और निर्दलीयों के पास कुल 11 सीटें हैं।
टीवीके ने जैसे राज्यपाल के पास सरकार बनाने का दावा पेश किया है। ऐसे में यदि कांग्रेस और टीवीके मिल जाते हैं तो उनके पास कुल 113 विधायक होंगे। हालांकि फिर भी बहुमत के लिए कुछ और दलों की जरूरत पड़ेगी।
दूसरी तरफ यदि DMK और AIADMK मिलाकर साथ आते हैं तो उनके पास 106 विधायक होंगे। बहुमत पाने के लिए उन्हें 12 और विधायकों की जरूरत होगी। ऐसे में उन्हें भी कांग्रेस को अपने साथ जोड़ना पड़ेगा, तभी सरकार बनाने की प्रक्रिया पूरी हो पाएगी।
राज्य में राजनीतिक हलचल अचानक बढ़ गई है। सभी दल अपनी-अपनी रणनीतियां बदलने में लगे हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर DMK और AIADMK साथ आते हैं, तो यह तमिलनाडु की राजनीति में दशकों बाद सबसे बड़ा सियासी गठबंधन होगा।
अब तमिलनाडु की राजनीति एक अहम और अप्रत्याशित मोड़ पर पहुंच चुकी है। DMK और AIADMK के बीच हो रहे संभावित समझौते ने TVK के सरकार बनाने के दावे और मौजूदा सत्ता समीकरणों को चुनौती दी है। आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में और भी बड़े बदलाव हो सकते हैं।
जानकारी के अनुसार यदि जल्द ही जरूरी आंकड़ा पूरा नहीं हुआ, तो प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है या फिर नई राजनीतिक बातचीत शुरू हो सकती है।
ये खबरें भी पढ़िए...
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में थलपति विजय की जीत के पीछे भोपाल का यह नौजवान
राहुल गांधी का बड़ा दावा: हर छठा BJP सांसद वोट चोरी से जीता
एमपी से राज्यसभा सांसद जॉर्ज कुरियन और एल मुरुगन दक्षिण में चुनाव हारे
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बीच सुवेंदु अधिकारी के पीए की गोली मारकर हत्या
बताया जा रहा है कि दोनों पार्टियों के बड़े नेता मिलकर सत्ता साझेदारी और राजनीतिक स्थिरता पर चर्चा कर रहे हैं। यह कदम दोनों दलों के बीच आपसी सहयोग को लेकर नया मोड़ दिखाता है।
इस घटनाक्रम ने राज्य की सियासत को पूरी तरह बदलकर रख दिया है। खासकर ऐसे समय में जब TVK (तमिलगा वेत्री कझगम) ने 113 विधायकों के समर्थन का दावा कर सरकार गठन की कोशिश की है।
सियासी गलियारों में मची हलचल
हालांकि अभी तक किसी भी पार्टी ने आधिकारिक तौर पर गठबंधन की घोषणा नहीं की है। लेकिन इन दोनों के बीच चल रही बातचीत ने सियासी हलकों में खलबली मचा दी है।
TVK के लिए कांग्रेस का समर्थन
कांग्रेस का समर्थन TVK के लिए अहम है, लेकिन वो काफी नहीं है। CPI और CPM जैसे दल अब सीमित सीटों के साथ किंगमेकर की भूमिका में हैं।
TVK के दावे के बीच बदलते समीकरण
इस बीच DMK और AIADMK के बीच बढ़ती नजदीकी ने राजनीतिक हालात को नया मोड़ दे दिया है।
234 सीटों वाली विधानसभा में किसी भी पार्टी के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है। ऐसे में छोटी पार्टियों और निर्दलीयों की भूमिका अब और भी अहम हो गई है। अगर DMK और AIADMK ने साथ आकर गठबंधन किया, तो यह पूरा राजनीतिक समीकरण बदल सकता है।
234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का गणित
वहीं DMK के पास 59 सीटें हैं। AIADMK के पास 47 सीटें, कांग्रेस के पास 5 सीटें हैं। जबकि CPI और CPM के पास दो-दो सीटें हैं। बाकी छोटे दलों और निर्दलीयों के पास कुल 11 सीटें हैं।
किसे कितने बहुमत की जरूरत
दूसरी तरफ यदि DMK और AIADMK मिलाकर साथ आते हैं तो उनके पास 106 विधायक होंगे। बहुमत पाने के लिए उन्हें 12 और विधायकों की जरूरत होगी। ऐसे में उन्हें भी कांग्रेस को अपने साथ जोड़ना पड़ेगा, तभी सरकार बनाने की प्रक्रिया पूरी हो पाएगी।
राजनीतिक माहौल में तेजी से बदलाव
अब तमिलनाडु की राजनीति एक अहम और अप्रत्याशित मोड़ पर पहुंच चुकी है। DMK और AIADMK के बीच हो रहे संभावित समझौते ने TVK के सरकार बनाने के दावे और मौजूदा सत्ता समीकरणों को चुनौती दी है। आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में और भी बड़े बदलाव हो सकते हैं।
जानकारी के अनुसार यदि जल्द ही जरूरी आंकड़ा पूरा नहीं हुआ, तो प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है या फिर नई राजनीतिक बातचीत शुरू हो सकती है।
ये खबरें भी पढ़िए...
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में थलपति विजय की जीत के पीछे भोपाल का यह नौजवान
राहुल गांधी का बड़ा दावा: हर छठा BJP सांसद वोट चोरी से जीता
एमपी से राज्यसभा सांसद जॉर्ज कुरियन और एल मुरुगन दक्षिण में चुनाव हारे
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बीच सुवेंदु अधिकारी के पीए की गोली मारकर हत्या
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari