महिला अपराध में यूपी टॉप पर, मध्य प्रदेश में 351 मामले; NCW के पास आईं 7 हजार से ज्यादा शिकायतें
Abhilasha Saksena Chakraborty | May 05, 2025, 17:12 IST
Violence against women
राष्ट्रीय महिला आयोग को 2025 में अब तक 7,698 शिकायतें मिलीं, जिनमें घरेलू हिंसा (Domestic Violence) और आपराधिक धमकी (Criminal Intimidation) के मामले सबसे ज्यादा रहे।
राष्ट्रीय महिला आयोग (National Commission for Women - NCW) को इस साल अभी तक कुल 7,698 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें सबसे ज्यादा शिकायतें घरेलू हिंसा (Domestic Violence) की रहीं, जिनकी संख्या 1,594 रही, यानी कुल शिकायतों का 20 प्रतिशत। इसके बाद आपराधिक धमकी (Criminal Threat) के 989 और मारपीट (Physical Assault) के 950 मामले सामने आए। अप्रैल 2025 में सबसे अधिक 2,123 शिकायतें प्राप्त हुईं, यह पहली तिमाही के किसी भी महीने से अधिक रही। साल 2024 में आयोग को कुल 25,743 शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनमें सम्मान के साथ जीवन का अधिकार, घरेलू हिंसा, और दहेज उत्पीड़न की शिकायतें प्रमुख थीं। जनवरी से मई तक घरेलू हिंसा से जुड़ी कुल 1,594 शिकायतें दर्ज की गईं: जनवरी: 367
फरवरी: 390
मार्च: 513
अप्रैल: 322
मई (अब तक): 2 ये भी पढ़ें: घरेलू हिंसा की शिकार महिलाएं चलाएंगी महिला थानों में शक्ति कैफे, पुलिस ने चुने 17 थाने इस श्रेणी में कुल 989 शिकायतें सामने आईं:
जनवरी: 268
फरवरी: 260
मार्च: 288
अप्रैल: 170
मई (अब तक): 3
मारपीट: 950 शिकायतें
दहेज उत्पीड़न: 916
बलात्कार/प्रयास: 394
छेड़छाड़/गरिमा को ठेस: 310
यौन उत्पीड़न: 302
साइबर अपराध (महिलाओं से संबंधित): 110
कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न व पीछा करना: दर्ज संख्या कम, पर चिंता बरकरार
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW)
वेबसाइट: www.ncw.nic.in
शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया:
“Register Complaint” पर क्लिक करें
फॉर्म भरें, दस्तावेज़ अपलोड करें
OTP वेरिफिकेशन के बाद शिकायत दर्ज हो जाती है
ईमेल/SMS के माध्यम से अपडेट मिलते हैं
हेल्पलाइन नंबर:
WhatsApp: 7827-170-170
कॉल: 011-26942369, 26944754 (कार्यदिवसों में)
📞 2. महिला हेल्पलाइन नंबर
1091: महिला सुरक्षा के लिए विशेष हेल्पलाइन
112: इमरजेंसी सेवा (पुलिस, एंबुलेंस, फायर)
स्थानीय महिला थाना / पुलिस स्टेशन
IPC की धारा 498A, 354, 376 के तहत FIR दर्ज करवाई जा सकती है।
घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 के तहत भी सहायता मिलती है। वन स्टॉप सेंटर (OSC) – सखी केंद्र
OSCs पीड़ित महिला को एक ही स्थान पर मेडिकल, कानूनी सहायता, काउंसलिंग व आश्रय प्रदान करते हैं।
सूची: WCD की वेबसाइट पर उपलब्ध है। राज्य महिला आयोग / जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA)
हर राज्य में महिला आयोग है जहां शिकायत दी जा सकती है।
DLSA से मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है। NGOs / महिला संगठन
जैसे: Jagori, SEWA, Breakthrough, Shakti Shalini
ये संगठन परामर्श, कानूनी सहायता और आश्रय जैसी सेवाएं देती हैं। शिकायत करते समय ध्यान रखें स्पष्ट विवरण दें: घटना की तारीख, स्थान, आरोपी का नाम
सबूत संलग्न करें: कॉल रिकॉर्डिंग, फोटो, मेडिकल रिपोर्ट
शिकायत की एक प्रति अपने पास रखें
विशेषज्ञों का मानना है कि ज्यादा शिकायतें दर्ज होने की एक वजह महिलाओं का जागरूक होना भी है। thesootr links
उत्तर प्रदेश सबसे आगे
अगर भारत के सभी राज्यों की स्थिति पर नजर डालें तो उत्तर प्रदेश का स्थान सबसे पहले आता है जहां अकेले 3,921 शिकायतें दर्ज की गईं। यह देशभर का 50% से अधिक है। इसके बाद दिल्ली में 688, महाराष्ट्र में 473, मध्य प्रदेश में 351, बिहार में कुल 342 और हरियाणा में 306 शिकायतें दर्ज की गईं।
घरेलू हिंसा के मामले
फरवरी: 390
मार्च: 513
अप्रैल: 322
मई (अब तक): 2 ये भी पढ़ें: घरेलू हिंसा की शिकार महिलाएं चलाएंगी महिला थानों में शक्ति कैफे, पुलिस ने चुने 17 थाने
अपराधिक धमकी से जुड़ी शिकायतें
जनवरी: 268
फरवरी: 260
मार्च: 288
अप्रैल: 170
मई (अब तक): 3
अन्य प्रमुख शिकायतें
दहेज उत्पीड़न: 916
बलात्कार/प्रयास: 394
छेड़छाड़/गरिमा को ठेस: 310
यौन उत्पीड़न: 302
साइबर अपराध (महिलाओं से संबंधित): 110
कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न व पीछा करना: दर्ज संख्या कम, पर चिंता बरकरार
शिकायत कहां और कैसे करें?
वेबसाइट: www.ncw.nic.in
शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया:
“Register Complaint” पर क्लिक करें
फॉर्म भरें, दस्तावेज़ अपलोड करें
OTP वेरिफिकेशन के बाद शिकायत दर्ज हो जाती है
ईमेल/SMS के माध्यम से अपडेट मिलते हैं
हेल्पलाइन नंबर:
WhatsApp: 7827-170-170
कॉल: 011-26942369, 26944754 (कार्यदिवसों में)
📞 2. महिला हेल्पलाइन नंबर
1091: महिला सुरक्षा के लिए विशेष हेल्पलाइन
112: इमरजेंसी सेवा (पुलिस, एंबुलेंस, फायर)
स्थानीय महिला थाना / पुलिस स्टेशन
IPC की धारा 498A, 354, 376 के तहत FIR दर्ज करवाई जा सकती है।
घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 के तहत भी सहायता मिलती है। वन स्टॉप सेंटर (OSC) – सखी केंद्र
OSCs पीड़ित महिला को एक ही स्थान पर मेडिकल, कानूनी सहायता, काउंसलिंग व आश्रय प्रदान करते हैं।
सूची: WCD की वेबसाइट पर उपलब्ध है। राज्य महिला आयोग / जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA)
हर राज्य में महिला आयोग है जहां शिकायत दी जा सकती है।
DLSA से मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है। NGOs / महिला संगठन
जैसे: Jagori, SEWA, Breakthrough, Shakti Shalini
ये संगठन परामर्श, कानूनी सहायता और आश्रय जैसी सेवाएं देती हैं। शिकायत करते समय ध्यान रखें स्पष्ट विवरण दें: घटना की तारीख, स्थान, आरोपी का नाम
सबूत संलग्न करें: कॉल रिकॉर्डिंग, फोटो, मेडिकल रिपोर्ट
शिकायत की एक प्रति अपने पास रखें
विशेषज्ञों का मानना है कि ज्यादा शिकायतें दर्ज होने की एक वजह महिलाओं का जागरूक होना भी है। thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
उज्जैन शाही मस्जिद विवाद: कलेक्टर-एसपी से मिले आरिफ मसूद फिर अपनी पार्टी के नेताओं पर उठाए सवाल
By Sandeep Kumar
अमित शाह थे तो भोपाल, लेकिन दिल लगा था दिल्ली में, आखिर क्यों कि दो बार पीएम मोदी से बात, प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कैंसिल
By Ramanand Tiwari
एक कचौड़ी दो समोसा नारे पर बोले शिवराज सिंह चौहान, बेटियों को ऐसा नारा लगाने की नौबत क्यों आई
By Sandeep Kumar
भोपाल में सीलिंग का खतरा फिर लौटा: राहत के ड्राफ्ट में भी कारोबार की कई शर्तें, व्यापारियों की बढ़ेंगी मुश्किलें!
By Ramanand Tiwari
mp top news: खबरें काम की, क्या गुजरात की तरह एमपी में भी होगी शराबबंदी? बालाघाट के लिए 400 करोड़ का डेवलपमेंट प्लान
By Sanjay Dhiman
10 दिन हेलमेट पर सख्ती, फिर क्या? मध्य प्रदेश में सड़क सुरक्षा कब बनेगी रोज की ड्यूटी
By Ramanand Tiwari
RTE सीटों में भारी कटौती: छत्तीसगढ़ में 85 हजार से घटकर 26 हजार हुईं सीटें, 59 हजार बच्चों का भविष्य अधर में
By Umeshwari Baghel