पीएफ धारकों को बड़ी राहत, EDLI स्कीम में 1 लाख रुपए का नया फायदा जोड़ा गया

Pawan Modiya | Jul 13, 2026, 18:18 IST
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ईडीएलआई स्कीम
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केंद्र सरकार ने ईडीएलआई स्कीम 2026 अधिसूचित की है। इसमें अधिकतम सात लाख रुपए का बीमा कवर बरकरार रखा गया है। साथ ही पीएफ खाते से जुड़ा एक लाख रुपए तक का नया एश्योरेंस बेनिफिट भी शामिल किया गया है। जानें पूरी जानकारी।



समझें क्या है पूरा मामला

  • केंद्र सरकार ने ईडीएलआई स्कीम 2026 को अधिसूचित किया है।
  • इसमें अधिकतम सात लाख रुपए का बीमा कवर बरकरार है।
  • पीएफ खाते से जुड़ा एक नया एश्योरेंस बेनिफिट भी शामिल हुआ है।
  • यह बेनिफिट अधिकतम एक लाख रुपए तक हो सकता है।
  • यह बदलाव पीएफ खाताधारकों के परिवारों के लिए बड़ी राहत है।
केंद्र सरकार ने ईडीएलआई (एम्प्लॉईज डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस) स्कीम 2026 को अधिसूचित किया है। यह नई योजना 29 जून 2026 को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने जारी की। इसने पुरानी 1976 वाली ईडीएलआई योजना की जगह ली है। यह योजना सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 के तहत लागू हुई है। नई योजना में अधिकतम सात लाख रुपए का बीमा कवर बरकरार रखा गया है। इसके साथ एक नया पीएफ (प्रोविडेंट फंड) लिंक्ड एश्योरेंस बेनिफिट भी शामिल है। यह बेनिफिट एक लाख रुपए तक का हो सकता है। यह बदलाव पीएफ खाताधारक के परिवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। यह अपडेट खासतौर पर निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए अहम है। सरकारी क्षेत्र के मुकाबले निजी कर्मचारियों को कम सामाजिक सुरक्षा मिलती है। इसलिए यह योजना अहम मानी जाती है।

क्या है ईडीएलआई स्कीम

ईडीएलआई स्कीम एक बीमा योजना है। यह योजना पीएफ खाते से सीधे जुड़ी होती है। यह योजना ईपीएफओ (एम्प्लॉईज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन) के सदस्यों के लिए बनी है। अगर नौकरी के दौरान कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है। तो परिवार को बीमा राशि मिलती है। यह राशि कर्मचारी के नॉमिनी या कानूनी वारिस को दी जाती है। इस योजना में कर्मचारी को कोई पैसा नहीं देना पड़ता। पूरा प्रीमियम कंपनी यानी नियोक्ता चुकाता है। नियोक्ता हर महीने वेतन का 0.50 प्रतिशत योगदान करता है। यह राशि पीएफ खाते के साथ ही जमा होती है।

सात लाख रुपए का कवर बरकरार

नई योजना में भी अधिकतम बीमा राशि सात लाख रुपए रखी गई है। इसमें बीस प्रतिशत का अतिरिक्त इजाफा भी शामिल है। न्यूनतम बीमा राशि ढाई लाख रुपए तय की गई है। यह सीमा 2021 की पुरानी अधिसूचना से ही चली आ रही है। जिन कर्मचारियों ने लगातार बारह महीने नौकरी की है, उन्हें यह पूरा लाभ मिलेगा। गणना कर्मचारी के पिछले बारह महीने के औसत वेतन पर आधारित होगी। इसके अलावा पीएफ खाते के औसत बैलेंस का पचास प्रतिशत भी जोड़ा जाएगा। इस तरह कुल राशि सात लाख रुपए तक पहुंच सकती है।

नया एक लाख रुपए वाला बेनिफिट

नई योजना में एक अलग बेस स्लैब जोड़ा गया है। यह स्लैब सीधे पीएफ खाते के बैलेंस से जुड़ा है। इसमें कर्मचारी के पिछले बारह महीने के औसत बैलेंस को आधार बनाया जाएगा। अगर औसत बैलेंस पचास हजार रुपए तक है, तो पूरी राशि मिलेगी। पचास हजार से ज्यादा बैलेंस पर चालीस प्रतिशत अतिरिक्त राशि जुड़ेगी। इस स्लैब की अधिकतम सीमा एक लाख रुपए तय की गई है। अगर औसत बैलेंस कम भी हो, तब भी न्यूनतम पचास हजार रुपए तय हैं। यह प्रावधान कम अवधि की नौकरी वालों के लिए राहत भरा है। पहले ऐसे कर्मचारियों को अक्सर पूरा लाभ नहीं मिल पाता था।

किन शर्तों में मिलेगा फायदा

अगर मृत्यु आखिरी पीएफ योगदान के छह महीने के भीतर होती है, तब भी लाभ मिलेगा। शर्त यह है कि कर्मचारी उस समय कंपनी के रोल पर हो। नौकरी बदलने पर साठ दिन तक का अंतर भी नजरअंदाज किया जाएगा। पीएफ खाते में दर्ज नॉमिनी को ही ईडीएलआई का लाभ मिलेगा। अगर नॉमिनी दर्ज नहीं है, तो परिवार या कानूनी वारिस दावा कर सकते हैं। दावा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया जा सकता है। इसके लिए फॉर्म 5 आईएफ भरना जरूरी होता है।

दावा निपटान और जुर्माने का नियम

नई योजना में दावा निपटाने की समय सीमा 20 दिन तय है। अगर बिना ठोस कारण देरी होती है, तो 12 प्रतिशत सालाना जुर्माना लगेगा। यह जुर्माना संबंधित कमिश्नर के वेतन से वसूला जाएगा। इससे दावा प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। सरकार का मकसद परिवारों को समय पर मदद पहुंचाना है। यह कदम पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए उठाया गया है। इससे परिवारों को समय पर आर्थिक मदद भी मिलेगी।

कर्मचारियों के लिए क्यों जरूरी है यह बदलाव

यह योजना सभी ईपीएफ (एम्प्लॉईज प्रोविडेंट फंड) सदस्यों पर लागू होती है। कर्मचारी को इसके लिए अलग से आवेदन नहीं करना पड़ता। यह सुविधा अपने आप मिल जाती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि नॉमिनी की जानकारी समय पर अपडेट रखें। शादी, बच्चे के जन्म या पारिवारिक बदलाव पर नॉमिनी बदलना जरूरी है। इससे भविष्य में दावा प्रक्रिया आसान हो जाती है। कर्मचारियों को अपनी ईपीएफ पासबुक भी नियमित रूप से जांचनी चाहिए। यह योजना कर्मचारियों के परिवार को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए बनाई गई है। कुल मिलाकर यह बदलाव पीएफ खाताधारकों के लिए फायदेमंद है। यह योजना नौकरीपेशा वर्ग को बड़ी वित्तीय सुरक्षा देती है। आने वाले समय में इससे लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिल सकता है।

जरूरी FAQ

ईडीएलआई स्कीम 2026 में अधिकतम बीमा कवर कितना है?
ईडीएलआई स्कीम 2026 में भी अधिकतम बीमा कवर सात लाख रुपए ही रखा गया है। यह राशि 2021 की पुरानी अधिसूचना से चली आ रही है। न्यूनतम बीमा राशि 2.5 लाख रुपए तय है। यह लाभ उन कर्मचारियों को मिलता है जिन्होंने लगातार 12 महीने नौकरी की हो।

नई योजना में एक लाख रुपए वाला बेनिफिट क्या है?
यह एक अलग बेस स्लैब है, जो सीधे पीएफ खाते के औसत बैलेंस से जुड़ा है। अगर औसत बैलेंस 50 हजार रुपए तक है, तो पूरी राशि मिलती है। इससे ज्यादा बैलेंस पर 40 प्रतिशत अतिरिक्त राशि जुड़ती है, जिसकी अधिकतम सीमा एक लाख रुपए है। औसत बैलेंस कम होने पर भी न्यूनतम पचास हजार रुपए तय हैं।

ईडीएलआई का दावा करने में कितना समय लगता है?
नई योजना के तहत दावा निपटाने की समय सीमा बीस दिन तय की गई है। अगर बिना ठोस कारण देरी होती है, तो बारह प्रतिशत सालाना जुर्माना लगेगा। दावा नॉमिनी, परिवार या कानूनी वारिस ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से कर सकते हैं।

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