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News In Short
अंडे फ्रीजिंग की प्रक्रिया का खर्च 1.2 से 2 लाख तक हो सकता है।
फाइनेंशियल मदद के बिना महिलाओं के लिए यह प्रक्रिया मुश्किल हो सकती है।
कंपनियां अब कर्मचारियों को प्रजनन योजनाओं का लाभ दे रही हैं।
अंडे फ्रीजिंग की बढ़ती मांग से प्रजनन स्वास्थ्य में बदलाव आ रहा है।
महिलाओं को अपनी प्रजनन योजना के लिए पहले से बजट तैयार करने की जरूरत है।
News In Detail
कुछ युवा महिलाओं को अपने करियर की शुरुआत करते हुए एग फ्रीजिंग करना पड़ी। वे यह कदम केवल लाइफस्टाइल की पसंद नहीं, बल्कि शरीर की मजबूरी के कारण उठा रही थीं। उनकी ओवरी में अंडे की कमी थी। उन्हें इन अंडों को बचाना, क्रायो प्रिजर्व कराना और भविष्य में बच्चे प्लान करने के लिए बैंक में जमा करना पड़ा। क्योंकि ये कामकाजी महिलाएं थी इनके पास न तो पर्याप्त समय था और न ही शारीरिक रुप से वे खुद को सक्षम पा रही थी। इसलिए उन्होंने ये डिसीजन लिया।
दिल्ली की एक 26 वर्षीय डॉक्टर कहती हैं, 25-32 साल की उम्र के बीच अंडे निकालने का सबसे अच्छा समय है, लेकिन तब तक महिलाएं बड़ी कमाई नहीं करतीं। इस प्रक्रिया के लिए उन्हें सटीक फाइनेंशियल योजना बनानी पड़ी और कई साल पहले से प्रजनन फंड बनाना पड़ा।
एग फ्रीजिंग क्या है?
अंडाणु फ्रीजिंग एक प्रक्रिया है, जिसमें महिलाएं अपने अंडे भविष्य के लिए संरक्षित करती हैं। यह उन्हें गर्भावस्था को टालने का मौका देती है, जब तक वे तैयार न हों। यह प्रक्रिया व्यक्तिगत, व्यावसायिक या चिकित्सा कारणों से की जा सकती है।
महिलाएं एग फ्रीजिंग क्यों चुनती हैं?
अंडाणु फ्रीजिंग का प्राथमिक लाभ युवा और स्वस्थ अंडों को संरक्षित करना है। इससे उम्र से संबंधित प्रजनन क्षमता में गिरावट को रोकने में सहायक हो सकता है। यह जैविक समय-सीमा के कारण रिश्तों या गर्भावस्था में जल्दबाजी करने के दबाव को भी कम करता है। इससे मेडिकल लाभ के साथ-साथ साइकोलोजिस्ट भरोसा भी मिलता है।
आर्थिक स्थिति का असर प्रजनन पर
दिल्ली की एक लेक्चरर ने भी अंडे फ्रीजिंग की प्रक्रिया को पैसे की कमी के कारण स्थगित कर दिया। वे घर के लिए EMI चुका रही थीं और दो से तीन लाख खर्च करना उनके लिए संभव नहीं था। जब 36 साल की उम्र में उनके पीरियड्स सर्कल में बदलाव आया, तो उन्होंने खुद से खर्चा किया। एक सिंगल अंडे की प्रक्रिया का खर्च 2 लाख से ऊपर था, साथ ही अनुअल स्टोरेज फीस 30 हजार का था।
बेंगलुरु की महिला को ऑफिस से मदद मिली
बेंगलुरु में एक कॉर्पोरेट पेशेवर को अपने ऑफिस से अंडे फ्रीजिंग का पैकेज मिला। कंपनी ने इस प्रक्रिया के अधिकांश हिस्से को कवर किया, जिसमें अंडे निकालने और भ्रूण ट्रांसफर की प्रक्रिया शामिल थी। इंश्योरेंस ने 1.45 लाख तक कवर किया। शेष खर्च हमें करना पड़ा, वह कहती हैं।
फर्टिलिटी क्लीनिक से मिलेगी मदद
फर्टिलिटी क्लीनिक अब बिना ब्याज के EMI स्कीम्स प्रदान कर रहे हैं, जिससे महिलाएं आसान किश्तों में यह खर्चा कर सकें। बैंक और NBFC भी मेडिकल लोन प्रदान कर रहे हैं। IVF फर्टिलिटी के सीईओ शोभित अग्रवाल बताते हैं, हम कंपनियों के साथ साझेदारी कर रहे हैं ताकि कर्मचारी को प्रजनन बचाव योजना का लाभ मिल सके।
अग्रवाल के मुताबिक, अंडे फ्रीजिंग की पूछताछ में तीन गुना वृद्धि हुई है। महिलाएं अब अपनी प्रजनन स्वास्थ्य के लिए लंबी अवधि से योजना बना रही हैं, बजाय आखिरी समय में निर्णय लेने के। डॉ. प्रभलीन कौर कहती हैं, प्रजनन स्वास्थ्य पर महिलाएं अब पहले से योजना बना रही हैं।
वहीं डॉ. भवानी शेखर कहती हैं, प्रजनन उपचार में अंडे फ्रीजिंग की सफलता दर बढ़ी है। महिलाएं अब इसे एक लंबे समय तक का निवेश मान रही हैं। फ्रीज किए गए अंडे ताजे अंडों से स्वस्थ गर्भधारण और जीवन को जन्म देने में मदद कर सकते हैं, बशर्ते महिलाओं ने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) पर ध्यान दिया हो।
एग फ्रीजिंग के फायदे
1. प्रजनन क्षमता खोने का डर : समय से पहले डिम्बग्रंथि विफल होने की संभावना के चलते एग फ्रीजिंग करवाना एक अच्छा विकल्प है। जेनेटिक डिसऑर्डर, पीओएफ ऑटोइम्यून बीमारी के चलते विफलता की संभावना बढ़ जाती है।
2. करियर या फिर आर्थिक अस्थिरता : महिला अगर अपने करियर को प्राथमिकता देना चाहती हो, या फिर आर्थिक अस्थिरता हो या फिर शादी में देरी के चलते बच्चे के जन्म में देरी चाहती हो तो वह अपने एग फ्रीजिंग करवाए सकती है।
3. गर्भधारण करने वक्त चुनने की आजादी : एग्स फ्रीजिंग करवाने के बाद महिला को गर्भधारण करने के लिए कोई जैविक घड़ी पर निर्भर करता नहीं पड़ता। महिला अपनी मर्जी से जब चाहे तब गर्भधारण कर सकती है।
एग फ्रीजिंग के नुकसान
1. ओवेरियन हाइस्टिम्युलेशन सिंड्रोम : एग्स का प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए महिला को हार्मोनल इंजेक्शन दिए जाते है। इसकी वजह से उन्हें ओवेरियन हाइस्टिम्युलेशन सिंड्रोम होने की संभावना बढ़ जाती है। जो महिला को बीमार कर देता है साथ ही उन्हें पेट दर्द, उल्टी जैसी समस्या भी हो सकती है।
2. एग निकालने में जटिलता : महिला के अंडाशय से एग निकलने के लिए एस्पिरेटिंग सुई का इस्तेमाल किया जाता है। जिसकी वजह से संक्रमण, रक्तस्राव या मुत्राशय को नुकसान हो सकता है।
3. बच्चे के जन्म की गारंटी नहीं : एग फ्रीजिंग करने के बाद गर्भधारण करने में सफलता या फिर बच्चे के जन्म की कोई गारंटी नहीं होती है। ऐसे में यह एक बहुत बड़ी चुनौती है।
सोच-समझकर निर्णय लेना
अंडाणु फ्रीजिंग एक व्यक्तिगत निर्णय है, जो चिकित्सा, भावनात्मक और वित्तीय पहलुओं से प्रभावित होता है। एक्सपर्ट महिलाओं को यह सलाह देते हैं कि वे जल्द से जल्द फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से सलाह लें। संभावित परिणामों को समझें और प्रक्रिया की सुविचारित योजना बनाएं।
अपने करियर की चुनौतियों से जूझ रही कामकाजी महिलाओं के लिए, अंडाणु फ्रीजिंग एक ऐसा तरीका है जिससे वे अपने लंबे समय तक प्रजनन विकल्पों को अपने साथ रख सकती हैं।
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