EPFO New Rule : अब आधार कार्ड के बिना भी मिल सकेगी पीएफ की रकम, नियमों में बदलाव
Pratibha ranaa | May 20, 2024, 08:46 IST
EPFO
ईपीएफ के फील्ड ऑफिसर्स को कई चीजों में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। ये आधार में गलत डिटेल्स, यूआईडीएआई डेटाबेस से आधार में टेक्निकल दिक्कतें, इनएक्टिव आधार जैसी प्रॉब्लम होती थी। अब नियमों में बदलाव किया गया है।
BHOPAL. एंप्लॉय प्रोविडेंट फंड ( EPFO ) ने डेथ क्लेम के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। ईपीएफओ ने उन मामलों में राहत दी है, जिनमें ईपीएफओ सदस्य का निधन हो गया है और उनका आधार पीएफ खाते से लिंक नहीं या जानकारियों का मिलान नहीं हो रहा है। अब नॉमिनी को आधार कार्ड के बिना भी पीएफ की रकम मिल सकेगी। ( EPF claim settlement )
दरअसल ईपीएफ के फील्ड ऑफिसर्स को कई चीजों में परेशानी होती थी। आधार में गलत डिटेल्स, यूआईडीएआई डेटाबेस से आधार में टेक्निकल दिक्कतें, इनएक्टिव आधार जैसी दिक्कतें होती थी। ऐसे में ईपीएफ सदस्यों को पेमेंट में देरी हो रही थी। अब इसके नियमों में बदलाव किया गया है, इससे आम लोगों को काफी राहत मिलने वाली है।
यह नियम उन मामलों पर लागू होंगे, जहां सदस्य की डीटेल्स ईपीएफ यूएएन में सही है, लेकिन आधार डाटा में गलत है। इसके अलावा आधार में सही है, लेकिन यूएएन में गलत है तो नॉमिनी को इसके लिए अलग से प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
अगर आधार के बिना किसी सदस्य का निधन हो जाता है, तो उस व्यक्ति का डेटा आधार सिस्टम में रखा जाएगा और जेडी फॉर्म पर हस्ताक्षर करने की परमिशन दी जाएगी। वहीं दूसरे मामले में ये भी हो सकता है कि निधन हुए व्यक्ति ने कभी भी अपना नाम दर्ज नहीं कराया हो। ऐसे में उस परिवार के सदस्यों में से किसी एक को जेडी को अपना आधार जमा करने की अनुमति दी जा सकती है।
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क्लेम सेटलमेंट नियमों में बड़ा बदलाव
दरअसल ईपीएफ के फील्ड ऑफिसर्स को कई चीजों में परेशानी होती थी। आधार में गलत डिटेल्स, यूआईडीएआई डेटाबेस से आधार में टेक्निकल दिक्कतें, इनएक्टिव आधार जैसी दिक्कतें होती थी। ऐसे में ईपीएफ सदस्यों को पेमेंट में देरी हो रही थी। अब इसके नियमों में बदलाव किया गया है, इससे आम लोगों को काफी राहत मिलने वाली है।
यहां लागू होगा नियम
यह नियम उन मामलों पर लागू होंगे, जहां सदस्य की डीटेल्स ईपीएफ यूएएन में सही है, लेकिन आधार डाटा में गलत है। इसके अलावा आधार में सही है, लेकिन यूएएन में गलत है तो नॉमिनी को इसके लिए अलग से प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
आधार जमा करने की मिलेगी परमिशन
अगर आधार के बिना किसी सदस्य का निधन हो जाता है, तो उस व्यक्ति का डेटा आधार सिस्टम में रखा जाएगा और जेडी फॉर्म पर हस्ताक्षर करने की परमिशन दी जाएगी। वहीं दूसरे मामले में ये भी हो सकता है कि निधन हुए व्यक्ति ने कभी भी अपना नाम दर्ज नहीं कराया हो। ऐसे में उस परिवार के सदस्यों में से किसी एक को जेडी को अपना आधार जमा करने की अनुमति दी जा सकती है।
यहां होती थी प्रॉब्लम
- आधार में गलत डिटेल्स या आधार में तकनीकी दिक्कतें
- आधार नंबर का निष्क्रिय होना
- आधार का यूएएन में दिए गए डिटेल्स से मिलान न होना
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