बिना लहसुन प्याज के बनी मछली शाकाहारी, मंत्री संजय निषाद का चौंकाने वाला दावा
समझें क्या है पूरा मामला...
- यूपी सरकार के मंत्री संजय निषाद का चौंकाने वाला बयान सामने आया है।
- उन्होंने कहा कि बिना लहसुन प्याज की मछली शाकाहारी होती है।
- यह बयान सावन के महीने में दिया गया है।
- उन्होंने निषाद समाज के डंडे को न मानने वालों को कसाई कहा।
- मंत्री ने एनडीए में बने रहने का भरोसा भी दिलाया है।
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के मुखिया संजय निषाद ने एक बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि अगर मछली बिना लहसुन और प्याज के बनाई जाए, तो वह शाकाहारी मानी जाएगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब सावन के महीने में हिंदू समाज के ज्यादातर लोग मांसाहार से परहेज करते हैं। कई लोग तो लहसुन प्याज खाना भी इस महीने में छोड़ देते हैं। ऐसे में मंत्री का यह बयान चर्चा का विषय बन गया है।
कार्यक्रम में दिया बड़ा बयान
यह बयान मंगलवार, 11 अगस्त को एक कार्यक्रम में दिया गया। संजय निषाद ने कहा कि जब पहली बार यह बात कही गई थी, तब किसी महाराज जी ने इसका विरोध नहीं किया। उनका तर्क है कि मौन रहने का मतलब है कि बात सही मानी गई। यह कहते हुए वे खुद भी मुस्कुरा उठे।
उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और भारत के संविधान का निशान मछली, तीर और धनुष है। उनके मुताबिक यह निषाद समाज का चिन्ह है और इस पर समाज को गर्व है।
लंदन यात्रा का भी किया जिक्र
संजय निषाद ने अपने भाषण में लंदन यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वहां गोरखपुर सांसद रविकिशन ने अपने गानों से माहौल बना दिया था। उनका कहना था कि रविकिशन ने सबको मस्त कर दिया, जबकि उन्होंने अपनी बातों से सबको पस्त कर दिया।
उन्होंने एक दिलचस्प बात भी कही। उनके मुताबिक पहले भारत में लंदन की झलक दिखती थी, लेकिन अब लंदन में भारत की झलक दिखती है। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन में भी एक भारतीय मूल के व्यक्ति प्रधानमंत्री बने हैं।
निषाद राज पर दिया विवादित बयान
मंत्री संजय निषाद ने निषाद समाज को लेकर भी तीखी बात कही। उनका कहना था कि जो भी निषाद राज के डंडे का स्वागत करेगा, वह भाई माना जाएगा। लेकिन जो इसका विरोध करेगा, उसे उन्होंने कसाई करार दे दिया। उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी और सीएम योगी दोनों निषाद समाज के डंडे और झंडे का सम्मान करते हैं।
उनके मुताबिक जो निषाद राज का स्वागत करेगा, वह भवसागर से पार हो जाएगा। लेकिन विरोध करने वाले को उन्होंने देश का हिस्सा मानने से भी इनकार कर दिया।
तुकबंदी में भी दिखा तेवर
अपनी बात को असरदार बनाने के लिए संजय निषाद ने तुकबंदी वाली पंक्तियां भी सुनाईं। उन्होंने कहा कि निषाद समाज ने अब बेईमानों का झंडा फेंक दिया है। उनके मुताबिक अब समाज मोटा धंधा कर रहा है और हाथ में जय निषाद राज का डंडा है। उन्होंने आगे कहा कि अब समाज डंडा नहीं खाएगा।
उनका दावा था कि इससे बसपा, सपा और कांग्रेस का धंधा बंद हो गया है। एक और पंक्ति में उन्होंने कहा कि जब तक निषाद समाज बेईमानों का झंडा उठाता रहा, तब तक पीठ पर डंडा खाता रहा। लेकिन अब समाज ने पौआ पीना बंद कर दिया है और खुद का डंडा उठा लिया है।
एनडीए में बने रहने का भरोसा
इतना तीखा बयान देने के बावजूद संजय निषाद ने साफ किया कि वे एनडीए का साथ नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे गठबंधन का हिस्सा बने रहेंगे। उनका कहना था कि पीएम मोदी और सीएम योगी दोनों निषाद समाज का सम्मान करते हैं।
इससे साफ है कि उनके तीखे बयानों के बावजूद पार्टी की रणनीति में कोई बदलाव नहीं है। हालांकि उनके मछली को शाकाहारी बताने वाले बयान पर सोशल मीडिया में तरह तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं।
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