Hanuman Jayanti 2024 : जानिए हनुमान जयंती के व्रत की विधि, क्या महिलाएं भी कर सकती हैं हनुमान जी की उपासना?

Sandeep Kumar | Apr 22, 2024, 06:37 IST
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हिंदू पंचांग के अनुसार इस बार हनुमान जयंती 23 अप्रैल 2024 को मनाई जाएगी। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि का आरंभ 23 अप्रैल को सुबह 3 बजकर 25 मिनट से शुरू हो जाएगा, जिसका समापन 24 अप्रैल को सुबह 5 बजकर 18 मिनट पर होगा।

BHOPAL. हर साल चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि के दिन हनुमान जयंती ( Hanuman Jayanti ) मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, यही वो पावन दिन था। जब माता अंजनी और वानरराज राजा केसरी के घर बजरंगबली का जन्म हुआ था। प्रत्येक वर्ष इस दिन धूमधाम के साथ हनुमान जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस दिन मारुति नंदन के साथ प्रभु श्री राम और माता सीता की भी पूजा का विधान है। दरअसल, कहा जाता है कि बिना रामजी की पूजा के बजरंगबली की आराधना अधूरी मानी जाती है। तो आइए जानते हैं कि इस साल हनुमान जयंती कब मनाई जाएगी।



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भगवान हनुमान जी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त


हिंदू पंचांग के अनुसार इस बार हनुमान जयंती 23 अप्रैल 2024 को मनाई जाएगी। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि का आरंभ 23 अप्रैल को सुबह 3 बजकर 25 मिनट से शुरू हो जाएगा, जिसका समापन 24 अप्रैल को सुबह 5 बजकर 18 मिनट पर होगा। हनुमान जी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 23 अप्रैल को सुबह 9 बजकर 3 मिनट से 10 बजकर 41 मिनट तक रहेगा, वहीं ब्रह्म मुहूर्त 23 अप्रैल को सुबह 4 बजकर 20 मिनट से 5 बजकर 4 मिनट तक है।



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हनुमान जयंती पर बन रहा है शुभ संयोग


इस बार हनुमान जयंती पर अद्भुत संयोग बन रहा है। हनुमान जन्मोत्सव 23 अप्रैल को मनाया जाएगा और इस दिन मंगलवार भी है। सप्ताह का मंगलवार का दिन बजरंगबली को समर्पित है। ऐसे में हनुमान जयंती और मंगलवार के शुभ संयोग में पूजा-अर्चना करने से कई गुना अधिक शुभ फलों की प्राप्ति होगी। आपको बता दें कि हनुमान जी का जन्मोत्सव राम नवमी के ठीक छह दिन बाद मनाया जाता है।



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हनुमान जयंती का महत्व


विधान के साथ बजरंगबली की पूजा करने से भक्तों के सभी संकट दूर हो जाते हैं। इस दिन मंदिर जाकर हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल और बेसन के लड्डू जरूर अर्पित करें। इसके साथ हनुमान जयंती के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना भी शुभ और फलदायी माना गया है। हनुमान जयंती के रामायण, बजरंग बाण और सुंदरकांड का पाठ करना भी लाभदायक माना जाता है।



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क्या धारणाएं हैं हनुमान जयंती में महिलाओं को लेकर


हिन्दू पुराणों के अनुसार बजरंगबली को छूने की अनुमति महिलाओं ( womens ) को नहीं दी जाती है। ऐसा भी कहा जाता है,कि महिलाएं संकट मोचक कि पूजा अर्चना नहीं कर सकती है। हालांकि सब से बड़ा सवाल ये भी कि क्या महिलाएं भी हनुमान जयंती पर व्रत रख सकती है? आइए जानते है। संकट मोचक के सूत्र से आपके सभी सवालों का जवाब।



महिलाएं इन बातों का रखें ध्यान


हनुमान जी की पूजा करते समय महिलाओं को उन पर जल अर्पित नहीं करना चाहिए और न ही उनके चरण स्पर्श करने चाहिए। इसी के साथ अगर किसी महिला ने हनुमान जी के 9 व्रत रखने की मन्नत मांगी हो और व्रत के बीच में ही उनके पीरियड्स आ जाए तो वो व्रत खंडित हो जाते है। इसलिए कहा जाता है, कि महिलाओं को हनुमान जी के व्रत नहीं रखने चहिए। जानकारी के मुताबिक महिलाओं को पूजा के दौरान हनुमान जी को वस्त्र और सिंदूर भी नहीं चढ़ाना चाहिए।



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