Synopsis: हरियाणा में मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर की अगुवाई में दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी (JJP) के साथ गठबंधन मंगलवार को टूट गया। आगामी लोकसभा चुनाव में सीट शेयरिंग को लेकर हुए मतभेदों की वजह से ये गठबंधन टूटा है...
सुबह की खबर पढ़िए..
हरियाणा में मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर की अगुवाई में दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी (JJP) के साथ गठबंधन मंगलवार को टूट गया। जजपा के राष्ट्रीय महासचिव और हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने सोमवार को दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी। इसके बाद CM मनोहरलाल खट्टर ने चंडीगढ़ में सोमवार रात और फिर मंगलवार सुबह 11 बजे इमरजेंसी मीटिंग बुला ली। इसमें सभी मंत्री-विधायक और सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायक शामिल हुए। भाजपा के आक्रामक रुख को देखते हुए दुष्यंत चौटाला दिल्ली पहुंचे हैं। उन्होंने अमित शाह से मिलने का समय मांगा है। सीएम मनोहर लाल खट्टर ने चंडीगढ़ में राजभवन पहुंचकर कैबिनेट समेत सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। हरियाणा में सीएम चेहरा बदलने की भी चर्चाएं हैं।
नायब सिंह सैनी ओबीसी में सैनी समाज से ताल्लुक रखते हैं। वर्तमान में वह हरियाणा बीजेपी के अध्यक्ष हैं। इसके अलावा वे कुरुक्षेत्र से बीजेपी के सांसद भी हैं। सैनी हरियाणा सरकार में मंत्री रह चुके हैं। वह साल 2014 से 2019 तक विधायक रहे। बता दें कि हरियाणा में मुख्यमंत्री की रेस में नायब सिंह सैनी के साथ संजय भाटिया के नाम की चर्चा चल रही थी। हालांकि सीएम की रेस में नायब सिंह सैनी का नाम आगे रहा और अब वे हरियाणा के नए सीएम होंगे।
भाजपा से गठबंधन टूटने के बाद जजपा में बगावत हो गई है। जजपा ने सभी 10 विधायकों की दिल्ली में मीटिंग बुलाई थी, लेकिन उसमें 5 वहां नहीं पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक ये सभी चंडीगढ़ में हैं और भाजपा के संपर्क में हैं।
इधर कांग्रेस भी अलर्ट हो गई है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने भी विधायकों की आनन-फानन में मीटिंग बुला ली है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस भी राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेगी।
जजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अजय सिंह चौटाला अपने दिल्ली आवास पर पहुंच गए हैं। बताया जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम में अजय सिंह चौटाला का बयान कुछ देर में दिल्ली आवास पर जेजेपी नेताओं के साथ बैठक के बाद दिया जाएगा। वे जल्द ही प्रेस कान्फ्रेंस करने जा रहे हैं।
हरियाणा में 90 विधानसभा सीटें हैं। इनमें 41 भाजपा, 30 कांग्रेस, 10 जजपा, 1 इनेलो, 1 हलोपा और 7 निर्दलीय हैं। बहुमत के लिए 46 सीटें चाहिए। अभी भाजपा-जजपा की गठबंधन की सरकार भाजपा के 41, जजपा के 10 और एक निर्दलीय रणजीत चौटाला सरकार में है। अगर जजपा गठबंधन तोड़ देती है तो भाजपा के पास 41, 7 निर्दलीय और एक हलोपा विधायक का समर्थन है। ऐसे में भाजपा के पास बहुमत के 46 के आंकड़े से 3 ज्यादा सीटें बन रही हैं। यानि सरकार नहीं गिर रही है।
इस्तीफे के बाद नए सिरे से कैबिनेट का गठन किया जाएगा। नई कैबिनेट में जेजेपी नहीं होगी। बीजेपी ने दोपहर 12 बजे विधायक दल की बैठक बुलाई है। इस बैठक में अर्जुन मुंडा और तरुण चौक पर्यवेक्षक के तौर पर शामिल होंगे।
हरियाणा में विधानसभा की कुल 90 सीटें हैं। इन 90 सीटों में से 41 बीजेपी के पास हैं। वहीं 30 सीटें कांग्रेस, 1 सीट इंडियन नेशनल लोकदल, एक हरियाणा लोकहित पार्टी और छह निर्दलीय हैं। हरियाणा में बहुमत के लिए 46 विधायक चाहिए। हरियाणा में बीते विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने जेजेपी के साथ मिलकर गठबंधन सरकार बनाई थी। उस चुनाव में बीजेपी को 41 जबकि जेजेपी को 10 सीटें मिली थीं।
By Jitendra Shrivastava
By The Sootr

By Amresh Kushwaha
By Pooja Kumari
By Pratibha Rana
By Pooja Kumari
By Pratibha Rana