अब शहरों से ज्यादा गांवों में बज रहा इंटरनेट का डंका, जानें भारत में इंटरनेट यूजर्स के आंकड़े

Kaushiki | Feb 03, 2026, 13:39 IST
internet users in india
भारत आज एक डिजिटल सुपरपावर के रूप में उभर रहा है। यहां 2025 के अंत तक इंटरनेट यूजर्स की संख्या 95.8 करोड़ तक पहुंच गई है। इस बदलाव की सबसे बड़ी ताकत ग्रामीण भारत है।

सोचिए, एक समय था जब इंटरनेट सिर्फ बड़े शहरों की आलीशान इमारतों तक सीमित था। लेकिन आज वक्त बदल चुका है और हमारा भारत एक डिजिटल सुपरपावर बन रहा है।



ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में इंटरनेट यूज करने वालों की संख्या अब 1 अरब के करीब पहुंचने वाली है। साल 2025 के अंत तक ये आंकड़ा 95.8 करोड़ तक पहुंच गया है।



ऐसे में सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि शहरों के मुकाबले गांवों में इंटरनेट बहुत तेजी से फैल रहा है। आज गांव का किसान हो या छोटा दुकानदार, हर किसी के हाथ में स्मार्टफोन और इंटरनेट मौजूद है। ये बदलाव केवल आंकड़ों का नहीं, बल्कि हमारी लाइफस्टाइल और सोच का भी है।



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गांवों में इंटरनेट की रफ्तार

इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) की रिपोर्ट एक बहुत बड़ी सच्चाई बताती है। पिछले 6 सालों में शहरी इलाकों में इंटरनेट की ग्रोथ केवल 32 प्रतिशत ही रही है। इसके अपोजिट ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट यूजर्स की संख्या लगभग 100 प्रतिशत तक बढ़ गई है।



साल 2019 में गांवों में मात्र 26.4 करोड़ लोग इंटरनेट का उपयोग करते थे। अब 2025 में ये संख्या बढ़कर 54.8 करोड़ के पार पहुंच चुकी है। यानी शहरों की तुलना में गांवों में इंटरनेट यूजर 4 गुना ज्यादा रफ्तार से बढ़े हैं।



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शॉर्ट वीडियो और AI का जादू

इंटरनेट के इस एक्सपेंशन के पीछे शॉर्ट-वीडियो का बहुत बड़ा हाथ माना जा रहा है। आज 61% यूजर्स अपना समय रील्स और शॉर्ट वीडियो देखने में बिताते हैं। इसमें भी रूरल यूजर्स की संख्या शहरी लोगों के मुकाबले काफी ज्यादा देखी गई है।



साथ ही, अब लोग गूगल पर टाइप करने के बजाय वॉयस सर्च करना पसंद करते हैं। लगभग 44% यूजर्स वॉयस और इमेज सर्च जैसे AI फीचर्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। एआई (AI) ने इंटरनेट चलाने के तरीके को बहुत ही आसान और सरल बना दिया है।



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2019-2025 तक का सफर

कुल यूजर्स में भारी उछाल:



  • 2019 में जहां सिर्फ 57.4 करोड़ लोग इंटरनेट इस्तेमाल करते थे।
  • वहीं 2025 तक यह आंकड़ा बढ़कर 95.8 करोड़ पहुंचने का अनुमान है। यानी लगभग दोगुना इजाफा हुआ है।

ग्रामीण भारत (Rural India) बना गेमचेंजर:



  • 2019 में गांव के यूजर्स (26.4 करोड़) शहरों (30.9 करोड़) से पीछे थे। लेकिन 2022 में पलटवार हुआ।
  • गांव के यूजर्स (39.9 करोड़) शहरों (36.0 करोड़) से आगे निकल गए।
  • 2025 तक गांवों में 54.8 करोड़ यूजर्स होंगे, जो डिजिटल इंडिया की असली ताकत है।

शहरी मार्केट में स्थिरता (Urban Saturation):



  • शहरों में इंटरनेट यूजर्स बढ़ तो रहे हैं, लेकिन रफ्तार थोड़ी धीमी है (30.9 करोड़ से 41.0 करोड़ तक)।
  • इसका मतलब है कि शहरों में लगभग हर हाथ में अब इंटरनेट पहुंच चुका है।

2024 का बड़ा लैंडमार्क:



  • साल 2024 में कुल इंटरनेट यूजर्स की संख्या 88.6 करोड़ तक पहुंच गई।
  • इसमें आधे से ज्यादा हिस्सा (48.8 करोड़) सिर्फ ग्रामीण इलाकों का रहा।

2026 के अंत तक भारत 100 करोड़ यूजर्स का जादुई आंकड़ा पार करने के लिए तैयार है। ये आंकड़ा बताता है कि डिजिटल साक्षरता अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रही है।



95 percent of villages in the country have internet facility says Center: देश के 95 प्रतिशत गांवों


ऑनलाइन शॉपिंग में आगे है शहर

भले ही गांवों में यूजर्स ज्यादा हों, लेकिन ऑनलाइन शॉपिंग में अभी भी शहर आगे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 56% शहरी यूजर अपनी जरूरतों का सामान इंटरनेट के जरिए मंगाते हैं।



वहीं, गांवों में केवल 10% लोग ही अभी ऑनलाइन शॉपिंग का पूरी तरह फायदा उठा रहे हैं। हालांकि, 20% यूजर्स ऐसे हैं जो एक से ज्यादा डिवाइस पर इंटरनेट चलाते हैं।



ये आंकड़ा बताता है कि अब इंटरनेट केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक जरूरत बन गया है। एजुकेशन से लेकर बैंकिंग तक, सब कुछ अब मोबाइल की स्क्रीन पर सिमट आया है।



ai


क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि साल 2026 में भारत 100 करोड़ इंटरनेट यूजर्स(गांवों में ब्राडबैंड इंटरनेट कनेक्शन) वाला देश बन सकता है। साल 2019 में जहां केवल 57.4 करोड़ यूजर्स थे, वहां आज हम एक अरब(rural areas) के करीब हैं। हालांकि, अब धीरे-धीरे इंटरनेट की ग्रोथ रेट में थोड़ी कमी देखने को मिल रही है।



ये स्वाभाविक है क्योंकि अब देश की एक बहुत बड़ी आबादी पहले से ही ऑनलाइन (Internet service)है। अब फोकस इंटरनेट सोर्स की स्पीड और बेहतर कनेक्टिविटी पर दिया जा रहा है ताकि अंतिम छोर तक नेटवर्क पहुंचे।



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