भारत में स्टार्टअप्स के लिए बड़ी खुशखबरी, 10 हजार करोड़ के फंड को मिली मंजूरी

सरकार का फैसला वेंचर कैपिटल जुटाने का है। यह डीप टेक और इनोवेटिव मैन्युफैक्चरिंग स्टार्टअप को समर्थन देगा। यह स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत फंड ऑफ फंड्स योजना का दूसरा फेज है। पहला फेज 2016 में स्थापित किया गया था।

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Sandeep Kumar
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News in Short

  • सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपए के स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 को मंजूरी दी।
  • योजना का उद्देश्य वेंचर कैपिटल जुटाना और टेक आधारित स्टार्टअप्स को समर्थन देना है।
  • डीप टेक और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों पर फोकस रहेगा, जो उच्च तकनीक वाले हैं।
  • छोटे शहरों और दूरदराज इलाकों में इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए फंडिंग दी जाएगी।
  • यह फंड भारत को वैश्विक इनोवेशन हब बनाने में मदद करेगा और रोजगार के अवसर बढ़ाएगा।

News in Detail

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट बैठक में स्टार्टअप सेक्टर को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया। सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपए के फंड के साथ स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य वेंचर कैपिटल जुटाना और तकनीक आधारित स्टार्टअप को समर्थन देना है। यह स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत फंड ऑफ फंड्स (एफओएफ) योजना का दूसरा फेज है। पहला फेज 2016 में शुरू किया गया था।

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स्टार्टअप्स का विकास तेज

इस योजना का उद्देश्य घरेलू निवेश बढ़ाना और वेंचर कैपिटल इकोसिस्टम को मजबूत करना है। सरकार चाहती है कि इससे स्टार्टअप्स का विकास तेज हो। यह पहल स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम का हिस्सा है।

2016 में शुरू हुई इस पहल के बाद स्टार्टअप इकोसिस्टम बढ़ा है। 2016 में 500 से कम स्टार्टअप थे, अब 2 लाख से ज्यादा हैं। अनुमान है कि 2025 तक नए स्टार्टअप रजिस्ट्रेशन की रिकॉर्ड संख्या होगी।

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मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस

स्टार्टअप इंडिया FoF 2.0 भारतीय इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए है। इस फंड के तहत लक्षित और चरणबद्ध फंडिंग दी जाएगी। डीप टेक और टेक्नोलॉजी आधारित मैन्युफैक्चरिंग (Manufacturing ) पर फोकस रहेगा।

हाई-टेक और एडवांस टेक्नोलॉजी वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे प्रोजेक्ट्स को लंबी अवधि के निवेश की जरूरत होती है। शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को आर्थिक मदद दी जाएगी। इसका उद्देश्य फंड की कमी से जोखिम को कम करना है।

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हर जगह इनोवेशन को मौका

इस योजना का उद्देश्य निवेश को बड़े मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रखना है। फंडिंग छोटे शहरों और दूर-दराज इलाकों तक भी पहुंचानी है। इससे हर जगह इनोवेशन को मौका मिलेगा। यह फंड आत्मनिर्भर भारत और तेज आर्थिक विकास के लिए जरूरी क्षेत्रों में निवेश करेगा। जहां जोखिम ज्यादा है और निजी निवेश कम है, वहां पूंजी की कमी को पूरा किया जाएगा।

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छोटे फंड्स को मिलेगा समर्थन

इस पहल के तहत भारत के वेंचर कैपिटल इकोसिस्टम को मजबूत किया जाएगा। छोटे फंड्स को समर्थन मिलेगा। इससे घरेलू निवेश का माहौल बेहतर होगा। स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 भारत की विकास नीति को बढ़ावा देगा।

यह फंड वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी तकनीक, उत्पाद और समाधान तैयार करने वाले स्टार्टअप्स को समर्थन देगा। इससे आर्थिक ताकत बढ़ेगी, मैन्युफैक्चरिंग क्षमता मजबूत होगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। भारत को वैश्विक इनोवेशन हब बनाने में मदद मिलेगी।

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