पलायन में भारत दुनिया में नंबर-3, जानें रईसों को क्यों पसंद नहीं आ रहा अपना देश?

साल 2025 में 3,500 भारतीय करोड़पतियों ने देश छोड़कर विदेश में बसने का फैसला किया है। रईसों के पलायन के मामले में ब्रिटेन और चीन के बाद भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।

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Anjali Dwivedi
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News In Short

  • 2025 में दुनियाभर के 1.42 लाख करोड़पतियों ने दूसरे देशों की नागरिकता या निवास चुना है।

  • रईसों के वतन छोड़ने के मामले में भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बना है।

  • आर्थिक सुस्ती और टैक्स के बोझ के कारण ब्रिटेन से सबसे ज्यादा पलायन हुआ है।

  • जीरो टैक्स और शानदार लाइफस्टाइल के कारण यूएई अमीरों की पहली पसंद रहा है।

  • राजनीतिक स्थिरता, सुरक्षा और बिजनेस फ्रेंडली टैक्स कानून रईसों के फैसले की बड़ी वजह हैं।

News In Detail

क्या भारत समेत दुनिया के शक्तिशाली देशों से अमीरों का भरोसा डगमगा रहा है? हेनली एंड पार्टनर्स की ताजा रिपोर्ट ने इस सवाल का जवाब दिया है। साल 2025 में दुनियाभर के करीब 1.42 लाख हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल (HNI) यानी करोड़पतियों ने अपना देश छोड़कर दूसरे देशों में बसने का फैसला किया। इस वैश्विक पलायन में भारत की स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि हमारा देश रईसों (अमीरों का पलायन) के पलायन के मामले में दुनिया के टॉप तीन देशों में शामिल हो गया है।

पलायन में ब्रिटेन और चीन के साथ भारत भी रेस में 

रिपोर्ट के मुताबिक, करोड़पतियों के पलायन में पहले नंबर पर ब्रिटेन रहा, जहां से 16 हजार 500 रईसों ने विदाई ली। दूसरे नंबर पर चीन (7,800) और तीसरे स्थान पर भारत (3,500) है। भारत से इतनी बड़ी संख्या में धनकुबेरों का जाना इकनोमिक एक्सपर्ट्स के लिए चर्चा का विषय बन गया है। इसके अलावा दक्षिण कोरिया (2,400), रूस (1,500) और ब्राजील (1,200) जैसे देशों से भी अमीरों ने अपना बोरिया-बिस्तर समेटा है।

जहां से करोड़पतियों ने पलायन किया

देश जहां से पलायन कियाकरोड़पतियों की संख्या
ब्रिटेन16,500
चीन7,800
भारत3,500
द. कोरिया2,400
रूस1,500
ब्राजील1,200

जिन देशों में करोड़पति जाकर बसे

देश जहां बसेकरोड़पतियों की संख्या
अमेरिका17,500
यूएई (दुबई)9,800
इटली3,600
स्विट्जरलैंड3,000
सऊदी अरब2,400
सिंगापुर1,600

आखिर रईसों को क्यों भा रहे दूसरे देश? 

करोड़पतियों के इस फैसले के पीछे कई गहरे कारण हैं। रिपोर्ट बताती है कि सख्त टैक्स नीतियां, राजनीतिक अस्थिरता और बिजनेस के लिए कठिन माहौल अमीरों को पलायन के लिए मजबूर कर रहे हैं। रईस ऐसे देशों की तलाश में हैं जहां बेहतर लाइफस्टाइल, सुरक्षा और टैक्स में राहत मिले। ब्रिटेन में बढ़ता टैक्स बोझ और कमजोर आर्थिक प्रदर्शन इसकी मुख्य वजह माना जा रहा है। वहीं, भारत के मामले में भी बेहतर वैश्विक पहुंच और सुगम व्यावसायिक नियमों की तलाश अहम है।

दुबई और अमेरिका बने पसंदीदा ठिकाने 

जहां एक तरफ देश छोड़ने वालों की लिस्ट लंबी है, वहीं कुछ देश ऐसे भी हैं जो इन धनकुबेरों के लिए जन्नत साबित हो रहे हैं। संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE अपनी जीरो इनकम टैक्स नीति के कारण नंबर वन बना हुआ है। पिछले साल 9 हजार 800 अमीरों ने दुबई को अपना नया घर बनाया। इसके बाद 17 हजार 500 रईसों को आकर्षित कर अमेरिका दूसरे नंबर पर रहा। इटली, स्विट्जरलैंड, सिंगापुर और सऊदी अरब जैसे देशों ने भी अपनी उदार नीतियों से दुनिया के रईसों को जमकर लुभाया।

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