Grow, meesho, Razorpay भारत लौटने को बेताब, विदेश से अपना सामान समेट रहीं ​कंपनियां

पाइन लैब्स, ग्रो, मीशो, रेजरपे, जेप्टो और उड़ान जैसे दर्जनों स्टार्टअप कंपनियों ने घर वापसी की तैयार कर ली है।इसकी सबसे बड़ी वजह भारत का बड़ा ग्राहक बाजार होना है। ये कंपनियां जल्द ही भारत से ऑपरेशन शुरू कर देगी।

author-image
Aparajita Priyadarshini
New Update
ghdfh
Listen to this article
0.75x 1x 1.5x
00:00 / 00:00

नई दिल्ली. 

एक के बाद एक तमाम Startup घर वापसी कर रहे हैं। स्टार्टअप कंपनियां भारतीय बाजार पर फोकस करते हुए अपने कारोबार को बढ़ाना चाहती हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह भारत का बड़ा ग्राहक बाजार होना है। पूरी दुनिया की नजर भारत पर है। 

कई कंपनियों ने घर वापसी की तैयार कर ली है। नियम कहता है कि विदेश से भारत लौटना इन स्टार्टअप्स के लिए मुश्किल भरा राह है। स्टार्टअप्स को पूरी प्रोसेस में 9 महीने से 36 महीने यानी तीन साल तक का वक्त लग सकता है। 

ये भी पढ़ें...

छिंदवाड़ा में परिवार के 8 सदस्यों को युवक ने कुल्हाड़ी से काटा और खुद लगा ली फांसी

स्टार्टअप्स विदेश क्यों गए थे? 

ज्यादा फंडिंग, कारोबार में बढ़त और टैक्स में मिलने वाली छूट के फेर में कई भारतीय स्टार्टअप्स ( indian startups) ने अमेरिका, सिंगापुर जैसे देशों में अपना बेस सेटअप कर लिया है। अब कई स्टार्टअप्स स्वदेश लौटने की तैयारी कर रहे हैं।

स्वदेश लौटने की राह आसान नहीं

 कैपिटल फर्म्स का मानना है कि इन कंपनियों को दोबारा भारत लौटना बेहद खर्चीला और मुश्किल भरा है, क्योंकि कंपनियों अमेरिका जैसे देशों में टैक्स चुकाना होगा। वतन वापसी की प्रक्रिया भी लंबी है। कंपनियों को कई मुद्दे सुलझाने होंगे। लिहाजा, यह प्रोसेस आसान नहीं है। ग्रो एक साल से अपना कारोबार भारत शिफ्ट करने की तैयारी में है। अब तक सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी नहीं हुई हैं। वहीं, फ्लिपकार्ट अपनी पेरेंट कंपनी को सिंगापुर से वापस भारत शिफ्ट करने के लिए स्टेकहोल्डर्स से बातचीत कर रही है। इसी तरह इरुडिटस सिंगापुर से भारत आने के लिए सभी खर्च और प्रक्रियाओं का आकलन करा रही है। 

ये भी देखें...

उधार देकर फंस गए हैं तो करें ये काम, मिलेगा पूरा पैसा | #short

कौन-कौन सी कंपनियां कतार में 

1. ग्रो: हर्ष जैन कंपनी 'ग्रो' में ग्रोथ और बिजनेस हेड हैं। ग्रो से पहले, हर्ष फ्लिपकार्ट में उत्पाद प्रबंधन टीम का हिस्सा थे। अब कंपनी ने अमरीकी यूनिट से भारतीय एंटिटि में अपने शेयरहोल्डिंग को ट्रांसफर करने का काम पूरा कर लिया है। बाकी प्रोसेस पूरी की जा रही हैं।

2. रेजरपे: कंपनी अपनी री—स्ट्रक्चरिंग पर तेजी से काम कर रही है। कंपनी की भारतीय और विदेशी इकाई सिंगल लोकल होल्डिंग कंपनी के अधीन होगी। 

3. पाइन लैब्सः सिंगापुर कोर्ट ने पाइन लैब्स को खुद को अपनी भारतीय यूनिट में मर्ज करने की मंजूरी मिल गई है। कंपनी तेजी से आगे की प्रक्रिया पूरी करने में जुटी है। उम्मीद है कि जल्द ही सभी डॉक्यूमेंटेशन पूरा हो जाएगा। 

4. मीशोः मार्केटिंग चैन कंपनी मीशो स्वदेश आने के लिए बेताब है। कंपनी फंड जुटा रही है, ताकि विदेश में अपनी टैक्स देनदारी चुकाकर घर वापसी की जा सके। meesho

5. उड़ानः विदेश से भारत आने के खर्च और कानूनी प्रक्रियाओं का आकलन किया जा रहा है। कर्मचारियों को भी वस्तुस्थिति की जानकारी दे दी गई है। udaaan

6. जेप्टोः जेप्टो शेयर स्वैप यानी कैश के बदले शेयरों की अदला-बदली के जरिए भारत वापसी की तैयारी कर रही है। देखना होगा कि यह काम कब तक पूरा होता है, क्योंकि यह प्रोसेस काफी देर में होती है। zepto

thesootr links

 सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

indian startups स्टार्टअप कंपनियां भारतीय स्टार्टअप्स meesho udaaan zepto जेप्टो मीशो रेजरपे